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Commonwealth Games: बर्मिंघम ने बनारसी छोरे से जूडो में 'विजय' की उम्मीद, जानें अभी तक कैसा रहा सफर

Sun, 24 Jul 2022 05:26 PM IST
किरन रौतेला अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी
अमर उजाला ब्यूरो, वाराणसी Published by: किरन रौतेला Updated Sun, 24 Jul 2022 05:26 PM IST
सार

यूपी जूडो संघ के सचिव मुनव्वर अंजार ने बताया कि पूर्वांचल के इतिहास में अभी तक जूडो का कोई खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स तक नहीं पहुंचा था। अब वाराणसी के विजय यादव से स्वर्ण पदक की उम्मीद। 

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Vijay Yadav of Varanasi hopeful of gold medal in Birmingham Commonwealth Games
विजय यादव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में जूडो में बनारस के विजय यादव 30 साल से स्वर्ण पदक के सूखे को खत्म करेंगे। बडे़ भाई गुड्डू, ग्रामीण और खेल प्रशिक्षक को उनसे यह उम्मीद है। कॉमनवेल्थ गेम्स में पहली बार हिस्सा ले रहे विजय के गांव सुलेमानपुर, मौहरिया हरहुआ में उत्साह का माहौल है। 

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दिल्ली में राष्ट्रीय शिविर में प्रशिक्षण ले रहे विजय ने फोन पर बताया कि जीजान से तैयारी में जुटा हूं। इंग्लैंड, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के खिलाड़ियों से कड़ा मुकाबला है। गुड्डू ने बताया कि तीन भाइयों में दूसरे नंबर के विजय बहुत मेहनती हैं वो स्वर्ण पदक जरूर जीतेंगे।

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पूर्वांचल के इतिहास में पहली बार 

यूपी जूडो संघ के सचिव मुनव्वर अंजार ने बताया कि पूर्वांचल के इतिहास में अभी तक जूडो का कोई खिलाड़ी कॉमनवेल्थ गेम्स तक नहीं पहुंचा था। बनारस में जूडो की 27 साल पहले बुनियाद रखने वाले सिगरा स्टेडियम में अंशकालिक प्रशिक्षक लाल कुमार ने बताया कि जिले में 50 खिलाड़ी हैं। जिन्होंने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर काशी का मान बढ़ाया है। कॉमनवेल्थ में पहली बार 1990 में जूडो को शामिल किया गया था। अब तक किसी भी खिलाड़ी ने स्वर्ण पदक नहीं जीता। 

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पढ़ेंः राष्ट्रमंडल खेलों में पहली बार बनारस के पांच खिलाड़ी दिखाएंगे दम, पदक की हैं उम्मीदे

विजय का कठिन रहा सफर  

खराद का काम करने विजय के पिता दशरथ यादव की इतनी आमदनी नहीं थी कि वह बेटे को अच्छी खुराक दे सके। अपनी खुराक पूरी करने के लिए विजय भारतीय खेल प्राधिकरण सेंटर लखनऊ चले गए। फिलहाल विजय दिल्ली में तैयारी कर रहे हैं। वह 26 जुलाई की रात बर्मिंघम के लिए रवाना होंगे। उनका पहला मुकाबला 31 जुलाई को होगा। 

ये हैं उपलब्धियां 

सात साल में विजय ने कॉमनवेल्थ चैंपियनशिप 2018 में स्वर्ण, 2017 और 2018 में दो बार एशियन चैंपियनशिप में स्वर्ण सहित नौ बार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में हिस्सा लिया। 2015 से 2019 तक चार राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में चार स्वर्ण पदक जीत चुके हैं।

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