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मनमानी: वरुणा को पाटने के लिए नाद नदी को चंबल घाटी बना दिया
amarujala.com- Written by: अजीत कुमार सिंह
Updated Fri, 02 Jun 2017 12:19 PM IST
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दिन में सुनसान रहने वाले इलाके में रात में बढ़ जाती थी चहल-पहल
- फोटो : अमर उजाला
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दिन: गुरुवार। समय: करीब एक बजे। स्थान: चोलापुर क्षेत्र में रौना खुर्द गांव में नाद नदी का किनारा।
बरसात के दिनों में स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली नाद नदी के किनारे चंबल की घाटी जैसा नजारा। यह यों ही नहीं हो गया। यहां खनन के खेल में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं।
ताजा मामला भीम नगर में शराब और होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल ने यहां मिट्टी की मनमानी खुदाई कराई है। वरुणा को पाटने और रिंग रोड बनाने के लिए नाद नदी से की गई खुदाई के कारण यह हालत पैदा हुए हैं।
बता दें कि यहां करीब छह महीने से लगातार खनन चल रहा है। बुधवार तक रात होते ही इस इलाके में जेसीबी, पोकलेन और डंपर की अचानक भरमार हो जाती है। एक तरफ खुदाई तो दूसरी तरफ डंपर पर मिट्टी लादने का काम रातभर चलता था। इसके शोर से गांव के लोगों के लिए परेशानी होती थी लेकिन उनकी फिक्र करने वाला कोई नहीं था।
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नदी किनारे इस कदर खुदाई की गई है कि अंदर ही अंदर जेसीबी और डंपर काफी दूर तक चले जाएं और बाहर से इसकी भनक भी नहीं लगती है। दूर तक आवाज नहीं सुनी जा सकती है। इसीलिए स्थानीय लोगों में इसे लेकर डर और आशंकाएं भी हैं। यहां बच्चों को नहीं भेजा जाता।
गुरुवार को नदी किनारे एक मजरे में बारात आई थी। बारात विदा होने के बाद घर में कुछ मेहमान रुके हुए थे। बाहर से आए लोगों के लिए यह इलाका कौतूहल का केंद्र बन गया है। फिर भी लोग नदी की मिट्टी को काटने से बन गए ढूहे उन्हें अंदर जाने से रोकते हैं। पता नहीं, वहां कोई असामाजिक तत्व और जानवर छिपा हो।
प्रशासन ने जिले में केवल चोलापुर के रौना खुर्द गांव में नाद नदी के किनारे ही 25 शर्तों के साथ खनन की अनुमति दी थी। इसका मुख्य काम रिंग रोड निर्माण में मिट्टी की सप्लाई करना था।
धीरे-धीरे रिंग रोड के अलावा भीम नगर में वरुणा किनारे होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल के प्रस्तावित एचएलए होटल के लिए वरुणा किनारे की जमीन को पाटने के लिए भी इसी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाने लगा।
जौनपुर जिले में भी मिट्टी सप्लाई करने का काम किया जाने लगा। करीब पचास मीटर के क्षेत्र में गहराई से करीब 30 से 40 फुट तक खुदाई की गई है। खनन के लिए नदी के किनारे कीवृक्षावली तहस-नहस कर दी गई है।
बरसात के दिनों में खनन के कारण बने गड्ढों में पानी भरेगा। यही पानी बाद में लोगों के खेतों में जाएगा और फसल नष्ट होगी।
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बरसात के दिनों में स्थानीय लोगों की मुश्किलें बढ़ाने वाली नाद नदी के किनारे चंबल की घाटी जैसा नजारा। यह यों ही नहीं हो गया। यहां खनन के खेल में नियमों की जमकर धज्जियां उड़ाई गई हैं।
ताजा मामला भीम नगर में शराब और होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल ने यहां मिट्टी की मनमानी खुदाई कराई है। वरुणा को पाटने और रिंग रोड बनाने के लिए नाद नदी से की गई खुदाई के कारण यह हालत पैदा हुए हैं।
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बता दें कि यहां करीब छह महीने से लगातार खनन चल रहा है। बुधवार तक रात होते ही इस इलाके में जेसीबी, पोकलेन और डंपर की अचानक भरमार हो जाती है। एक तरफ खुदाई तो दूसरी तरफ डंपर पर मिट्टी लादने का काम रातभर चलता था। इसके शोर से गांव के लोगों के लिए परेशानी होती थी लेकिन उनकी फिक्र करने वाला कोई नहीं था।
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नदी किनारे इस कदर खुदाई की गई है कि अंदर ही अंदर जेसीबी और डंपर काफी दूर तक चले जाएं और बाहर से इसकी भनक भी नहीं लगती है। दूर तक आवाज नहीं सुनी जा सकती है। इसीलिए स्थानीय लोगों में इसे लेकर डर और आशंकाएं भी हैं। यहां बच्चों को नहीं भेजा जाता।
गुरुवार को नदी किनारे एक मजरे में बारात आई थी। बारात विदा होने के बाद घर में कुछ मेहमान रुके हुए थे। बाहर से आए लोगों के लिए यह इलाका कौतूहल का केंद्र बन गया है। फिर भी लोग नदी की मिट्टी को काटने से बन गए ढूहे उन्हें अंदर जाने से रोकते हैं। पता नहीं, वहां कोई असामाजिक तत्व और जानवर छिपा हो।
प्रशासन ने जिले में केवल चोलापुर के रौना खुर्द गांव में नाद नदी के किनारे ही 25 शर्तों के साथ खनन की अनुमति दी थी। इसका मुख्य काम रिंग रोड निर्माण में मिट्टी की सप्लाई करना था।
धीरे-धीरे रिंग रोड के अलावा भीम नगर में वरुणा किनारे होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल के प्रस्तावित एचएलए होटल के लिए वरुणा किनारे की जमीन को पाटने के लिए भी इसी मिट्टी का इस्तेमाल किया जाने लगा।
जौनपुर जिले में भी मिट्टी सप्लाई करने का काम किया जाने लगा। करीब पचास मीटर के क्षेत्र में गहराई से करीब 30 से 40 फुट तक खुदाई की गई है। खनन के लिए नदी के किनारे कीवृक्षावली तहस-नहस कर दी गई है।
बरसात के दिनों में खनन के कारण बने गड्ढों में पानी भरेगा। यही पानी बाद में लोगों के खेतों में जाएगा और फसल नष्ट होगी।
डीएम ने कमिश्नर को सौंपी रिपोर्ट
मिट्टी से पाटा गया वरुणा नदी का जलभराव क्षेत्र
- फोटो : अमर उजाला
नगर निगम की करीब डेढ़ बीघा जमीन को फर्जी तरीके से शराब और होटल कारोबारी हीरालाल जायसवाल के पक्ष में विनिमय किए जाने के मामले में डीएम योगेश्वर राम मिश्र ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट कमिश्नर को सौंप दी। कमिश्नर नितिन रमेश गोकर्ण ने डीएम से इस बाबत रिपोर्ट मांगी थी।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कुछ अन्य संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। लखनऊ से इस बारे में लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। माना जा रहा है कि पूरा गडबड़झाला किसी एक विभाग ने अकेले नहीं किया है।
राजस्व विभाग के अलावा खनन, सामाजिक वानिकी, नगर निगम, वीडीए और सिंचाई विभाग के बड़े अफसरों ने भी इसमें लापरवाही बरती है। यह मामला राजनीतिक प्रभाव और लेन-देन का भी माना जा रहा है। इसके सबूत जुटाए जा रहे हैं।
सूत्रों का कहना है कि इस मामले में जल्द ही कुछ अन्य संलिप्त अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ भी कार्रवाई होगी। लखनऊ से इस बारे में लगातार जानकारी जुटाई जा रही है। माना जा रहा है कि पूरा गडबड़झाला किसी एक विभाग ने अकेले नहीं किया है।
राजस्व विभाग के अलावा खनन, सामाजिक वानिकी, नगर निगम, वीडीए और सिंचाई विभाग के बड़े अफसरों ने भी इसमें लापरवाही बरती है। यह मामला राजनीतिक प्रभाव और लेन-देन का भी माना जा रहा है। इसके सबूत जुटाए जा रहे हैं।