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विरोध और हंगामे के बीच गरजा वीडीए का बुलडोजर
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ढाई साल पहले आधा अधूरा अवैध निर्माण गिराकर लौटी विकास प्राधिकरण की टीम ने सोमवार को भारी विरोध, नोकझोंक और हंगामे के बीच सिगरा चौराहा स्थित डब्ल्यूएच स्मिथ के बगल में दो दुकानों को जेसीबी से ढहा दिया।
अवैध निर्माणों के खिलाफ शासन के सख्त रुख के बाद वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने सोमवार से शहर में अभियान की शुरुआत की। दशाश्वमेध वार्ड में सुबह करीब 11 बजे जैसे की वीडीए की टीम जेसीबी लेकर पहुंची दुकानदार ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में वहां दुकानदार के वकील आ गए और कार्रवाई रोकने का विरोध करने लगे। इस बीच संयुक्त सचिव परमानंद यादव ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उनके पास कोई कानूनी नोटिस या आदेश है? अगर नहीं है तो वे हट जाए, उनके ऐसा कहने के बाद महिलाएं बाहर निकल आईं और हंगामा करने लगी। हालांकि प्रवर्तन टीम ने दुकान में मौजूद महिलाओं को बाहर निकालकर दोनों दुकानों को जमींदोज कर दिया। यहां बता दें कि 26 सितंबर 2019 को रामजी सरीन की दो दुकानों को वीडीए ने गिराया था। उस वक्त मालिक रामजी सरीन ने शासन से 20 लाख मुआवजे की मांग की थी। उसने यह भी शर्त रखी कि अगर दुकानें अवैध थी तो चारों क्यों नहीं गिराई गई। इसके बाद वीडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
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अवैध निर्माणों के खिलाफ शासन के सख्त रुख के बाद वीडीए उपाध्यक्ष ईशा दुहन ने सोमवार से शहर में अभियान की शुरुआत की। दशाश्वमेध वार्ड में सुबह करीब 11 बजे जैसे की वीडीए की टीम जेसीबी लेकर पहुंची दुकानदार ने विरोध शुरू कर दिया। कुछ ही देर में वहां दुकानदार के वकील आ गए और कार्रवाई रोकने का विरोध करने लगे। इस बीच संयुक्त सचिव परमानंद यादव ने वहां मौजूद लोगों से पूछा कि क्या उनके पास कोई कानूनी नोटिस या आदेश है? अगर नहीं है तो वे हट जाए, उनके ऐसा कहने के बाद महिलाएं बाहर निकल आईं और हंगामा करने लगी। हालांकि प्रवर्तन टीम ने दुकान में मौजूद महिलाओं को बाहर निकालकर दोनों दुकानों को जमींदोज कर दिया। यहां बता दें कि 26 सितंबर 2019 को रामजी सरीन की दो दुकानों को वीडीए ने गिराया था। उस वक्त मालिक रामजी सरीन ने शासन से 20 लाख मुआवजे की मांग की थी। उसने यह भी शर्त रखी कि अगर दुकानें अवैध थी तो चारों क्यों नहीं गिराई गई। इसके बाद वीडीए ने ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की।
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