{"_id":"5aa106db4f1c1b8e328b5e68","slug":"women-s-day-special-elected-womnes-can-note-have-there-dignity","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"Women's day: निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को मान मिला पर कमान नहीं ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Women's day: निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों को मान मिला पर कमान नहीं
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 08 Mar 2018 03:18 PM IST
विज्ञापन
विश्व महिला दिवस
जिला पंचायत, क्षेत्र पंचायत से ग्राम पंचायत तक महिलाओं की समुचित भागीदारी का ख्वाब 33 फीसदी आरक्षण के बाद भी कहीं घूंघट की ओट में संकुचाया तो कहीं घरों की देहरी पर ठिठक गया है। निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों में अधिकतर की भूमिका अब भी रबर स्टैंप तक सीमित है।
मान मिलने के बाद भी कमान उनके हाथ नहीं है। कहीं पुत्र तो कहीं पति उनकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिला पंचायत से ग्राम पंचायत तक हालात एक जैसे हैं। महत्वपूर्ण बैठकों में भी महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी नगण्य होती है।
उनके पुत्र और पति नियम न होने के बावजूद इन बैठकों में न सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराते हैं बल्कि उनके नाम और मुहर से बाकायदा प्रस्ताव भी प्रस्तुत करते हैं और भत्ता भी हासिल करते हैं। वाराणसी जिले के सबसे बड़े विकास खंड आराजीलाइन से पांच महिलाएं जिला पंचायत सदस्य हैं।
विज्ञापन
662 महिलाएं ग्राम पंचायत सदस्य और 45 महिलाएं ग्राम प्रधान। 72 महिलाएं क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। प्रतिनिधित्व के लिहाज से मजबूत दखल के बावजूद इक्का-दुक्का को छोड़ अधिकतर महिला जनप्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र के ही लोग नहीं पहचानते।
खोचवा की ग्राम प्रधान खेसरा देवी कहती हैं कि बैठकों में महिलाओं की संख्या बहुत कम होती है। पुरुषों की भीड़ में इक्का-दुक्का महिलाओं को बोलने तक का अवसर नहीं मिल पाता।
विज्ञापन
मान मिलने के बाद भी कमान उनके हाथ नहीं है। कहीं पुत्र तो कहीं पति उनकी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। जिला पंचायत से ग्राम पंचायत तक हालात एक जैसे हैं। महत्वपूर्ण बैठकों में भी महिला जनप्रतिनिधियों की भागीदारी नगण्य होती है।
विज्ञापन
उनके पुत्र और पति नियम न होने के बावजूद इन बैठकों में न सिर्फ उपस्थिति दर्ज कराते हैं बल्कि उनके नाम और मुहर से बाकायदा प्रस्ताव भी प्रस्तुत करते हैं और भत्ता भी हासिल करते हैं। वाराणसी जिले के सबसे बड़े विकास खंड आराजीलाइन से पांच महिलाएं जिला पंचायत सदस्य हैं।
विज्ञापन
662 महिलाएं ग्राम पंचायत सदस्य और 45 महिलाएं ग्राम प्रधान। 72 महिलाएं क्षेत्र पंचायत सदस्य हैं। प्रतिनिधित्व के लिहाज से मजबूत दखल के बावजूद इक्का-दुक्का को छोड़ अधिकतर महिला जनप्रतिनिधियों को उनके क्षेत्र के ही लोग नहीं पहचानते।
खोचवा की ग्राम प्रधान खेसरा देवी कहती हैं कि बैठकों में महिलाओं की संख्या बहुत कम होती है। पुरुषों की भीड़ में इक्का-दुक्का महिलाओं को बोलने तक का अवसर नहीं मिल पाता।
एडीओ पंचायत सुनील सिंह कहते हैं कि बैठकों में प्रतिनिधि भेजने का कोई प्रावधान नहीं है, बावजूद इसके निर्वाचित महिला जनप्रतिनिधियों के पति और पुत्र मनमानी करते हैं।
Trending Videos
अभी अधूरी छूट मिली है...
womens day
.
समाज शास्त्री और शिक्षिका समाज में महिलाओं को अभी पूरी छूट नहीं है। घर-परिवार की पाबंदियां हैं। महिलाएं आगे बढ़-चढ़कर काम करना चाहती हैं। इसके लिए सरकार को भी सख्त प्रावधान करने होंगे और समाज को भी संवेदनशील होना होगा।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उपलक्ष्य में सीओ सदर अंकिता सिंह व रोहनिया प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश गुप्ता ने स्वामी श्रद्धा नंद सरस्वती शिव मूर्ति इंटर कालेज गोविंद पुर के छात्र-छात्राओ को जागरूक किया। सीओ सदर ने कहा कि छात्राओं के साथ अच्छा व्यवहार करने और सुरक्षा करके हम अच्छे समाज का निर्माण अच्छे वातावरण का निर्माण कर सकते हैं।
इस दौरान अपराध एवं उससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही वूमेन पावर नंबर 1090 के बारे में बताया गया।
सीओ सदर ने कहा कि आपको कोई परेशान करें तो निडर होकर वूमेन पावर लाईन-1090 पर फोन करें। आपकी समस्या का समाधान तत्काल होगा। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नारी सुरक्षा से सम्बंधित कई सवाल पूछे।
समाज शास्त्री और शिक्षिका समाज में महिलाओं को अभी पूरी छूट नहीं है। घर-परिवार की पाबंदियां हैं। महिलाएं आगे बढ़-चढ़कर काम करना चाहती हैं। इसके लिए सरकार को भी सख्त प्रावधान करने होंगे और समाज को भी संवेदनशील होना होगा।
अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस उपलक्ष्य में सीओ सदर अंकिता सिंह व रोहनिया प्रभारी निरीक्षक श्री प्रकाश गुप्ता ने स्वामी श्रद्धा नंद सरस्वती शिव मूर्ति इंटर कालेज गोविंद पुर के छात्र-छात्राओ को जागरूक किया। सीओ सदर ने कहा कि छात्राओं के साथ अच्छा व्यवहार करने और सुरक्षा करके हम अच्छे समाज का निर्माण अच्छे वातावरण का निर्माण कर सकते हैं।
इस दौरान अपराध एवं उससे बचाव के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। इसके साथ ही वूमेन पावर नंबर 1090 के बारे में बताया गया।
सीओ सदर ने कहा कि आपको कोई परेशान करें तो निडर होकर वूमेन पावर लाईन-1090 पर फोन करें। आपकी समस्या का समाधान तत्काल होगा। इस दौरान छात्र-छात्राओं ने नारी सुरक्षा से सम्बंधित कई सवाल पूछे।