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आए द्वारे भ्ाक्त, कृपा करो अवढरदानी
ब्यूरो/अमर उजाला, वाराणसी
Updated Tue, 11 Aug 2015 02:22 AM IST
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हृदय में अटूट आस्था और चेहरे पर न थकने वाला उत्साह लिए भक्तों का हुजूम अवढरदानी के दरबार में कृपा पाने के लिए उमड़ पड़ा। कोई लेटते हुए आया तो कोई नंगे पांव। काशी की हर सड़क सावन के दूसरे सोमवार को बाबा विश्वनाथ के जलाभिषेक करने आए भक्तों के केसरिया रंग में नजर आई। प्रयाग और दूसरे इलाकों से जल लेकर काशी आने वाले भक्तों ने लंबी कतारों में घंटों लगकर बाबा का दर्शन किया। रात 11 बजे तक 1.65 लाख भक्तों ने बाबा काशी विश्वनाथ का जलाभिषेक किया। बैजनाथ धाम में भगदड़ की घटना के बाद प्रशासन ने काशी में इंतजामों को चुस्त कर दिया। इस वजह से भीड़ के बावजूद भक्तों को दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ा।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़े कांवरियों में सोमवार का पहला जलाभिषेक करने की होड़ लगी रही। इस वजह से मध्यरात्रि के पहले ही छत्ताद्वार की बैरीकेडिंग पर सैकड़ों भोले भक्तों ने कब्जा जमा लिया। ज्ञानवापी क्रासिंग से गोदौलिया होते हुए गिरजाघर तक बैरीकेडिंग के अलावा सड़कों की पटरियों पर ही हजारों भक्त सोए नजर आए। मंगला आरती के बाद भोर में 3:30 बजे पट खुलने के बाद गगनभेदी जयकारों से साथ जलाभिषेक के लिए भक्तों का रेला आगे बढ़ने लगा। हालत यह हुई कि सुबह छह बजे तक कतार गुरुबाग तक पहुंच गई। बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए समाज संगठन के अलावा कांवरिया शिविरों के तीन सौ से अधिक युवा सेवादारों को सड़कों से गंगा घाटों तक लगा दिया गया। कोई नंगे पैर धूप में बढ़ते कांवरियों पर पानी की फुहार डाल रहा था तो कोई कतार में लगे भक्तों को चाय-बिस्किट पहुंचा रहा था। सुबह आठ बजे जैसे ही सूचना आई कि बैजनाथ धाम जा रहे भक्तों की कतार में भगदड़ मच गई है, तत्काल काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में निगरानी चुस्त कर दी गई। जिलाधिकारी राजमणि यादव के निर्देश पर तत्काल अतिरिक्त पीएसी बुला ली गई। कतार में खड़े भक्तों को तेजी से बढ़ाया जाने लगा। दिन के 12 बजे तक 65 हजार भक्तों ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी। ज्ञानवापी कंट्रोल के मुताबिक यह संख्या रात 11 बजे तक 1.65 लाख तक पहुंच गई। शहर के दूसरे मंदिरों गौरी केदारेश्वर, तिल भांडेश्वर, मृत्युंजय महादेव, गौतमेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का रेला दिन भर उमड़ता रहा।
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बाबा विश्वनाथ के दर्शन के लिए उमड़े कांवरियों में सोमवार का पहला जलाभिषेक करने की होड़ लगी रही। इस वजह से मध्यरात्रि के पहले ही छत्ताद्वार की बैरीकेडिंग पर सैकड़ों भोले भक्तों ने कब्जा जमा लिया। ज्ञानवापी क्रासिंग से गोदौलिया होते हुए गिरजाघर तक बैरीकेडिंग के अलावा सड़कों की पटरियों पर ही हजारों भक्त सोए नजर आए। मंगला आरती के बाद भोर में 3:30 बजे पट खुलने के बाद गगनभेदी जयकारों से साथ जलाभिषेक के लिए भक्तों का रेला आगे बढ़ने लगा। हालत यह हुई कि सुबह छह बजे तक कतार गुरुबाग तक पहुंच गई। बढ़ती भीड़ को संभालने के लिए समाज संगठन के अलावा कांवरिया शिविरों के तीन सौ से अधिक युवा सेवादारों को सड़कों से गंगा घाटों तक लगा दिया गया। कोई नंगे पैर धूप में बढ़ते कांवरियों पर पानी की फुहार डाल रहा था तो कोई कतार में लगे भक्तों को चाय-बिस्किट पहुंचा रहा था। सुबह आठ बजे जैसे ही सूचना आई कि बैजनाथ धाम जा रहे भक्तों की कतार में भगदड़ मच गई है, तत्काल काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र में निगरानी चुस्त कर दी गई। जिलाधिकारी राजमणि यादव के निर्देश पर तत्काल अतिरिक्त पीएसी बुला ली गई। कतार में खड़े भक्तों को तेजी से बढ़ाया जाने लगा। दिन के 12 बजे तक 65 हजार भक्तों ने बाबा के दरबार में हाजिरी लगाई थी। ज्ञानवापी कंट्रोल के मुताबिक यह संख्या रात 11 बजे तक 1.65 लाख तक पहुंच गई। शहर के दूसरे मंदिरों गौरी केदारेश्वर, तिल भांडेश्वर, मृत्युंजय महादेव, गौतमेश्वर महादेव, बीएचयू विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का रेला दिन भर उमड़ता रहा।
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