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विश्वनाथ मंदिर के कार्यपालक हटे
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
Updated Thu, 02 Apr 2015 01:56 AM IST
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काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास और प्रशासन के बीच खींचतान में विवादों में घिरे मुख्य कार्यपालक अधिकारी अजय कुमार अवस्थी को बुधवार की शाम शासन ने हटा दिया। मंदिर के आय-व्यय की जानकारी न देने के अलावा न्यास के नियमों की अनदेखी का उन पर आरोप था।
इसकी शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रमुख सचिव अनीता सिंह से न्यास अध्यक्ष अशोक द्विवेदी ने की थी। वाराणसी में तैनात अपर आयुक्त सीपीएन उपाध्याय को मुख्य कार्यपालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गुरुवार को वह कार्यभार ग्रहण करेंगे। फिल्म अभिनेता डिनो मोरिया की संस्था डीओटी ई-साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की आई भक्ति वेबसाइट को ऑनलाइन पूजा, आरती और प्रसाद वितरण का काम सौंपने को लेकर न्यास-मंदिर प्रशासन के द्वंद की परिणति से जोड़कर भी इस कार्रवाई को देखा जा रहा है।
बुधवार की दोपहर न्यास अध्यक्ष अशोक द्विवेदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शासन के किसी भी निर्णय या ऐसे किसी निर्देश की जानकारी उन्हें मुख्य कार्यपालक ने नहीं दी है। उन्होंने मुख्य कार्यपालक पर आरोप लगाया कि आय-व्यय का वो ब्यौरा तक नहीं देते। जबकि शाम को प्रतिदिन मंदिर प्रशासन को चढ़ावे और अन्य आमदनी की जानकारी न्यास अध्यक्ष और मंडलायुक्त को देने का नियम है। डिनो मोरिया से शासन ने कब करार किया और किस शर्त पर किया इसकी भी जानकारी उन्हें कार्यपालक ने नहीं दी।
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इसकी शिकायत मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की प्रमुख सचिव अनीता सिंह से न्यास अध्यक्ष अशोक द्विवेदी ने की थी। वाराणसी में तैनात अपर आयुक्त सीपीएन उपाध्याय को मुख्य कार्यपालक का अतिरिक्त प्रभार सौंपा गया है। गुरुवार को वह कार्यभार ग्रहण करेंगे। फिल्म अभिनेता डिनो मोरिया की संस्था डीओटी ई-साल्यूशन प्राइवेट लिमिटेड की आई भक्ति वेबसाइट को ऑनलाइन पूजा, आरती और प्रसाद वितरण का काम सौंपने को लेकर न्यास-मंदिर प्रशासन के द्वंद की परिणति से जोड़कर भी इस कार्रवाई को देखा जा रहा है।
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बुधवार की दोपहर न्यास अध्यक्ष अशोक द्विवेदी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि शासन के किसी भी निर्णय या ऐसे किसी निर्देश की जानकारी उन्हें मुख्य कार्यपालक ने नहीं दी है। उन्होंने मुख्य कार्यपालक पर आरोप लगाया कि आय-व्यय का वो ब्यौरा तक नहीं देते। जबकि शाम को प्रतिदिन मंदिर प्रशासन को चढ़ावे और अन्य आमदनी की जानकारी न्यास अध्यक्ष और मंडलायुक्त को देने का नियम है। डिनो मोरिया से शासन ने कब करार किया और किस शर्त पर किया इसकी भी जानकारी उन्हें कार्यपालक ने नहीं दी।
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