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सुरक्षित नहीं हैं ग्राम प्रधान, चार साल में सात ने गंवाई जान

Fri, 18 Sep 2020 11:54 PM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 18 Sep 2020 11:54 PM IST
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Village head is not safe, seven lost their lives in four years
जौनपुर। जिले में ग्राम प्रधानों पर आए दिन हो रहे हमले और हत्या की घटना से असुरक्षा की भावना बढ़ती जा रही है। दिसंबर 2016 से अब तक एक पूर्व प्रधान समेत सात ग्राम प्रधानों की हत्या हो चुकी है। कई मामलों में परिजन अभी भी न्याय के लिए भटक रहे हैं। बृहस्पतिवार को सरपतहा थाना क्षेत्र के अमारी गांव के प्रधान बसंतलाल बिंद की हत्या के बाद प्रधानों की सुरक्षा का मामला फिर से उठने लगा है।
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एक मार्च को खुटहन थाना क्षेत्र के मखदूमपुर के ग्राम प्रधान तबरेज आलम की बाइक पर कार चढ़ाकर उनकी हत्या कर दी गई थी। इस मामले में तीन आरोपी जेल में हैं। 26 मई 2016 को डोभी विकास खंड के दुंबा गांव के प्रधान पति राधेश्याम सिंह अपनी कार से जा रहे थे तभी रास्ते में कार रोक बदमाशों ने गोली मार दी। काफी दिन बाद हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर पुलिस ने जेल भेजा। इसी ब्लाक के चिटका गांव के प्रधान वीरेंद्र राजभर को एक दिसंबर 2016 को मारिकपुर बाजार में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। दिसंबर 2019 में मछलीशहर ब्लाक के करियांव की प्रधान रीना सोनी को जलाकर मार डाला गया था। इस मामले में पुलिस ने रीना के पति को जेल भेजा है। सुजानगंज ब्लाक के रामनगर घघरिया गांव के प्रधान चंद्रपाल बिंद की कार और उनका शव बरईपार के पास नहर में मिला था। परिजनों ने हत्या कर दुर्घटना का रूप देने की कोशिश का आरोप लगाते हुए पुलिस को तहरीर दी लेकिन अभी तक इस मामले में पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके पहले तीन फरवरी 2018 को जलालपुर थाना क्षेत्र के सरैया गांव के पूर्व प्रधान संजय मौर्य की उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई थी जब वह अपने पंपिंगसेट के पास बाहर चारपाई पर बैठकर किसी से बात कर रहे थे। बाइक सवार दो बदमाश पहुंचे और ताबड़तोड़ गोली मारकर हत्या कर दी थी। धरना प्रदर्शन के बाद पुलिस ने हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
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ग्राम प्रधान संघ अध्यक्ष को नहीं मिली सुरक्षा
जौनपुर। बरसठी विकास खंड के गोहका गांव के प्रधान एवं ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष डॉ मनोज यादव के ऊपर जानलेवा हमले भी हो चुके हैं। उनकी गार क्षतिग्रस्त कर दी गई थी। उन्हें फोनपर और फेसबुक पर जान से मारने की धमकी मिल चुकी है। इसमें पुलिस ने केस तो दर्ज किया है लेकिन धमकी से भयभीत ग्राम प्रधान ने सुरक्षा मांगी तो आज तक उन्हें सुरक्षा मुहैय्या नहीं कराई जा सकी। डॉ मनोज का कहना है कि अगर उनके साथ कोई घटना होती है तो प्रशासन ही जिम्मेदार होगा।
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बीट के सभी सिपाहियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने इलाके में ऐसे मामलों की छानबीन कर लें। जहां गंवई राजनीति में ग्राम प्रधान से कोई विवाद हो उस मामलें को चिह्नित करें। सीओ को निर्देश दिए गए हैं कि ऐसे मामलों का वह खुद निस्तारण कराएं, ताकि खून खराबा जैसी स्थिति उत्पन्न न हो सके। -राजकरन नय्यर, एसपी।
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