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BHU बवाल: दो घंटे तक कैंपस में तांडव, बाहर पुलिस और अंदर सुरक्षाकर्मी बस देखते रहे

Thu, 21 Dec 2017 01:55 PM IST
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी Updated Thu, 21 Dec 2017 01:55 PM IST
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Violence erupts out at BHU security guard silent
सुलगता रहा परिसर, देखते रहे पहरुए - फोटो : अमर उजाला
बिरला हॉस्टल के एक छात्र की गिरफ्तारी के विरोध में बुधवार की दोपहर बीएचयू कैंपस में दो घंटे तक बेखौफ उपद्रव और अराजकता से हर किसी की रूह कांप उठी। आगजनी, तोड़फोड़ और पथराव के बीच परिसर सुलगता रहा और सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाले पहरुए मूकदर्शक बने रहे।
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सिंह द्वार के बाहर भारीभरकम पुलिस फोर्स मुस्तैद थी और परिसर के अंदर संसाधनों से लैस विश्वविद्यालय के सुरक्षा कर्मी। बावजूद इसके उपद्रवियों ने बेखौफ तांडव मचाया। सिंह द्वार से बीएचयू अस्पताल, नरिया गेट, सीर गेट तक उपद्रवी एक के बाद एक वाहनों को निशाना बनाते गए लेकिन उन्हें रोकने और नियंत्रित करने की विश्वविद्यालय प्रशासन की कहीं कोई तैयारी नहीं दिखी। 
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 सिंहद्वार के अलावा नरिया और सीर गेट पर तालाबंदी कर उपद्रवियों ने करीब सवा सौ गाड़ियों में तोड़फोड़ की। इनमें दूरदराज से इलाज के लिए आए मरीजों, तीमारदारों के अलावा सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सकों, विश्वविद्यालय के शिक्षकों, कर्मचारियों के वाहन शामिल थे। 
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उपद्रवियों के आगे नतमस्तक बीएचयू प्रशासन

Violence erupts out at BHU security guard silent
आगजनी करते बेखौफ तांडव करते रहे उपद्रवी - फोटो : अमर उजाला
परिसर में हर छोटी-बड़ी घटना के मद्देनजर पुख्ता सुरक्षा का दावा करने वाला विश्वविद्यालय प्रशासन उपद्रवियों के आगे पूरी तरह नतमस्तक दिखा। दोपहर तीन बजे जब गिरफ्तारी के विरोध में छात्रों का जमावड़ा सिंहद्वार पर हुआ तब पहले आधे घंटे तक वहां मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उन्हें लेकर कोई खास गंभीरता नहीं दिखाई।

करीब साढ़े तीन बजे जब गेट बंद करने के बाद छात्रों का हुजूम वहां सीसीटीवी कैमरे के अलावा सड़क किनारे एमएमवी चौराहे तक खड़े वाहनों में तोड़फोड़ करता आगे बढ़ा तो सुरक्षा कर्मियों के हाथ-पांव फूल गए।

एमएमवी गेट पर दोपहिया-चार पहिया वाहनों के साथ ही छात्राओं को परीक्षा दिलाने आई आर्य महिला पीजी कॉलेज की बस में भी तोड़फोड़ की। इसके बाद तो हालात पूरी तरह बेकाबू होते गए। आईएमएस गेट के सामने, चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के पास पार्किंग में खड़ी चिकित्सकों की चार पहिया गाड़ियां तोड़ने के बाद उपद्रवी एलडी गेस्ट हाउस होते हुए विश्वनाथ मंदिर पहुंचे।

यहां हिंदी विभाग के प्रोफेसर श्रीप्रकाश शुक्ल की कार में तोड़फोड़ की। इसके बाद उपद्रवियों ने अलग-अलग खेमों में बंटकर कई जगह तोड़फोड़ की। अराजकता का सिलसिला शाम करीब साढ़े पांच बजे तक चला। 
 

Violence erupts out at BHU security guard silent
पेट्रोल पंप पर आग लगाने की कोशिश - फोटो : अमर उजाला
परिसर में चीफ प्राक्टर आफिस के आगे पेट्रोल पंप पर भी छात्रों ने तोड़फोड़ कर आग लगाने की कोशिश की। गनीमत यह रही कि कैंपस में बवाल की सूचना मिलते ही एहतियात के तौर पर पंप पर तैनात कर्मचारियों ने चारो तरफ से गेट बंद कर लिया था। बाइक सवार 15-20 छात्र यहां पहुंचे और तोड़फोड़ के बाद आग लगाने की कोशिश की लेकिन कर्मचारियों की सतर्कता से वे मंसूबे में सफल नहीं हो पाए। 

गाड़ियों में तोड़फोड़ से चिकित्सकों, प्रोफेसरों में नाराजगी
छात्रों की ओर से तोड़फोड़ की इस घटना का शिकार हुए सर सुंदर लाल अस्पताल के चिकित्सकों और विश्वविद्यालय के प्रोफेसरों में नाराजगी है। चिकित्सा अधीक्षक कार्यालय के पास गाड़ी खड़ी कर अस्पताल में गए डॉक्टरों को जब गाड़ियों में तोड़फोड़ की सूचना मिली तो वह बाहर निकल आए। देखा कि पार्किंग में दोनों तरफ खड़ी चार पहिया गाड़ियां टूटी पड़ी थीं, बाइक इधर-उधर गिरी थी। 

विश्वनाथ मंदिर परिसर में अफरातफरी

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विश्वनाथ मंदिर गेट के पास दुकानें हो गईं बंद - फोटो : अमर उजाला
विश्वनाथ मंदिर गेट के पास दुकानों में अचानक तोड़फोड़ शुरू होते ही हर तरफ अफरातफरी मच गई। मंदिर में दर्शन-पूजन करने आए और दुकानों पर खरीदारी कर रहे लोग तोड़फोड़, पत्थरबाजी से दहशत में आ गए।

हर कोई जान बचाते हुए इधर-उधर भागने लगा। यहां तैनात सुरक्षा कर्मियों ने भी उपद्रवियों को रोकने की कोई कोशिश नहीं की। करीब 20 मिनट तक अराजकता मचाने के बाद उपद्रवी यहां से लौटे। 

चीफ प्राक्टर ने भेजा डीएम, एसएसपी को पत्र
विश्वविद्यालय की चीफ प्राक्टर प्रो. रोयाना सिंह ने शाम सात बजे के बाद डीएम, एसएसपी को पत्र भेजकर घटना की जानकारी दी। इसमें उन्होंने रात में परिसर में विभिन्न जगहों खासकर आवासीय इलाकों में बवाल की आशंका जताते हुए सुरक्षा मांगी। इसके पहले विश्वविद्यालय प्रशासन की लिखित अनुमति न मिलने पर पुलिस, पीएसी के जवानों को गेट पर रुक जाना पड़ा। 
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