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आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक क्षेत्रों का निजीकरण जरूरी : हरिवंश
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राज्यसभा सांसद और पूर्व उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता के लिए सार्वजनिक क्षेत्र का निजीकरण करना आवश्यक है। उनमें भ्रष्टाचार और अनैतिक कार्यों से विकास यात्रा बाधित हो रही थी, जिसको दूर करने के लिए अब उनका निजीकरण किया जा रहा है। वह शनिवार को महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ के पं. दीनदयाल उपाध्याय शोध पीठ एवं राष्ट्रीय सेवा योजना के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित वेबिनार को संबोधित कर रहे थे।
भारतीय अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भरता एक समाधान विषयक वेबिनार को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि बहुत सारे क्षेत्र ऐसे है जिसमें हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। हर खेत को पानी, हर हाथ को काम से ही अर्थव्यवस्था विकसित होगी। छात्रों तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि आज का समय ज्ञान तथा तकनीक का है अत: हम इन्हें आत्मसात कर के ही आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे वर्तमान सरकार द्वारा प्रयासों का समर्थन कर विद्यापीठ जनांदोलन का रूप देने में महती भूमिका अदा कर एक प्रतिमान स्थापित करने में आगे रहेगा।
अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ होता है कि पहले आप खुद की समृद्धि करें। विदेश नीति विशेषज्ञ डॉ. पुष्पेंद्र पी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान डॉ. के के सिंह, प्रो. निरंजन सहाय, डॉ. पारिजात सौरभ, डॉ. ऊर्जस्विता सिंह, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. मोनिका सरोज, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. शशिकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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भारतीय अर्थव्यवस्था आत्मनिर्भरता एक समाधान विषयक वेबिनार को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि बहुत सारे क्षेत्र ऐसे है जिसमें हम आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहे हैं। हर खेत को पानी, हर हाथ को काम से ही अर्थव्यवस्था विकसित होगी। छात्रों तथा प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए उन्होंने आह्वान किया कि आज का समय ज्ञान तथा तकनीक का है अत: हम इन्हें आत्मसात कर के ही आत्मनिर्भरता प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भरता के लिए किए जा रहे वर्तमान सरकार द्वारा प्रयासों का समर्थन कर विद्यापीठ जनांदोलन का रूप देने में महती भूमिका अदा कर एक प्रतिमान स्थापित करने में आगे रहेगा।
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अध्यक्षता करते हुए कुलपति प्रो. टीएन सिंह ने कहा कि आत्मनिर्भरता का अर्थ होता है कि पहले आप खुद की समृद्धि करें। विदेश नीति विशेषज्ञ डॉ. पुष्पेंद्र पी सिंह ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान डॉ. के के सिंह, प्रो. निरंजन सहाय, डॉ. पारिजात सौरभ, डॉ. ऊर्जस्विता सिंह, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. चंद्रशेखर सिंह, डॉ. अवधेश सिंह, डॉ. मोनिका सरोज, डॉ. राकेश तिवारी, डॉ. शशिकांत वर्मा आदि मौजूद रहे।
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