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Varanasi: मणिकर्णिका रामलीला में भगवान राम से मिले भरत तो छलकी आंखें, यादव बंधुओं के कंधे पर निकली शोभायात्रा
Wed, 13 Nov 2024 11:57 PM IST
नितीश कुमार पांडेय
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी
Published by: नितीश कुमार पांडेय
Updated Wed, 13 Nov 2024 11:57 PM IST
सार
मणिकर्णिका घाट पर होने वाली रामलीला में भगवान राम चौदह वर्ष के वनवास को काटकर वापस आए तो भक्तों की आंख छलक उठी। यादव बंधुओं ने चारों भाइयों की शोभायात्रा को कंधे पर उठाया जो सबके आकर्षण का केंद्र बना।
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मणिकर्णिका रामलीला के पात्र
- फोटो : Amar Ujala
विस्तार
श्री मणिकर्णिका रामलीला समिति की ओर से बुधवार की रात को भरत मिलाप की लीला चौक थाने के सामने हुई। चौदह वर्ष के वनवास के बाद भगवान राम को देखकर भरत उनसे गले मिलने के लिए दौड़ पड़े। चारों भाई जब आपस में गले मिले तो श्रद्धालुओं की आंखें छलक उठी।
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बुधवार की रात भगवान राम मणिकर्णिका घाट से यादव बंधु के कंधों पर रथ पर सवार होकर चौक थाने पर पहुंचे। भरत मिलाप होने के बाद यादव बंधु कंधे पर रथ लेकर चारों भाइयों को लेकर निकले। शोभायात्रा दालमंडी, छत्ता तले, गोविंदपुरा, चौक, मुक्ति द्वार, कचौड़ी गली, ब्रह्मनाल होते हुए कपूरिया गली में पहुंचकर समाप्त हुई।
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