'साहब मेरे पति बहुत मारते हैं...': महिला आयोग के सामने पीड़िताओं ने सुनाई व्यथा, निस्तारण के निर्देश
Varanasi News: राज्य महिला आयोग की सदस्य ने पीड़ित महिलाओं की शिकायतें सुन संबंधित लोगों को समाधान के निर्देश दिए। कहा कि सभी मामले में जल्द से जल्द जांच कर कार्रवाई करें।
विस्तार
सर्किट हाउस में बुधवार को हुई महिला आयोग की जनसुनवाई में 13 महिलाएं अपनी समस्या लेकर पहुंचीं। राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने सभी के निस्तारण के लिए अधिकारियों को निर्देश दिए। घरेलू हिंसा, जमीन से जुड़े मामले, विवाहोत्तर संबंध प्रमुख रहे। आयोग की ओर से की जांच और कार्रवाई के लिए अफसरों को कहा गया।
भेलूपुर थाना क्षेत्र के शंकुलधारा से आई सीता ने देवर और भतीजे की शिकायत की। बताया कि पति जब ड्यूटी पर चले जाते हैं, संपत्ति को लेकर उन्हें मारा पीटा जाता है। पुलिस कमिश्नर से शिकायत की, लेकिन कोई समाधान नहीं हुआ। महिला आयोग ने थाना प्रभारी को निर्देशित किया।
टीम ने सुनीं शिकायतें
जंसा थाना क्षेत्र से आई महिला ने पति के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। बताया कि पति अकसर मारपीट कर जान से मारने की धमकी देता है। दहेज में मिला सामान अपनी बहन को दे दिया। मुंबई में जाकर दूसरी शादी कर ली। एक बेटा भी है।
मामले की जांच के लिए एसीपी राजातालाब अजय कुमार श्रीवास्तव को निर्देशित किया गया। सेवापुरी की ज्योति विश्वकर्मा ने बताया कि उनकी शादी दो वर्ष पहले हिमांशु से हुई थी। चेहरे पर सफेद दाग के कारण शादी के कुछ दिन बाद से ही उसकी विदाई नहीं हो रही है।
महिला ससुराल जाना चाहती है, लेकिन कोई रखना नहीं चाह रहा है। शादी के बाद से ही पति गुजरात में रह रहा है। नई सड़क की शहजादी ने बताया कि उनके सौतेले भाई नसीम ने पुश्तैनी जमीन पर कब्जा कर लिया। कोई हिस्सा नहीं दिया। अकसर धमकी भी देता है। दशाश्वमेध थाने पर शिकायत करने पर दरोगा अभिषेक तिवारी ने पीड़ित पक्ष को ही धमकी दी।
अधिकारियों काे निर्देश
आयोग की सदस्य ने फोन पर ही दरोगा को फटकार लगाई और एसीपी से कार्रवाई को कहा। राजस्व विभाग को भी जांच के लिए निर्देशित किया। रथयात्रा की रहने वाली राजनंदिनी चौरसिया ने बताया कि उनकी एक कांप्लेक्स में दुकान है। पति अमित चौरसिया का बीमारी से निधन हो गया था। मेंटेनेंस देखने वाले पुरुषोत्तम मौर्या ने 5 लाख बकाया बोलकर एक पेपर हस्ताक्षर करा लिया। बकाया न चुकाने पर बिजली काटने की धमकी देता है।
लोहता की सुनीता शिल्पकार ने बताया कि उनका पति पहले से विवाहित था। सच्चाई छिपाकर उनसे शादी कर ली। अब सच्चाई सामने आने पर जान से मारने की धमकी देता है। दो बार नदी में धकेलने का प्रयास कर चुका है। ससुर और देवर भी अश्लीलता करते हैं। आयोग ने जांच के लिए अधिकारियों को सौंपा।
छोटे-छोटे मामलों में महिलाएं न जाएं कोर्ट
राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा ने कहा कि किसी भी पीड़ित महिला की फरियाद सुनने में देरी न की जाए। जमीन संबंधित मामले या घरेलू हिंसा के लिए महिलाओं को कोर्ट न जाना पड़े। संभव हो तो पुलिस और प्रशासन के समन्वय से समस्याओं का समाधान किया जाए। नवविवाहित महिलाएं पति, सास, ससुर और अन्य लोगों को अपना समझें। थानों पर पुलिस विभाग के अफसर पीड़ित महिलाओं से नरमी से पेश आएं।