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वाराणसी: गंगा का जलस्तर पहुंचा 61.36 मीटर, तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ाव जारी
Fri, 30 Jul 2021 01:19 AM IST
उत्पल कांत
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: उत्पल कांत
Updated Fri, 30 Jul 2021 01:19 AM IST
सार
सावन की शुरुआत के साथ मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शुरू हुई बरसात से बनारस में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 28 जुलाई को गंगा का जलस्तर 59.69 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे 60.48 मीटर तक पहुंच गया।
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वाराणसी में गंगा का बढ़ा जलस्तर।
- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
मैदानी और पहाड़ी क्षेत्रों में बरसात के कारण बनारस में भी गंगा का जलस्तर बढ़ने लगा है। अस्सी से राजघाट के बीच की नीचे की मढ़ियां और छोटे मंदिरों में गंगा प्रवेश कर गई हैं। पिछले 24 घंटे से तीन सेंटीमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से बढ़ोतरी हो रही है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार, बृहस्पतिवार को गंगा का जलस्तर शाम को छह बजे 61.36 मीटर दर्ज किया गया।
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पिछले 24 घंटे में गंगा के जलस्तर में 88 सेंटीमीटर की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई है। आषाढ़ में 13 से 25 जून तक हुई बरसात के दौरान गंगा का जलस्तर 60 मीटर से ऊपर चला गया था। इसके बाद से बरसात नहीं होने से जलस्तर कम होने लगा था। यह 58 मीटर तक पहुंच गया था।
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सावन की शुरुआत के साथ मैदानी और पहाड़ी इलाकों में शुरू हुई बरसात से बनारस में गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 28 जुलाई को गंगा का जलस्तर 59.69 मीटर था, जो बृहस्पतिवार को सुबह आठ बजे 60.48 मीटर तक पहुंच गया। मिर्जापुर में गंगा का जलस्तर 66.87 मीटर, गाजीपुर में 53.54 मीटर और बलिया में 53.53 मीटर था।
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जून में बना बारिश का रिकार्ड, जुलाई में गिरा ग्राफ
जून महीने में समय से पहले मानसून के आने के बाद जुलाई के अंतिम सप्ताह में बारिश हुई, लेकिन अब जब महीना बीतने को है तब भी औसत की आधी बारिश भी अब तक नहीं हो पाई है। मौसम विभाग की ओर से बनाए गए मानक के अनुसार जुलाई महीने में 299 मिलीमीटर बारिश होनी चाहिए लेकिन अब तक इस महीने केवल 120 से 130 मिलीमीटर बारिश ही हो सकी है।
जून में औसत 114 मिलीमीटर के मुकाबले 250 से अधिक मिलीमीटर बारिश हुई। इसके साथ ही पिछले साल की बारिश का रिकार्ड भी टूट गया था। पिछले सप्ताह तेज धूप, उमस के बाद इस सप्ताह पिछले तीन दिन से रुक रुककर बारिश होते रहने की वजह से मौसम खुशनुमा हो गया है। इधर तापमान में भी कमी आती जा रही है।
बृहस्पतिवार को भी सुबह बूंदाबांदी होने के बाद दिन में भी नम हवाओं के चलते रहने के साथ ही बादलों की आवाजाही जारी रही। इस वजह से दिन में धूप होने के बाद भी उसका असर कम रहा। दोपहर बाद नम हवाओं के चलते रहने से लोगों को उमस से राहत जरूर हुई।
जून में औसत 114 मिलीमीटर के मुकाबले 250 से अधिक मिलीमीटर बारिश हुई। इसके साथ ही पिछले साल की बारिश का रिकार्ड भी टूट गया था। पिछले सप्ताह तेज धूप, उमस के बाद इस सप्ताह पिछले तीन दिन से रुक रुककर बारिश होते रहने की वजह से मौसम खुशनुमा हो गया है। इधर तापमान में भी कमी आती जा रही है।
बृहस्पतिवार को भी सुबह बूंदाबांदी होने के बाद दिन में भी नम हवाओं के चलते रहने के साथ ही बादलों की आवाजाही जारी रही। इस वजह से दिन में धूप होने के बाद भी उसका असर कम रहा। दोपहर बाद नम हवाओं के चलते रहने से लोगों को उमस से राहत जरूर हुई।
मौसम में बदलाव की वजह से ही तापमान में कमी आती जा रही है। बुधवार को अधिकतम तापमान 32.8 डिग्री सेल्सियस की जगह बृहस्पतिवार को 31 डिगी सेल्सियस रिकार्ड किया गया। न्यूनतम तापमान भी 23.7 से बढ़कर 24.6 पहुंच गया। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि अभी दो तीन दिन तक ऐसे ही मौसम बने रहने की संभावना है।