फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Vishva Shanti Vedic Mahayagya at Swarveda Mahamandir varanasi One lakh devotees offered aahuti in Yagya

स्वर्वेद महामंदिर पर विश्वशांति वैदिक महायज्ञ: एक लाख साधकों ने यज्ञ में अर्पित की आहुतियां, सुवासित हो उठीं चारों दिशाएं

Thu, 16 Dec 2021 01:12 AM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Thu, 16 Dec 2021 01:12 AM IST
सार

विहंगम योग के 98वें वार्षिकोत्सव, देश की आजादी के लिए विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरु सदाफलदेव की जेल यात्रा के शताब्दी वर्ष और आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में एक लाख साधकों ने भाग लिया। 

विज्ञापन
Vishva Shanti Vedic Mahayagya at Swarveda Mahamandir varanasi One lakh devotees offered aahuti in Yagya
स्वर्वेद महामंदिर पर हुआ 5101 विश्वशांति वैदिक महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

वाराणसी के उमराहा स्थित स्वर्वेद महामंदिर की धरती पर विहंगम योग साधकों ने यज्ञ की अग्नि में श्रद्धा की आहुतियां अर्पित की। 5101 कुंडों में यज्ञ की अग्नि प्रज्जवलित हुई तो महामंदिर क्षेत्र का पूरा इलाका दैवीय आभा से सुवासित हो उठा। यज्ञ क्षेत्र से चार किलोमीटर तक की दूरी तक हवा में अग्निहोत्र का धुआं वातावरण में सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रहा था।

विज्ञापन


विहंगम योग के 98वें वार्षिकोत्सव, देश की आजादी के लिए विहंगम योग के प्रणेता सद्गुरु सदाफलदेव की जेल यात्रा के शताब्दी वर्ष और आजादी के अमृत महोत्सव के अवसर पर आयोजित तीन दिवसीय कार्यक्रम में एक लाख साधकों ने भाग लिया। 
विज्ञापन


संत प्रवर के दर्शन के लिए अनुयायियों का रेला उमड़ा
बुधवार को स्वर्वेद महामंदिर परिक्षेत्र में 5101 कुंडीय विश्व शांति वैदिक महायज्ञ में सभी कुंडों में एक साथ यज्ञ की अग्नि प्रदीप्त हुई। यज्ञ की वेदी से निकल रहे धुएं से आसपास का चार किलोमीटर तक का इलाका साकला, गुगुल, लोबान व धूप की सुवास से निर्मल हो गया। यज्ञ के पश्चात सदगुरुदेव एवं संत प्रवर के दर्शन के लिए अनुयायियों का रेला उमड़ पड़ा।
विज्ञापन
विज्ञापन


यज्ञ के उपरांत मानव मन की शांति व आध्यात्मिक उत्थान के निमित्त लगभग 2000 नए जिज्ञासुओं ने ब्रह्मविद्या विहंगम योग के क्रियात्मक ज्ञान की दीक्षा ग्रहण की। यज्ञ में उत्तर प्रदेश, बिहार,मप्र, झारखंड, छत्तीसगढ़, गुजरात, महाराष्ट्र समेत कई राज्यों से आए यजमानों ने हवन कुंड में आहुति दी।

त्याग की भावना पैदा करता है वैदिक यज्ञ : विज्ञान देव

Vishva Shanti Vedic Mahayagya at Swarveda Mahamandir varanasi One lakh devotees offered aahuti in Yagya
स्वर्वेद महामंदिर पर हुआ 5101 विश्वशांति वैदिक महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला

संत प्रवर विज्ञानदेव ने कहा कि यज्ञ त्याग का भाव है। अग्नि की ज्वाला सदैव ऊपर की ओर उठती है। अग्नि को बुझा सकते हैं, नीचे झुका नहीं सकते। वैसे ही हमारा जीवन भी ऊर्ध्वगामी हो, श्रेष्ठ और पवित्र पथ पर, कल्याणकारी पथ पर निरंतर गतिशील रहे। हमारे अंत:करण में ज्ञान की अग्नि जलती रहे, अंधेरा न हो हमारे अंत:करण में। शरीर में कर्म की अग्नि जलती रहे। इन्द्रियों में तप की अग्नि जलती रहे। श्रेष्ठ विचारों की, सद्विचारों की अग्नि प्रज्वलित रहे। अशुभ नष्ट होता रहे। यज्ञ की अग्नि यही संदेश देती है।

संत प्रवर ने कहा कि यज्ञ श्रेष्ठ मनोकामनाओं की पूर्ति और पर्यावरण शुद्धि का भी साधन है। यज्ञ यहीं तक सीमित नहीं है। वैदिक यज्ञ हमारे भीतर त्याग की भावना का विकास करता है। मैं और मेरा से ऊपर उठकर विश्व शांति का मार्ग प्रशस्त करता है। आज की ग्लोबल वॉर्मिंग को रोकने का यह एक सशक्त माध्यम है।

इस पर सभी पर्यावरण चिंतकों का ध्यान अवश्य होना चाहिए। यज्ञ एवं योग के सामंजस्य से ही विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। यज्ञ का धुआं कोई डीजल या पेट्रोल का धुआं नहीं है। यह आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों का लाभकारी धूम्र है जिससे स्वास्थ्य लाभ एवं पर्यावरण शुद्धि दोनों का लाभ होता है।

के चिकित्सकों के निर्देशन में रोगियों को चिकित्सा परामर्श

विहंगम योग संत समागम के 98वें वार्षिकोत्सव में योग, आयुर्वेद, पंचगव्य, होम्योपैथ आदि चिकित्सा पद्धतियों के चिकित्सकों के निर्देशन में रोगियों को चिकित्सा परामर्श दिया जा रहा है। भक्तों के लिए अनवरत भंडारा चल रहा है।

चार बड़े भोजनालयों में 60 काउंटर बनाए गए हैं ताकि सहजता से सभी को भोजन प्रसाद प्राप्त हो सके। यहां आश्रम द्वारा प्रकाशित सैकड़ों साहित्य, आध्यात्मिक मासिक पत्रिका, विशुद्ध जड़ी बूटियों से निर्मित आयुर्वेदिक औषधियां, गो आधारित पंचगव्य औषधियां भी सुलभ हैं।

स्वर्वेद ईश्वनीय ज्ञान का सदग्रंथ है स्वर्वेद

Vishva Shanti Vedic Mahayagya at Swarveda Mahamandir varanasi One lakh devotees offered aahuti in Yagya
स्वर्वेद महामंदिर पर हुआ 5101 विश्वशांति वैदिक महायज्ञ - फोटो : अमर उजाला
 संध्याकालीन सत्र में संत प्रवर विज्ञानदेव महाराज ने अपने सत्संग में स्वर्वेद महाग्रंथ की महिमा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि स्वर्वेद ईश्वरीय ज्ञान का सदग्रंथ है, कोई बुद्धि के आधार पर लिखा गया ग्रंथ नहीं है। यह योगी सद्गुरु सदाफलदेव के योग समाधि में अनुभवों की अभिव्यक्ति है।

आचार्य स्वतंत्रदेव ने बताया कि हमें सांसारिक मनोकामनाओं के बजाय सदगुरु से भक्ति की ही मांग करनी चाहिए। एक भक्त की हर आवश्यकता समय से पूर्ण हो जाती है। प्रेम की पराकाष्ठा ही भक्ति है। अनन्य प्रेम एवं समर्पण भाव जीवन को बहुत आगे ले जाता है। 
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed