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चाहे जो हो, मूर्ति विसर्जन गंगा में ही
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 29 Sep 2015 01:59 AM IST
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लाठीचार्ज की घटना के बाद सोमवार की शाम पहली बार एकजुट हुईं पूजा समितियों ने गंगा में मूर्ति विसर्जन के सवाल पर आरपार के संघर्ष का बिगुल फूंक दिया। केंद्रीय दुर्गा पूजा समिति के बैनर तले तीन सौ से अधिक समितियों के प्रतिनिधियों ने साधु-संतों की मौजूदगी में गंगा में ही मूर्ति विसर्जन का एलान कर दिया। पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने एक स्वर से कहा कि प्रशासन का फैसला उन्हें मंजूर नहीं है। धर्म-परंपरा की रक्षा के सवाल पर अब लाठी-गोली भी खाने के लिए काशी के लोग तैयार हो गए हैं। इस रणनीति के तहत पहली अक्तूबर को मैदागिन से दशाश्वमेध घाट तक संतों-भक्तों की ओर से सनातन संस्कृति रक्षा संकल्प यात्रा निकाली जाएगी। महापंचायत में महंत बालक दास को आंदोलन की कमान सौंपने के साथ ही उन्हें केंद्रीय पूजा समिति का संयोजक बनाया गया जबकि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद को समिति का मुख्य संरक्षक बनाया गया।
गोदौलिया चौराहे पर 22 सितंबर की रात लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल महंत बालक दास के पातालपुरी मठ में सोमवार को पहली बार केंद्रीय पूजा समिति की अगुवाई में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर समितियों के प्रतिनिधि जुटे। शाम पांच से रात साढ़े आठ बजे तक चली महापंचायत में साधु-संतों के अलावा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने गंगा में ही मूर्ति विसर्जन करने का फैसला लिया। केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि काशी की परंपरा को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। जरूरत
पड़ी तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। प्रशासन अगर अपनी हठधर्मिता से छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ तो काशी की जनता जवाब देगी। इसके लिए लोगों से हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया। महंत बालक दास ने कहा कि पुलिस के पास जितनी लाठी-गोली है, उसका सामना साधु-संत करने के लिए तैयार हैं। मूर्ति विसर्जन अब गंगा में ही होकर रहेगा। जिले और शहर की पांच सौ से अधिक समितियां इसके लिए एकजुट हैं और वे इसका जवाब देंगी। प्रशासन संतों पर
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लाठी चलाकर काशी की जनता की आवाज नहीं दबा सकता। इस मौके पर महंत गोविंद दास, महंत सत्यभूषण दास, महंत रामदास, महंत सुखदेव दास, महंत अवध किशोर दास, महंत सिया वल्लभ शरण, महंत वैदेही शरण, गुर्जर छात्र सहायक समिति के प्रबंधक अनिल शास्त्री, संत विजय रामदास, विहिप के संगठन मंत्री दिवाकर, भाजपा नेता दयाशंकर मिश्र दयालु, नवसंघ के अध्यक्ष असित दास, गौरव प्रकाश, चंद्रभूषण शुक्ला, पंकज अग्रवाल, आनंद सिंह, अर्जुन माझी, अंबरीश सिंह, राजन तिवारी, राकेश रंजन समेत तमाम लोग उपस्थित थे।
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गोदौलिया चौराहे पर 22 सितंबर की रात लाठीचार्ज में गंभीर रूप से घायल महंत बालक दास के पातालपुरी मठ में सोमवार को पहली बार केंद्रीय पूजा समिति की अगुवाई में दुर्गा प्रतिमाओं के विसर्जन पर समितियों के प्रतिनिधि जुटे। शाम पांच से रात साढ़े आठ बजे तक चली महापंचायत में साधु-संतों के अलावा पूजा समितियों के प्रतिनिधियों ने गंगा में ही मूर्ति विसर्जन करने का फैसला लिया। केंद्रीय समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि काशी की परंपरा को किसी भी कीमत पर टूटने नहीं दिया जाएगा। जरूरत
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पड़ी तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जाएगा। प्रशासन अगर अपनी हठधर्मिता से छोड़ने के लिए तैयार नहीं हुआ तो काशी की जनता जवाब देगी। इसके लिए लोगों से हर स्तर पर संघर्ष के लिए तैयार रहने का आह्वान किया गया। महंत बालक दास ने कहा कि पुलिस के पास जितनी लाठी-गोली है, उसका सामना साधु-संत करने के लिए तैयार हैं। मूर्ति विसर्जन अब गंगा में ही होकर रहेगा। जिले और शहर की पांच सौ से अधिक समितियां इसके लिए एकजुट हैं और वे इसका जवाब देंगी। प्रशासन संतों पर
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लाठी चलाकर काशी की जनता की आवाज नहीं दबा सकता। इस मौके पर महंत गोविंद दास, महंत सत्यभूषण दास, महंत रामदास, महंत सुखदेव दास, महंत अवध किशोर दास, महंत सिया वल्लभ शरण, महंत वैदेही शरण, गुर्जर छात्र सहायक समिति के प्रबंधक अनिल शास्त्री, संत विजय रामदास, विहिप के संगठन मंत्री दिवाकर, भाजपा नेता दयाशंकर मिश्र दयालु, नवसंघ के अध्यक्ष असित दास, गौरव प्रकाश, चंद्रभूषण शुक्ला, पंकज अग्रवाल, आनंद सिंह, अर्जुन माझी, अंबरीश सिंह, राजन तिवारी, राकेश रंजन समेत तमाम लोग उपस्थित थे।