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मऊः नहीं हुई सुनवाई तो युवक ने थाने में खाया कीटनाशक, मचा हड़कंप
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,मऊ
Updated Tue, 11 Sep 2018 01:24 AM IST
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यूपी के मऊ जिले में सोमवार फरियादी ने पुलिस से परेशान होकर थाने में ही जहर खा लिया। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया जहां वह खतरे से बाहर है।
मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के माहपुर परवा गॉव निवासी जितेंद्र चौहान सोमवार की सुबह 11 बजे कोतवाली पहुंचा और जमीन संबंधी विवाद में मुंशी से रिपोर्ट दर्ज करने का आग्रह किया। मुंशी ने उसे कुछ देर रुकने को कहा।
इस पर जितेंद्र ने जेब से कीटनाशक दवा ‘प्रोफेलिक्स’ निकाली और पीने लगा। यह देख पुलिसकर्मी घबरा गए और उन्होंने उसके हाथ से वह शीशी छीन ली और उसे तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। जितेंद्र के मुताबिक उसके पिता रामलखन की मृत्यु 12 साल पहले हो गई थी। वे दो भाई थे और दोनों के परिवार अलग रहते हैं।
उसके बाबा बेनी चौहान जो जितेंद्र के साथ ही रहते हैं ने कुछ दिन पूर्व जितेंद्र की मां के नाम 21 बिस्वा जमीन रजिस्ट्री कर दी थी। इससे चाचा के परिवार से उसका विवाद चल रहा था। इसे लेकर गांव के कुछ लोग आए दिन उसके परिवार से मारपीट करने के साथ ही बाबा को अपमानित भी करते हैं। समस्या के निदान के लिए ही वह शिकायत लेकर कोतवाली आया था।
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सीओ आलोक जायसवाल ने बताया कि इससे पूर्व कोई व्यक्ति शिकायत लेकर पुलिस के पास नहीं आया था। जांच में पाया गया कि दो दिन पूर्व इस मामले में पंचायत हुई थी किंतु जितेंद्र जमीन वापस करने को तैयार नहीं हुआ। आत्महत्या के प्रयास की धारा में कुछ परिवर्तन होने से उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। डॉक्टर एपी सिंह ने बताया कि संयोग अच्छा था कि समय से इलाज मिल गया वरना कीटनाशक की कुछ बूंद ही जीवन समाप्त करने को काफी है।
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मुहम्मदाबाद गोहना कोतवाली क्षेत्र के माहपुर परवा गॉव निवासी जितेंद्र चौहान सोमवार की सुबह 11 बजे कोतवाली पहुंचा और जमीन संबंधी विवाद में मुंशी से रिपोर्ट दर्ज करने का आग्रह किया। मुंशी ने उसे कुछ देर रुकने को कहा।
इस पर जितेंद्र ने जेब से कीटनाशक दवा ‘प्रोफेलिक्स’ निकाली और पीने लगा। यह देख पुलिसकर्मी घबरा गए और उन्होंने उसके हाथ से वह शीशी छीन ली और उसे तत्काल सीएचसी में भर्ती कराया। जहां उसकी हालत अब खतरे से बाहर है। जितेंद्र के मुताबिक उसके पिता रामलखन की मृत्यु 12 साल पहले हो गई थी। वे दो भाई थे और दोनों के परिवार अलग रहते हैं।
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उसके बाबा बेनी चौहान जो जितेंद्र के साथ ही रहते हैं ने कुछ दिन पूर्व जितेंद्र की मां के नाम 21 बिस्वा जमीन रजिस्ट्री कर दी थी। इससे चाचा के परिवार से उसका विवाद चल रहा था। इसे लेकर गांव के कुछ लोग आए दिन उसके परिवार से मारपीट करने के साथ ही बाबा को अपमानित भी करते हैं। समस्या के निदान के लिए ही वह शिकायत लेकर कोतवाली आया था।
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सीओ आलोक जायसवाल ने बताया कि इससे पूर्व कोई व्यक्ति शिकायत लेकर पुलिस के पास नहीं आया था। जांच में पाया गया कि दो दिन पूर्व इस मामले में पंचायत हुई थी किंतु जितेंद्र जमीन वापस करने को तैयार नहीं हुआ। आत्महत्या के प्रयास की धारा में कुछ परिवर्तन होने से उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई। डॉक्टर एपी सिंह ने बताया कि संयोग अच्छा था कि समय से इलाज मिल गया वरना कीटनाशक की कुछ बूंद ही जीवन समाप्त करने को काफी है।