फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Water Crisis Rain water harvesting system will be fixed with damaged reboring in varanasi

Water Crisis: खराब पड़े रिबोर से ठीक होगा रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम, 10 घर से जुड़ेगा; सुधरेगा जलस्तर

Mon, 05 May 2025 12:37 PM IST
अमन विश्वकर्मा अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: अमन विश्वकर्मा Updated Mon, 05 May 2025 12:37 PM IST
सार

बनारस में पानी की समस्या ठीक करने को लेकर कवायद शुरू हो गई है। रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम से भूजल स्तर को मैनेज किया जाएगा। इसके बाद आगे के रिबोर पर काम शुरू करेंगे।

विज्ञापन
Water Crisis Rain water harvesting system will be fixed with damaged reboring in varanasi
गांव में तैयार कराए जा रहे खबरा रिबोर से रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम। - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

जिले में इस बार होने वाली बारिश का पानी सीधे पाताल पहुंचकर वाटर रिचार्ज करेगा। इसकी तैयारियां कर ली गई हैं। करीब छह महीने पहले रेन हार्वेस्टिंग सिस्टम में बदलने के लिए चिह्नित किए 6900 रिबोर में 1193 रिबोर पर काम शुरू कर दिया है। 

विज्ञापन


एक रिबोर से 9-10 घर जोड़े जा रहे हैं। इस बार बारिश में करीब दस हजार घरों की छतों पर गिरने वाला पानी इन रिबोर के माध्यम से सीधे पाताल में पहुंचेगा। इससे जलस्तर में भी बढ़ोतरी होगी और खराब हुए रिबोर के पुनर्जीवित होने की संभावना भी बढ़ जाएगी। प्रदेश में यह पहला प्रयोग है। 
विज्ञापन


खराब पड़े बोर के पास एक पक्का चैंबर बनाया जा रहा है। इसे विशेषज्ञों की देखरेख में रेन हार्वेस्टिंग के मानक पर तैयार किया जा रहा है। फिर उसी बोर के आसपास के नौ से दस मकान को उससे जोड़ा जा रहा है। जिससे इन घरों पर होने वाली बारिश का पानी सीधे पाताल में चला जाएगा। 
विज्ञापन
विज्ञापन


सीडीओ हिमांशु नागपाल ने बताया कि आठ ब्लॉक में 1628 स्थानों को चिह्नित किया गया। जिनमें 1193 को रेन हार्वेस्टिंग के लिए सबसे उपयुक्त माना गया है। बताया कि 523 रिबोर पर यह प्रयोग किया जा चुका है। 

आराजी लाइन में 40, बड़ागांव में 87, चिरईगांव में 80, चोलापुर में 98, हरहुआ में 27, काशी विद्यापीठ में 49, पिंडरा 72 और सेवापुरी में 70 पूरे हो चुके हैं। बाकी का काम भी लगभग पूरा होने वाला है। उन्हें भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। इसके बाद आगे के रिबोर पर काम शुरू करेंगे।

इनकी भी सुनें
इस प्रोजेक्ट से जलस्तर को सुधारने में मदद मिलेगी। इस प्रोजेक्ट शुरू करने से पहले इसकी सभी संभावनाओं और चैंबर बनाने पर विशेषज्ञों से बात की गई थी, उसके बाद ही इस पर काम शुरू किया गया। - हिमांशु नागपाल, सीडीओ

यह अद्भुत काम होगा। यदि सभी 6900 रिबोर से मकान जुड़ गए तो जलस्तर के गिरने पर विशेष काम होगा। जो ब्लॉक डार्क जोन में जा चुके हैं, यदि इसी तरह का प्रयोग उन ब्लॉक में किया जाए तो कुछ ही साल में वह ब्लॉक भी डार्क जोन से बाहर आ सकते हैं। - प्रो. पीके मिश्रा, आईआईटी बीएचयू

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed