वाराणसी में लक्ष्य से 180 फीसदी अधिक हुई गेहूं की खरीद, खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में कमिश्नर ने दी जानकारी
वर्चुअल माध्यम से आयोजित मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में लखनऊ से कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, कृषि, सिंचाई, विद्युत, नहर, ट्यूबेल आदि के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया। इसमें वाराणसी कमिश्नर ने बताया कि वाराणसी में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है।
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वाराणसी जिले में लक्ष्य से 180 फीसदी अधिक गेहूं की खरीद हुई है। खरीद का 68 फीसदी भुगतान भी किसानों को उनके खातों में हो चुका है। शेष की भुगतान प्रक्रिया जारी है। उक्त जानकारी सोमवार को मंडलीय खरीफ उत्पादकता गोष्ठी में कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने दी।
वर्चुअल माध्यम से आयोजित इस गोष्ठी में लखनऊ से कृषि उत्पादन आयुक्त, अपर मुख्य सचिव कृषि, उद्यान, पशुपालन, मत्स्य, कृषि, सिंचाई, विद्युत, नहर, ट्यूबेल आदि के उच्चाधिकारियों ने हिस्सा लिया। कमिश्नर ने बताया कि वाराणसी में कृषि उत्पादों के निर्यात को बढ़ावा दिया जा रहा है। गत दो-तीन वर्षों में वाराणसी एयरपोर्ट से सब्जी, फल शारजाह व विभिन्न खाड़ी देशों में भेजे गए।
एयरपोर्ट पर ही कोल्ड स्टोरेज की व्यवस्था की गई है। राजातालाब में स्थापित पेरिशेबल कार्गो सेंटर के पास पैकहाउस बनाए जा रहे हैं। आठ एफपीओ को निर्यात का लाइसेंस दिया गया जो सीधे बनारस एयरपोर्ट से अन्य देशों को निर्यात कर सकेंगे। इस व्यवस्थाओं और सहूलियत से किसानों को सीधा लाभ हो रहा है। बनारस में मत्स्य उत्पादन की संभावना की दृष्टि से क्षेत्रफल व उत्पादकता बढ़ रहा है।
जिलाधिकारी कौशल राज शर्मा ने खरीद उत्पादकता हेतु जनपद में की गई तैयारियों को बताया। कहा कि खाद, बीज, कृषि यंत्रों की उपलब्धता, किसान सम्मान निधि का वितरण आदि किया गया है। चिरईगांव के किसान संतोष कुमार ने ढैचा की बुवाई कर उससे हरी खाद बनाने फिर उसमें धान की बुवाई करने का अपनी जैविक खेती कार्य को बताया। गोष्ठी में किसानों के लिए लाभकारी कई सारी योजनाओं की जानकारी और सुझाव दिए गए।