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बनारस में आईपीडीएस का सच जानने पहुंची विधान परिषद की जांच कमेटी, देखा कुछ ऐसा कि लगाई फटकार

Tue, 27 Nov 2018 10:17 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,वाराणसी Updated Tue, 27 Nov 2018 10:17 PM IST
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vidhan parishad enquiry committee came varanasi for check realty of IPDS work
साकेतनगर में खुदाई करवाके तार की गहराई नापी - फोटो : अमर उजाला
वाराणसी में हुए आईपीडीएस के कार्य का सच जानने के लिए  विधान परिषद की जांच कमेटी ने मंगलवार को शहर के कई हिस्सों में जायजा लिया। इस दौरान पुरानी काशी में आईपीडीएस के कार्य में विधान परिषद की जांच कमेटी कई खामियां मिली। समिति ने पाया कि तारों के जंजाल से मुक्ति के लिए जो योजना बनाई गई थी वह पूरी तरीके से परवान नहीं चढ़ सकी है। विभाग की लापरवाही पर समिति ने फटकार भी लगाई।
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मंगलवार को समिति के सदस्य गोदौलिया पहुंचे। गोदौलिया से मैदागिन तक समिति के सदस्यों ने पैदल चलकर मुख्य मार्ग और गलियों में लगे ट्रांसफार्मर और तारों के जाल को देखकर नाराजगी जताई। बड़ादेव मंदिर, बांसफाटक पर तीन स्थानों पर, विश्वनाथ गली, फूलमंडी, ज्ञानवापी क्रासिंग के पास, चौक, मैदागिन में बिजली विभाग की लापरवाही पर समिति ने कड़ी फटकार लगाई।
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कहा कि बाबा विश्वनाथ और गंगा स्नान के लिए श्रद्धालुओं के लिए यह प्रमुख मार्ग है। बावजूद इसके ट्रांसफार्मर से तेल गिरना, तारों का जंजाल, स्पार्किंग आदि अव्यवस्थाओं को दुरुस्त कराने को कहा। आईपीडीएस के बाक्स के टूटे तालों को बदलने के लिए कहा। 
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ऐसे सामने आया सच

मंगलवार को सर्किट हाउस में हीरालाल यादव की अध्यक्षता में कमेटी की बैठक हुई। इस दौरान विभागीय अधिकारियों से आईपीडीएस से जुड़े कागजात मांगे गए और काम के बारे में पूरी जानकारी ली। इसके बाद समिति के अध्यक्ष व सदस्यों में शामिल सपा एमएलसी शतरूद्र प्रकाश, केदारनाथ सिंह, सीपी चंद्र, रामअवध यादव सीधे साकेतनगर पहुंचे।

यहीं पास में एमएलसी केदारनाथ सिंह का घर था। समिति ने आईपीडीएस अधिकारियों से पूछा कितने मीटर नीचे बिजली की तार डाली गई है। अधिकारियों ने बताया कि 900 मिलीमीटर पर तार डाला गया। समिति ने तत्काल खुदाई शुरू कराई।

इसके बाद सड़क से तार की गहराई नापी गई तो एक मीटर से अधिक पाया गया। समिति यहां से संकटमोचन मंदिर के बाहर सड़क पर लगे कंट्रोल बाक्स को खुलवाकर काम देखा। विश्वनाथ गली के व्यापारियों ने समिति का स्वागत फूल मालाओं से किया। 

जन समस्याएं सुनीं
सर्किट हाउस में पहुंचे जद्दूमंडी के गोपालक राजू यादव और जितेंद्र यादव ने समिति के सामने करंट से पशु की मौत के बाद मुआवजा नहीं मिलने के बारे में बताया। इसके बाद समिति ने विभागीय अधिकारियों को मामले का निबटारा करने को निर्देश दिया।  

शंकुलधारा निवासी बीएचयू के रिटायर्ड प्रोफेसर डा. बलराम प्रसाद ने भी समिति के सामने अपना दर्द सुनाया। कहा कि उनकी गैराज के सामने आईपीडीएस का बाक्स लगा दिया। इससे गाड़ी निकलने में दिक्कत हो रही है। इस पर समिति ने अधिकारियों को आगे-पीछे शिफ्ट कराने को कहा। 
 

कई जगह काम ही नहीं हुआ

राजघाट से लेकर नगवां तक गंगा की ओर से जाने वाली गलियों में मणिकर्णिका को छोड़कर बाकी किसी जगह आईपीडीएस का काम नहीं हुआ है। जिन इलाकों में चार पहिया वाहन आसानी से चले जाएं वहां पर आईपीडीएस का काम कराया गया। इंजीनियरों को जहां जगह मिली वहां काम कराया और जहां काम में दिक्कत रहीं वहां काम नहीं कराया। समिति अपनी जांच रिपोर्ट बड़ी समिति के अध्यक्ष बलराम यादव के पास भेजेगी।  

बगैर टेंडर के दिया काम 
समिति ने सर्विस केबल का मानक पूछा तो अधिकारियों ने जवाब दिया कि सर्विस केबल का मानक नहीं है। मानीटरिंग कमेटी को काम बगैर टेंडर के दिया गया। इस पर मानीटरिंग कमेटी के अधिकार पता करने पर सहमति बनी। सर्किट हाउस में उत्तरी विधानसभा में बिजली से जुड़े कार्यों के बाबत विधायक रवींद्र जायसवाल ने विभाग की नाकामियों के बारे में बताया। जनहित से जुड़े कामों में विभागीय लापरवाही को उजागर किया। इसके बाद समिति ने अधिकारियों को व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने का निर्देश दिया। विभाग के तीन इस्टीमेट पर भी चर्चा हुई। 
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