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UP News: वाराणसी में निकाली गई विराट संत आग्रह पदयात्रा, काशी को मांस-मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित करने की मांग

Sun, 06 Aug 2023 04:26 PM IST
उत्पल कांत न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: उत्पल कांत Updated Sun, 06 Aug 2023 04:26 PM IST
सार

शिव की नगरी काशी को मांस-मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित करने के लिए रविवार को आगमन संस्था और ब्रह्म सेना की ओर से विराट संत आग्रह पदयात्रा निकाली गई। पदयात्रा में शामिल लोगों ने ‘मांस मदिरा मुक्त हो काशी, इसके हैं हम सब अभिलाषी’ का नारा बुलंद किया। 

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Virat Saint Padyatra taken out in Varanasi demand to declare Kashi as meat liquor free zone
वाराणसी में संत आग्रह पदयात्रा - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

शिव की नगरी काशी को मांस-मदिरा मुक्त क्षेत्र घोषित करने के लिए रविवार को आगमन संस्था और ब्रह्म सेना की ओर से विराट संत आग्रह पदयात्रा निकाली गई। इस पदयात्रा को 50 से अधिक मठों-मंदिरों के पीठाधीपति, शैक्षणिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के संत-महंत का समर्थन मिला। सभी ने ‘मांस मदिरा मुक्त हो काशी, इसके हैं हम सब अभिलाषी’ का नारा बुलंद किया।

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कश्मीरीगंज स्थित श्रीराम जानकी मंदिर से पदयात्रा का शुभारंभ हुआ। ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानन्द सरस्वती महाराज के भेजे संबोधन पत्र को पढ़ा गया।अन्नपूर्णा मंदिर के महंत शंकर पुरी महाराज ने कहा कि यह संत आग्रह पदयात्रा नूतन काशी के पुरातन स्वरूप का एक अभिन्न अंग है।आधुनिकता और विलासिता पूर्ण जीवन के आदि हो चुके लोगों के लिए यह एक चेतावनी है। सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति की परिचायक काशी नगरी का मांस-मदिर से मुक्त होना इसके पौराणिक स्वरूप को बनाए रखने के लिए अत्यंत अनिवार्य है।
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सुमेरुपीठ के शंकराचार्य नरेन्द्रनंद सरस्वती  कहा कि वैसे तो सप्तपुरियों में सम्मिलित सभी नगरियों का महात्म्य बहुत ही विशेष है किन्तु काशी का वैशिष्ट इसलिए बढ़ जाता है कि यहां जीवित मनुष्य को ज्ञान और जीवन के उपरांत मोक्ष की प्राप्ति सहज रूप से होती है। इस महाश्मशान भूमि पर आदिदेव महादेव यहां दिवंगत होने वाले व्यक्ति के कान में स्वयं तारक मंत्र देते हैं। इस दृष्टि से संसार की दुर्लभ नगरी होने के नाते काशी में धार्मिक भावनाओं का पूर्ण रूपेण सम्मान होना चाहिए। मांस-मदिरा पर प्रतिबंध लगना चाहिए।
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Virat Saint Padyatra taken out in Varanasi demand to declare Kashi as meat liquor free zone
वाराणसी में संत आग्रह पदयात्रा - फोटो : अमर उजाला

यात्रा का प्रारम्भ काशी के संत समाज ने भगवान शिव,प्रभु श्रीराम एवं श्रीकृष्ण के विग्रह का विशेष अर्चन पूजन किया। शहनाई की मंगलध्वनि के बीच शंख का नाद, डमरुओं का निनाद वातावरण में पवित्रता घोल रहा था। पदयात्रा के संयोजक डा. संतोष ओझा और ब्रह्म सेना के अध्यक्ष डॉ गिरीश तिवारी ने बताया कि आगमन संस्था और ब्रह्म सेना पिछले एक वर्ष से काशी के पौराणिक क्षेत्र को मांस मदिरा मुक्त कराने के लिए जन आंदोलन चला रखा है। पीएम और सीएम के साथ ही विभागों को भी पत्र और ज्ञापन भेजा गया है।  देखना है कि इस दिव्य नगरी को कब तक असल पवित्रता का दर्जा प्राप्त होता है।

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