पत्नी ने ली पति की जान: शराब में नींद की गोली मिलाई, फिर दुपट्टे से कसा गला, जीजा संग वारदात को दिया अंजाम
जीजा संग रहने की चाहत में दो बच्चों की मां ने अपने ही पति की हत्या कर दी। जीजा इस काम में मददगार बना। कार में वारदात के वक्त दोनों बच्चे मौजूद थे। हालांकि वो सो रहे थे।पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।
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वाराणसी के सीरगोवर्धनपुर निवासी अनिल यादव (33) को शराब में नींद की गोली मिला कर पिलाने के बाद दुपट्टे से गला कसकर उसकी हत्या कर दी गई। अनिल की हत्या करने के बाद उसका शव कार से ले जाकर चंदौली जिले के अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित सिंघी ताली पुलिया के समीप नाले में फेंक दिया गया। वारदात में अनिल की पत्नी अनीता और उसके चचेरे साढ़ू भदोही के औराई क्षेत्र के जयरामपुर गांव निवासी सुरेंद्र यादव उर्फ नन्हकू को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, वारदात की वजह अनीता और सुरेंद्र के बीच अवैध संबंध है।
बीएचयू से सटे सीरगोवर्धनपुर का रहने वाला अनिल छह भाइयों और दो बहनों में पांचवें नंबर का था। वह अपने घर के समीप स्थित एक नर्सिंगहोम में केयरटेकर का काम करता था। छह साल की बेटी और तीन साल के बेटे के पिता अनिल की शादी वर्ष 2013 में चंदौली के बौरी गांव की अनीता के साथ हुई थी।
ऐसे हुआ सच का खुलासा
अनीता बीते 10 जून को मायके गई थी। 16 जून को अनीता और बच्चों को लाने के लिए अनिल बौरी गांव गया। ऑटो से वह पत्नी और बच्चों को लेकर घर आया। सामान रखने के बाद वह पत्नी और बच्चों के साथ दवा लेने जाने की बात कह कर ऑटो से फिर निकला।
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रात में अनीता बच्चों के साथ घर पहुंची और परिजनों को बताई कि अनिल उसे छोड़ कर कहीं गया है। इसके बाद अनिल का पता नहीं लगा। इधर, परिजनों ने अनिल की खोजबीन शुरू की, लेकिन उसके बारे में कहीं कोई जानकारी नहीं मिली। 19 जून को भाई दिलीप ने लंका थाने में अनिल की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई।
पुलिस ने अनिल की पत्नी अनीता से पूछताछ की तो बार-बार उसके बदलते बयान से उस पर शक गहराता चला गया। अनीता और उसके चचेरे बहनोई सुरेंद्र यादव उर्फ नन्हकू से पुलिस ने अनिल के संबंध में कड़ाई से पूछताछ करने के साथ ही सर्विलांस की मदद से तीनों के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड खंगाली। इस पर वारदात की गुत्थी परत दर परत सुलझती चली गई।
16 जून की रात ही कर दी गई थी हत्या
अनीता ने पुलिस की पूछताछ में बताया कि 16 जून को उसका पति उसे उसके मायके से लेकर सीरगोवर्धनपुर स्थित घर आया। अपने बहनोई सुरेंद्र यादव उर्फ नन्हकू द्वारा बनाई गई योजना के अनुसार उसने घर में सामान रखा। फिर, दवा लेने के नाम पर ऑटो से दोनों बच्चों और पति के साथ घर से निकली। टेंगरा मोड़ पर उसका बहनोई सुरेंद्र यादव उर्फ नन्हकू अपनी कार लेकर खड़ा था। उसी कार में अनिल को शराब में नींद की गोली मिलाकर पिलाई गई। जब वह नशे में हो गया तो कार में ही दुपट्टे में उसका गला कसकर हत्या कर दी गई।
वारदात के दौरान उसके दोनों बच्चे सो रहे थे। फिर, कार से अनिल का शव ले जाकर चंदौली के अलीनगर थाना क्षेत्र स्थित सिंघी ताली पुलिया के समीप नाले में फेंक दिया गया। इसके बाद सुरेंद्र ने कार से अनीता और बच्चों को उसके घर छोड़ दिया। सुरेंद्र और अनीता से मिली जानकारी के आधार पर बुधवार की रात लंका और अलीनगर थाने की पुलिस ने सुरेंद्र का शव और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद की। गुरुवार को अलीनगर थाने की पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा कर अनिल के परिजनों को सौंप दिया।
पति की हत्या के बाद घर में आराम से रह रही थी
अपने बहनोई के साथ मिलकर अनिल की हत्या करने के बाद भी अनीता अपने घर में आराम से रह रही थी। परिवार या मुहल्ले का कोई सदस्य पूछता था तो कहती थी कि पति आ ही जाएंगे, आखिर कहां जाएंगे। परिवार के लोग और पुलिस उनकी खोजबीन कर रही है। गुरुवार को लंका थाने में अनीता गुमसुम बैठी रही।
पुलिस की पूछताछ में उसने कहा कि उसका पति उसे अच्छा नहीं लगता था। मानसिक रूप से भी वह कमजोर प्रतीत होता था। इसलिए वह उससे परेशान थी। बहनोई से उसका गहरा लगाव था और दोनों एक-दूसरे को अच्छे से समझते भी हैं। इसलिए उसे लगा कि पति को रास्ते से हटा देगी तो उसके और बहनोई के बीच में कोई रोड़ा नहीं रह जाएगा।