महाशिवरात्रि 2021: काशी में गंगा किनारे बहेगी सुर संगीत की धारा, कैलाश खेर बांधेंगे समा
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महाशिवरात्रि पर गंगा किनारे राजघाट पर 6 दिनों तक सुर संगीत की धारा बहेगी। सूफी गायक कैलाश खेर की गायकी खास होगी तो वहीं पंडित राजन-साजन, मालिनी अवस्थी और सोमा घोष के शास्त्रीय संगीत पर पर्यटक मंत्रमुग्ध हो उठेंगे। हास्य कवियों की टोली भी पर्यटकों को गुदगुदाएगी।
पर्यटन मंत्री डॉ नीलकंठ तिवारी ने कहा कि महाशिवरात्रि महोत्सव पर 11 से 16 मार्च तक काशी शिवमय हो उठेगी। मंगलवार को पर्यटन कार्यालय सभागार में अधिकारियों संग महोत्सव की तैयारियों के बाबत मंत्री ने विशेष दिशा-निर्देश दिए। कहा कि बनारस की संस्कृति के अनुरूप महोत्सव पर्व पर सांस्कृतिक कार्यक्रम होने चाहिए। शाम 6 बजे से रात 10 बजे तक राजघाट पर महाशिवरात्रि महोत्सव पर्व पूरी भव्यता के साथ मनाया जाय।
राजघाट सहित कार्यक्रम स्थल तक आने वाले मुख्य मार्ग पर साफ सफाई के साथ ही लाइटिंग की व्यवस्था हो और वाहनों की पार्किंग के लिए स्थान का चिन्हाकंन कर वाहनों की पार्किंग कराई जाय। कार्यक्रम स्थल के पास बेतरतीब तरीके से वाहन पार्क न होने पाएं।
पर्यटन मंत्री ने बताया कि 11 से 13 मार्च तक वाराणसी में "फैम टूर" का भी आयोजन किया गया है, जिसमें देश के विभिन्न प्रदेशों एवं स्थलों से टूर ऑपरेटर काशी आएंगे। उन्हें बनारस में हुए विकास कार्यों एवं यहां के आकर्षण को दिखलाया जाएगा। ताकि वे अपने यहां के पर्यटकों को इससे अवगत करा सके।
इस दिन होंगे विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम
महाशिवरात्रि महोत्सव पर्व के पहले दिन 11 मार्च को पदमभूषण पंडित राजन-साजन मिश्र का शास्त्रीय गायन, हरिप्रसाद का बांसुरी वादन, माया कुलश्रेष्ठ का कत्थक तथा अंजली पाठक का गायन होगा। 12 मार्च को विराट कवि सम्मेलन जिसके आकर्षण सुनील जोगी व अन्य कवि होंगे। इसके अलावा नीरज मिश्र का सितार वादन, शुभम केसरी का कत्थक तथा राकेश तिवारी का गायन कार्यक्रम होगा।
13 मार्च को सांस्कृतिक संध्या का मुख्य आकर्षण कैलाश खेर का गायन होगा। इसके अलावा इसी दिन अमलेश शुक्ल का गायन, अतुल शंकर का बांसुरी वादन, मधुमिता भट्टाचार्य का गायन होगा। 14 मार्च को राजेंद्र प्रसन्ना का बांसुरी वादन, शिवानी शुक्ला का कत्थक, सुनिधि पाठक का गायन, गणेश पाठक का गायन, जय पांडेय का गायन तथा देवाशीष डे का शास्त्रीय गायन होगा।
15 मार्च को पद्मश्री सोमा घोष के शास्त्रीय गायन के अलावा सुनंदा शर्मा का गायन, शुभ महाराज का तबला वादक, सौरव-गौरव मिश्र का कत्थक, सुजीत तिवारी का गायन तथा माता प्रसाद, शिवशंकर का कत्थक होगा।
महाशिवरात्रि महोत्सव पर्व के सांस्कृतिक कार्यक्रम की अंतिम निशा 16 मार्च को मुख्य आकर्षण पदमश्री मालिनी अवस्थी का लोक गायन होगा। इसके साथ इसी दिन राहुल-रोहित मिश्र का शास्त्रीय गायन, सुखदेव मिश्र का वादन, विशाल कृष्णा का कत्थक व मन्नालाल यादव का बिरहा गायन होगा।