Varanasi: मंदिर हैं तो फिर लॉन में भैरव पूजन क्यों, काशी विद्वत कर्मकांड न्यास परिषद के अध्यक्ष ने उठाए सवाल
वाराणसी के नरिया स्थित रामनाथ चौधरी लॉन में भैरव पूजन पर काशी विद्वत कर्मकांड न्यास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी ने सवाल उठाए हैं।
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काशी विद्वत कर्मकांड न्यास परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं श्री काशी विश्वनाथ न्यास परिषद के पूर्व अध्यक्ष आचार्य पंडित अशोक द्विवेदी ने कहा कि जब काशी में अष्ट भैरव विराजमान हैं तो ऐसे में रामनाथ चौधरी लॉन में भैरव पूजन का क्या अर्थ है। भैरव की सौ फीट की मूर्ति की स्थापना व पूजा अर्चना करना सनातन पद्धति के विरुद्ध है।
आयोजन करने वाले बताएं कि इस तरह की पूजा का प्रमाण किस धर्म ग्रंथ में उल्लिखित हैं। अशोक द्विवेदी ने अपील की कि सनातन धर्म का सम्मान करें और इसे इवेंट न बनाएं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर जिस तरह से हमारे देवी-देवताओं के स्वरूप का गलत प्रदर्शन किया जा रहा है वह अक्षम्य है।
हमारे देवी-देवता इवेंट के कलाकार नहीं हैं वह हमारे आराध्य हैं। केंद्र व प्रदेश सरकार से मेरी मांग है कि वह इस तरह के कृत्य करने वालों पर सख्त कार्रवाई करें। ताकि आगे ऐसा करने पहले कोई भी सोचे।
काशी विश्वनाथ मंदिर में सुप्रभातम के प्रसारण का समर्थन
अशोक द्विवेदी ने गुरुवार को रवींद्रपुरी स्थित आवास पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में सुप्रभातम के प्रसारण का समर्थन किया है। उन्होंने कहा कि यह बहुत अच्छा कार्य है, लेकिन इसका प्रसारण ब्रह्म मुहूर्त में होना चाहिए। इसका निर्णय काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास के अध्यक्ष करें। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मांग की कि काशी को पवित्र नगरी घोषित कर असि व वरुणा के बीच मांस, मदिरा पर पूर्ण प्रतिबंध लगाएं।