वार्डों में अराजकता, दहशत में मरीज
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कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में कभी इमरजेंसी के सामने बाइक चोरी तो कभी रात में वार्डों में घुसकर बाहरी लोगों के शोर मचाने की घटनाएं आए दिन होती हैं। दीनदयाल अस्पताल में 15 जनवरी को रेप की घटना हुई थी। वहां बाइक चोरी, वार्डों से मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं से मरीज और उनके परिजन दहशत में रात गुजारने को मजबूर हैं।
मंडलीय अस्पताल में पिछले शनिवार की रात सर्जिकल वार्ड में घुस आए नशे में धुत युवक को मरीजों ने किसी तरह बाहर किया था। प्रमुख सचिव, डीएम, एडीएम आदि के दौरे के समय मरीजों और उनके परिजनों की ओर से सुरक्षा की व्यवस्था न होने की शिकायत की जा चुकी है। कुछ महीनों पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर यहां होमगार्डों की तैनाती की गई थी लेकिन होमगार्ड कहीं नजर नहीं आते।
कबीरचौरा स्थित मंडलीय अस्पताल में कभी इमरजेंसी के सामने बाइक चोरी तो कभी रात में वार्डों में घुसकर बाहरी लोगों के शोर मचाने की घटनाएं आए दिन होती हैं। दीनदयाल अस्पताल में 15 जनवरी को रेप की घटना हुई थी। वहां बाइक चोरी, वार्डों से मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं से मरीज और उनके परिजन दहशत में रात गुजारने को मजबूर हैं। मंडलीय अस्पताल में पिछले शनिवार की रात सर्जिकल वार्ड में घुस आए नशे में धुत युवक को मरीजों ने किसी तरह बाहर किया था। प्रमुख सचिव, डीएम, एडीएम आदि के दौरे के समय मरीजों और उनके परिजनों की ओर से सुरक्षा की व्यवस्था न होने की शिकायत की जा चुकी है। कुछ महीनों पहले तत्कालीन डीएम विजय किरन आनंद के निर्देश पर यहां होमगार्डों की तैनाती की गई थी लेकिन होमगार्ड कहीं नजर नहीं आते।
अस्पताल में चोरी, मारपीट की घटनाओं पर अंकुश के साथ निगरानी बढ़ाने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं लेकिन इसका कोई असर नहीं नहीं हुआ। वजह, कई अहम स्थानों पर सीसीटीवी कैमरों का न लगना है। यहां एसआईसी कार्यालय, उसके बाहर, पैथालॉजी, आपरेशन थियेटर के साथ ही इमरजेंसी में कैमरे लगाए गए हैं। उन स्थानों पर कैमरे ही नहीं लगे हैं, जहां से परिसर में आने-जाने वालों पर नजर रखी जा सके।
कोतवाली पुलिस की ओर से भी अस्पताल प्रशासन से सभी गेट, इमरजेंसी के बाहर (जहां गाड़ियां खड़ी होती हैं) आदि जगहों पर सीसी कैमरे लगवाने के लिए कहा जा चुका है। सीओ कोतवाली अखिलेश सिंह ने बताया कि अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक से इस बारे में बातचीत की गई है कि सभी प्रमुख जगहों पर कैमरा लगवाया जाए।
दीनदयाल उपाध्याय राजकीय अस्पताल में 15 जनवरी को महिला के साथ रेप की घटना के बाद से यहां सुरक्षा व्यवस्था में कड़ाई की गई है। सुबह 8 बजे से 2 बजे तक ओपीडी खत्म होने के बाद अस्पताल में प्रवेश के सभी दरवाजे बंद कर दिए जा रहे हैं। सीएमएस डॉ. एसके उपाध्याय ने बताया कि दोपहर दो बजे के बाद केवल इमरजेंसी गेट खोला जा रहा है और यहां एक रजिस्टर रखवाया गया है, जिस पर हर आने जाने वाले का नाम, पता, मोबाइल नंबर दर्ज किया जा रहा है। इसके अलावा सीसीटीवी कैमरे से भी नजर रखी जा रही है।