बारिश: उमस से राहत, जलभराव बनी आफत, दो दिन और ऐसे ही मौसम रहने के आसार
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पिछले सप्ताह तीन दिन तक लगातार बारिश के बाद धूप हुई तो लोग राहत महसूस कर रहे थे। इस बीच बुधवार को एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। शाम करीब छह बजे गरज चमक के साथ शुरू हुई बारिश ने लोगों को उमस से राहत तो दी लेकिन शहर में कई जगहों पर जलभराव से लोगों को मुसीबतों का सामना करना पड़ा। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय के मुताबिक अभी दो दिन ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है।
इस सीजन के शुरूआती दिनों में किसान बारिश न होने से परेशान थे। इसके बाद जुलाई के दूसरे सप्ताह और अगस्त के अंतिम सप्ताह में लगातार दो-तीन दिन ऐसी बारिश हुई कि किसान बहुत खुश दिखे। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक जून से लेकर अब तक इस सीजन में 500 मिलीमीटर से अधिक की बारिश हो चकी है।
सितंबर महीने में भी अच्छी बारिश हुई। पिछले सप्ताह तो तीन दिन में ही 200 मिलीमीटर तक बारिश रिकार्ड किया गया। इसके बाद मौसम साफ हो गया था और जहां जल भराव था, वहां से भी पानी कम होने लगा था।
इस बीच बुधवार शाम तेज बारिश होने के बाद नदेसर, अंधरापुल, लहुराबीर, गोदौलिया, नई सड़क, काली महाल, भेलूपुर, पितरकुंडा सहित अन्य इलाकों में सड़कों पर इतना पानी लग गया कि बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि दक्षिणी मध्य प्रदेश में लो प्रेशर एरिया बना हुआ है, इस वजह से नमी बढ़ी है। फिलहाल दो दिन तक ऐसे ही मौसम रहने के आसार है।
वापस हुए लाग विमान, रामलीला स्थगित
बुधवार शाम हुई झमाझम बारिश की वजह से शिवानगर और हुकुलगंज में होने वाली नक्कटैया को स्थगित कर दिया गया। इस वजह इसमें निकलने वाले लाग विमान भी वापस लौट गए। उधर बारिश का ही असर रहा कि जिले में कई जगहों पर रामलीलाएं भी स्थगित करनी पड़ी।