वाराणसी-अयोध्या रूट पर विस्टाडोम कोच की सौगात, शीशे की होगी छत और बड़ी होंगी खिड़कियां
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
बजट में भले ही पर्यटन उद्यमियों को राहत नहीं मिली है, लेकिन पर्यटन को बढ़ावा देने का खाका जरूर खींचा गया है। पर्यटन के लिहाज से वाराणसी-अयोध्या मार्ग पर आने वाले दिनों में विस्टाडोम एलएचबी कोच से लैस होकर ट्रेनें चलेंगी। रेलवे को जारी बजट में पर्यटन से जुड़े रेल मार्गों पर विस्टाडोम कोच चलाने पर जोर दिया गया है।
यात्रियों को रोमांचकारी एहसास कराने को लेकर रेलवे यह सुविधा शुरू करेगा। मौजूदा समय में कालका-शिमला रूट पर विस्टाडोम एलएचबी कोच की ट्रेनें चल रही हैं। इन कोच में शीशे की छत और खिड़कियां बड़ी होती हैं, जिसमें सवार होकर यात्री प्राकृतिक सौंदर्य को सफर के दौरान निहार सकते हैं।
कोरोना से बेपटरी हुई रेलवे की अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए बजट में 1,10,055 करोड़ रुपये की सौगात दी गई है। इससे माल भाड़ा की बढ़ोतरी को लेकर फ्रेट कॉरिडोर का निर्माण होगा, तो वहीं पर्यटन के लिहाज से रेल मार्गों पर विस्टाडोम कोच की संख्या बढ़ाई जाएगी।
पर्यटन से जुड़े रेल मार्गों पर रोमांचकारी विस्टाडोम कोच की संख्या बढ़ेगी तो यात्रा और सुखद होगी, यह अच्छा फैसला है। -अमित पाठक, रेल यात्री
ब्राडगेज रूट का विद्युतीकरण होने से ट्रेनों की स्पीड बढ़ेगी और जहां-तहां ट्रेनें खड़ी नहीं होंगी। रेल यात्रियों के लिए सुखद है। -अफजाल अंसारी, रेल यात्री
सुरक्षा और सुविधाएं बढ़ने से रेलवे की ओर अधिक से अधिक लोगों का रुझान होगा, इससे रेलवे की आय में बढ़ोतरी होगी। -सिद्धार्थ शर्मा, रेल यात्री
माल भाड़े को आसान व सुलभ बनाने को लेकर डीएफसी के निर्माण से उद्यमियों व कारोबारियों को बड़ी राहत मिलेगी।- संचित मिश्रा, रेल यात्री
बजट पर रेल कर्मियों ने जताई नाराजगी
बजट में रेल कर्मियों के हितों की अनदेखी की गई। इस पर रेल कर्मचारी संगठनों ने अपनी नाराजगी जाहिर की है। रेल कर्मियों के अनुसार न तो टैक्स में बदलाव हुआ और न ही पुरानी पेंशन स्कीम को बहाल करने की मांग मानी गई।
भारतीय रेल को निजी हाथों में गिरवी रखने वाला बजट है। रेलकर्मियों के जीवन स्तर में सुधार की योजनाओं का जिक्र नहीं है। -राणा राकेश रंजन, मंडल संगठन मंत्री, एनईआरएमयू
न्यू पेंशन स्कीम को खत्म करने की मांग पर विचार न करने से युवा कर्मचारी आहत हैं। -अखिलेश पांडेय, केंद्रीय अध्यक्ष, एनई रेलवे मेंस कांग्रेस
न ही कर्मियों को आवासीय व्यवस्था के लिए और न ही उनके भविष्य को सुरक्षित करने की बात की गई। -डीके सिंह, सहायक मंडल मंत्री, एनआरएमयू
रेलवे कर्मियों को कुछ नहीं मिला, जबकि कोविड काल में रेलवे श्रमिकों ने सबसे अधिक माल ढुलाई में सहयोग किया। - बीडी दुबे, कर्मचारी परिषद सदस्य, बरेका