बारिश में ढहा मकान, घर के अंदर एक सप्ताह कैद रही महिला, जिंदगी-मौत के बीच ऐसे जीती जंग
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उत्तर प्रदेश के बलिया जिले में एक महिला की जान पर बन आई। वह अपने घर में पिछले एक सप्ताह से कैद रही। आखिरकार किसी तरह पुलिस को उसके बारे में पता चला, तो उसकी जान बची। महिला करीब एक सप्ताह तक जिंदगी और मौत के बीच जूझती रही।
बलिया जिले के उभांव थाना क्षेत्र के चंदायर बलीपुर ग्राम में पिछले दिनों अधिक बारिश से ध्वस्त घर के मलबे से मुख्य दरवाजा बंद हो गया, जिससे कच्चे मकान के चारों तरफ से बंद एक कमरे और छोटे हाते के बीच एक महिला छह दिनों से घिरी रही।
आखिरकार गुरुवार को किसी तरह से पीड़िता ने डायल 100 पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने कच्चे मकान के गिरे मलबे को मुख्य दरवाजे से हटवा कर कई दिनों से घर में कैद महिला को सुरक्षित बाहर निकाला। बाहर निकलते ही महिला फूट-फूट कर रोने लगी और पुलिस को सहयोग के लिए धन्यवाद दिया।
बताया जाता है कि देवरिया जिले के बरहज थाना क्षेत्र के मदनपुर की मूल निवासी रजिया खातून बचपन से ही अपने दिवंगत नाना इसफाक अहमद निवासी चंदायर बलीपुर के घर रहती हैं। रजिया के नाना का कोई पुत्र नहीं था, इसलिए नाना ने अपना घर रजिया के नाम कर दिया। चार साल पहले रजिया की नानी के निधन के बाद वह घर में अकेले रहने लगी।
इस बीच 22 जून को हुई मूसलाधर बारिश में रजिया का घर पूरी तरह से ढह गया, जिससे वह एक कमरे में कैद हो गई। कमरे के चारों ओर गिरे घर के मलबे से मुख्य दरवाजा बंद हो गया, जिससे रजिया कमरे में चारों ओर से घिर गई। इस दौरान किसी ग्रामीण का ध्यान उसकी ओर नहीं गया और वह छह दिनों तक कमरे में घिरी रही।
गुरुवार को रजिया के घर के पास गुजर रहे किसी ग्रामीण को शंका हुई तो उसने पुलिस को खबर दी। सूचना पाकर पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच रजिया ने कमरे के एक छोटे छिद्र से पुलिस को वस्तु स्थिति से अवगत कराया।
पुलिस ने मलबे में दबे घर के मुख्य दरवाजे के रास्ते को साफ कराने के बाद महिला को सुरक्षित घर से बाहर निकाला। बाहर निकलने के बाद कई दिनों से घर में कैद महिला ने राहत की सांस ली।