Water Crisis: खराब पड़े रिबोर से ठीक होगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 10 घर से जुड़ेगा; सुधरेगा जलस्तर
बनारस में पानी की समस्या ठीक करने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से भूजल स्तर को मैनेज किया जाएगा। इसके बाद आगे के रिबोर पर काम शुरू करेंगे।
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जिले में इस बार होने वाली बारिश का पानी सीधे पाताल पहुंचकर वाटर रिचार्ज करेगा। इसकी तैयारियां कर ली गई हैं। करीब छह महीने पहले रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम में बदलने के लिए चिह्नित किए 6900 रिबोर में 1193 रिबोर पर काम शुरू कर दिया है।
एक रिबोर से 9-10 घर जोड़े जा रहे हैं। इस बार बारिश में करीब दस हजार घरों की छतों पर गिरने वाला पानी इन रिबोर के माध्यम से सीधे पाताल में पहुंचेगा। इससे जलस्तर में भी बढ़ोतरी होगी और खराब हुए रिबोर के पुनर्जीवित होने की संभावना भी बढ़ जाएगी। प्रदेश में यह पहला प्रयोग है।
खराब पड़े बोर के पास एक पक्का चैंबर बनाया जा रहा है। इसे विशेषज्ञों की देखरेख में रेन हार्वेस्टिंग के मानक पर तैयार किया जा रहा है। फिर उसी बोर के आसपास के नौ से दस मकान को उससे जोड़ा जा रहा है। जिससे इन घरों पर होने वाली बारिश का पानी सीधे पाताल में चला जाएगा।
सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि आठ ब्लॉक में 1628 स्थानों को चिह्नित किया गया। जिनमें 1193 को रेन हार्वेस्टिंग के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। बताया कि 523 रिबोर पर यह प्रयोग किया जा चुका है।
आराजी लाइन में 40, बड़ागांव में 87, चिरईगांव में 80, चोलापुर में 98, हरहुआ में 27, काशी विद्यापीठ में 49, पिंडरा 72 और सेवापुरी में 70 पूरे हो चुके हैं। बाकी का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। उन्हें भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आगे के रिबोर पर काम शुरू करेंगे।
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इस प्रोजेक्ट से जलस्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। इस प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले इसकी सभी संभावनाओं और चैंबर बनाने पर विशेषज्ञों से बात की गई थी, उसके बाद ही इस पर काम शुरू किया गया। - हिमांशु नागपाल, सीडीओ
यह अद्भुत काम होगा। यदि सभी 6900 रिबोर से मकान जुड़ गए तो जलस्तर के गिरने पर विशेष काम होगा। जो ब्लॉक डार्क जोन में जा चुके हैं, यदि इसी तरह का प्रयोग उन ब्लॉक में किया जाए तो कुछ ही साल में वह ब्लॉक भी डार्क जोन से बाहर आ सकते हैं। - प्रो. पीके मिश्रा, आईआईटी बीएचयू