UP Crime: हाईवे पर दिनदहाड़े गोली मारकर रिकवरी एजेंट की हत्या, ओवरब्रिज पर सरेराह हुई वारदात
वाराणसी-जौनपुर नेशनल हाईवे पर बाबतपुर ओवरब्रिज पर सरेराह वारदात हुई। रिकवरी एजेंट ने बाबतपुर चौराहे से पीछा कर ओवरटेक कर वाहन रुकवाया था। इस दौरान बातचीत होते ही गोली चली और रिकवरी एजेंट के सिर में लग गई।
विस्तार
वाराणसी-जौनपुर नेशनल हाईवे पर बाबतपुर ओवरब्रिज पर रविवार की शाम कार सवार बदमाश ने एक फाइनेंस कंपनी के वाहन सीजर वीर बहादुर सिंह (48) की सिर पर गोली मारकर हत्या कर दी। वारदात को अंजाम देने के बाद कार एक एटीएम कैश वैन और एक बाइक को टक्कर मारते हुए तेजी से हरहुआ की ओर निकल गई। पुलिस की चार टीमें प्रयागराज व जौनपुर के साथ ही शहर की ओर आने वाले और अन्य लिंक मार्ग पर लगे सीसी कैमरों की फुटेज खंगाल कर बदमाश की धरपकड़ के प्रयास में जुटी हुई है। प्रथम दृष्टया पुलिस का मानना है कि कार के फाइनेंस की किश्त जमा न होने पर सीजर ने दबंग अंदाज में उसे खड़ा करने को कहा होगा। इस पर वाहन सवार बदमाश ने तैश में आकर उसे गोली मार दी होगी।
यह है मामला
चोलापुर थाना क्षेत्र के पलहीपट्टी गांव का रहने वाले वीर बहादुर सिंह एक फाइनेंस कंपनी के लिए वाहन सीजर का काम करता था। रविवार की शाम वह बाबतपुर चौराहे पर हरहुआ के सूरज चौहान व विशाल और घमहापुर निवासी कार चालक सूरज सिंह के साथ खड़ा था। इसी बीच पिंडरा की ओर से एक कार आई तो वीर बहादुर ने उसका नंबर चेक किया। फाइनेंस की किश्त न जमा हुई देखकर वीर बहादुर ने अपने दोस्तों के साथ कार से उसका पीछा किया।
गोली लगते ही खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा एजेंट
बाबतपुर ओवरब्रिज पर उस कार को ओवरटेक कर वीर बहादुर ने उसे रुकवा लिया। वीर बहादुर के दोस्तों के अनुसार वह अपनी कार से उतर कर उस कार के पास गया और चालक से किश्त जमा करने या वाहन खड़ा करने की बात करने लगे। इतने पर कार के अंदर से गोली चली और वीर बहादुर के सिर पर जा लगी। गोली लगते ही खून से लथपथ वीर बहादुर सड़क पर गिरा तो कार सवार तेजी से हरहुआ की ओर भाग निकले। वीर बहादुर के दोस्त उसे मलदहिया स्थित निजी अस्पताल ले आए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। स्थानीय लोगों की सूचना के आधार पर मौके पर फूलपुर और फिर बड़ागांव व सिंधौरा थाने की पुलिस के साथ क्राइम ब्रांच भी मौके पर पहुंची।
प्रयागराज के हंडिया के पते पर रजिस्टर्ड है कार
पुलिस के अनुसार जिस कार में सवार बदमाश ने गोली मारी है, वह प्रयागराज के कसयावर बमैला, हंडिया निवासी भरत कुमार सिंह के नाम से रजिस्टर्ड है। कार का रजिस्ट्रेशन नंबर भी प्रयागराज का ही है। इसलिए पुलिस की एक टीम कार मालिक की तलाश में उसके घर और अन्य संभावित ठिकानों के लिए भी रवाना की गई है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वारदात के समय कार में कौन-कौन सवार था।
10 वर्ष से कर रहा था फाइनेंस कंपनी के लिए काम
चार भाइयों में दूसरे नंबर के वीर बहादुर सिंह के पिता रमाशंकर सिंह उर्फ फौजदार सिंह सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं। परिजनों ने बताया कि वीर बहादुर लगभग 10 वर्ष से फाइनेंस कंपनी के लिए काम कर रहा था। दो बेटियों और एक बेटे के पिता वीर बहादुर की हत्या की जानकारी पाकर उसकी पत्नी सुमन की हालत बेसुधों जैसे हो गई। रोते-बिलखते हुए परिजन आनन-फानन घर से शहर के लिए रवाना हुए। वीर बहादुर का शव देख कर सभी रोने-बिलखने लगे।
अधिकारी बोले
कार के रजिस्ट्रेशन नंबर की मदद से हम आरोपियों की धरपकड़ का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस टीमें लगी हुई हैं, जल्द ही सफलता मिलने की उम्मीद है।
-सरवनन टी, एडीसीपी गोमती जोन
आठ दिन में हत्या की चौथी घटना
जिले में बीते आठ दिन में हत्या की चार घटनाओं को अंजाम दिया गया। वाहन सीजर की हत्या से पहले बीते एक जनवरी की सुबह छावनी क्षेत्र स्थित चर्च परिसर में साफ-सफाई का काम करने वाली विक्टोरिया की नृशंस तरीके से हत्या कर दी गई थी। एक जनवरी की शाम चोलापुर थाना क्षेत्र के बेनीपुर गांव में प्रेमिका के घर पहुंचा जौनपुर निवासी शुभम सेठ जिंदा जल गया और उपचार के दौरान तीन जनवरी को उसकी मौत हो गई। इससे पहले 31 दिसंबर की रात ताड़ीखाना तिराहा के समीप स्थित लॉन में अधिवक्ता राघवेंद्र सिंह की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।