फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   vda

साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर दर्ज कराया गया मुकदमा : वीडीए

Fri, 27 Sep 2019 01:45 AM IST
Varanasi Bureau वाराणसी ब्यूरो
Updated Fri, 27 Sep 2019 01:45 AM IST
विज्ञापन
vda
वाराणसी। राय साहब का बगीचा के नाम से चर्चित 42,349.93 वर्ग मीटर जमीन खतौनी में वीडीए के नाम दर्ज है। जमीन पर वीडीए का कब्जा भी है। इसके बावजूद आरोपियों ने धोखाधड़ी कर उसे हड़पने की कोशिश की। वीडीए उपाध्यक्ष राहुल पांडेय ने बताया कि साक्ष्य और तथ्यों के आधार पर सरकारी जमीन पर कब्जा करने का प्रयास करने वालों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन

कैंट थाने में दर्ज मुकदमे के अनुसार, पांडेयपुर स्थित सरकारी जमीन को हड़पने की नीयत से पांडेयपुर के गार्डेन हाउस की कुमारी पुष्पलता ने अर्दली बाजार स्थित बीरा इंफ्रास्ट्रक्चर के निदेशक रामेश्वर प्रताप और गौतम गार्डेन कॉलोनी स्थित दादू डेवलपर्स के पंकज कुमार सिंह के पक्ष में सट्टा इकरारनामा किया। बीती पांच सितंबर को पुष्पलता की मौत हो गई। इसके बाद 13 सितंबर को उनकी बहन स्नेहलता गोयल ने आलोक गोयल के जरिए इसी जमीन का दोबारा सट्टा इकरारनामा किया। यह सट्टा इकरारनामा रघुकुल कंस्ट्रक्शन के सिद्धार्थ सिंह, मुंबई के साकिब जाफरूल इस्लाम शेख और दादू डेवलपर्स के पंकज कुमार सिंह के पक्ष में है। उधर, कैंट थाने में चर्चा रही कि सरकारी जमीन संबंधी मामलों में प्रदेश सरकार सख्त है, लिहाजा आरोपी जल्द ही सलाखों के पीछे नजर आएंगे।
विज्ञापन

जमीन पर वीडीए ने लगवाया अपना बोर्ड
वीडीए उपाध्यक्ष ने बताया कि राय साहब का बगीचा के नाम से चर्चित जमीन विकास प्राधिकरण की है, इसलिए वहां वीडीए का बोर्ड लगवा दिया गया है। जो कोई भी उस जमीन पर अवैध कब्जा करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

दस एकड़ जमीन हड़पने के लिए दो साल रची साजिश
- 2018 में आरटीआई के जवाब में बताया गया राय साहब का बगीचा की जमीन सरकारी नहीं
पुष्पेन्द्र कुमार त्रिपाठी
वाराणसी। पांडेयपुर स्थित राय साहब का बगीचा की 10.46 एकड़ जमीन पर अवैध तरीके से काबिज होने की साजिश दो साल से रची जा रही थी। इसका खुलासा अफसरों की प्रारंभिक जांच में हुआ है। माना जा रहा है कि जब जांच पूरी होगी तो लेखपाल, कानूनगो सहित सदर तहसील के अन्य अधिकारी और कर्मचारी भी विभागीय कार्रवाई की जद में आएंगे।
2018 में वकार अहमद नामक व्यक्ति ने जन सूचना अधिकार (आरटीआई) के तहत जानकारी मांगी थी कि राय साहब का बगीचा की जमीन पर किसका कब्जा है। क्षेत्रीय लेखपाल पंकज सिंह ने रिपोर्ट बनाई कि राय साहब का बगीचा की जमीन पर कुमारी पुष्पलता का मालिकाना हक है। यह रिपोर्ट सदर तहसील के माध्यम से वकार अहमद को उपलब्ध करा दी गई। जमीन से संबंधित रिपोर्ट तैयार करने के लिए कोई अधिकारी मौके पर नहीं गया और लेखपाल द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी को सभी आगे बढ़ाते गए। लेखपाल की रिपोर्ट को ही दूसरे पक्ष ने अपने दावे का आधार बना लिया। यह मामला सार्वजनिक होने पर लेखपाल पंकज को निलंबित कर दिया गया।
उधर, इससे पहले अगस्त 2017 में तीन लोगों ने कुमारी पुष्पलता से राय साहब का बगीचा की जमीन किराये पर ली। इसके एक महीने बाद जमीन का वसीयतनामा कराया गया। बीती पांच सितंबर को पुष्पलता की मौत हुई, इसके आठ दिन बाद 13 सितंबर को साढ़े चार एकड़ जमीन का सट्टा इकरारनामा कराया गया। माना जा रहा है कि इस हिस्से पर कब्जा करने के बाद बची छह एकड़ जमीन भी हथिया ली जाती। मंडलायुक्त दीपक अग्रवाल ने बताया कि आरटीआई से मांगी गई सूचना में गलत जानकारी क्यों उपलब्ध कराई गई, इसकी जांच कराई जा रही है। जांच में जो भी कर्मचारी और अधिकारी दोषी पाएं जाएंगे, उनके खिलाफ विभागीय और वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
रिटायर्ड कानूनगो को नोटिस, होगी कार्रवाई
निलंबित लेखपाल पंकज सिंह की रिपोर्ट को आगे बढ़ाने वाला कानूनगो बीती 31 जुलाई को सेवानिवृत्त हो चुका है। उसे नोटिस जारी कर पक्ष रखने को कहा गया है। बताया जा रहा है कि कानूनगो ने मौका मुआयना और कागजातों को देखे बगैर लेखपाल की रिपोर्ट आगे बढ़ा दी। इसी आधार पर आरटीआई का जवाब दिया गया था। उधर, वीडीए के अधिकारियों के अनुसार, राय साहब के बगीचे की जमीन को लेकर कुमारी पुष्पलता अकेले ही लड़ाई लड़ रही थीं। बाद में उनकी बहन स्नेहलता प्रार्थना पत्र देकर पुष्पलता की कानूनी लड़ाई में शामिल हो गईं।

वीडीए और पुलिस ने मेरे साथ की बदसलूकी: आलोक गोयल
वाराणसी। राय साहब के बगीचा मामले में आलोक गोयल ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर अपना पक्ष रखा है। उनका कहना है कि स्व. राय श्रीकृष्ण की तीन बेटियों में सबसे बड़ी उनकी मां स्नेहलता हैं। उनकी मां को गार्डेन हाउस पांडेयपुर में हिस्सा मिला है। मौसी पुष्पलता का देहांत बीती पांच सितंबर को हो गया था। 24 सितंबर को उनकी सत्रहवीं के दौरान जबरदस्ती मेरे घर में घुसकर विकास प्राधिकरण के अधिकारियों और पुलिस ने बल प्रयोग किया। मेरे मेहमानों के सामने बदसलूकी की और लाठीचार्ज कर तोड़फोड़ की। जबकि इस मामले में सर्वोेच्च न्यायालय में 17 अक्तूबर 2019 को अगली तारीख निर्धारित है। इस मामले में दोषियों के खिलाफ दंडात्मक कार्रवाई कर हमें घर में दाखिल कराया जाए।
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed