भाजपा सरकार से पीएम मोदी के संसदीय क्षेत्र की होगी बल्ले-बल्ले
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
यूपी में प्रचंड बहुमत की भाजपा सरकार का मार्ग प्रशस्त होने के साथ ही काशी की बल्ले-बल्ले हो गई है।भाजपा की जीत के साथ ही देश की सांस्कृतिक राजधानी के विकास को नए पंख लग गए हैं।
करीब 33 महीने के कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस शहर के विकास को गति देने के लिए अबतक करीब 25 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं दी हैं लेकिन वह खुद मान रहे थे कि प्रदेश की अखिलेश सरकार की टंगड़ीबाजी की वजह से न तो परियोजनाएं आगे बढ़ पा रही थीं, न ही प्राचीन नगरी में विकास नजर आ रहा था। अब वह बाधा दूर हो गई है।
भाजपा की रिकॉर्ड जीत से काशी की बल्ले-बल्ले हो गई है। माना जा रहा है कि अब केंद्र की करीब 25 हजार करोड़ रुपये की लंबित पड़ी परियोजनाओं के काम में तेजी आएगी। इससे पहले काशी में विकास की ‘कछुआ चाल’ पर प्रधानमंत्री की नाराजगी कई मौकों पर साफ दिख चुकी है।
अपनी लखनऊ यात्रा के दौरान तो उन्होंने काशी में विकास की धीमी गति पर अफसोस जताया ही था, काशी में हफ्ते भर पहले महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ की सभा में उन्होंने अखिलेश सरकार पर विकास की रफ्तार को रोकने के गंभीर आरोप लगाए थे।
तब उन्होंने कहा था कि बाबतपुर-वाराणसी फोर लेन हो या रिंग रोड, भूमिगत केबल बिछाने की आईपीडीएस योजना या फिर पुरानी काशी को संवारने, यातायात को सुगम बनाने के लिए मेट्रो योजना। केंद्र की परियोजनाएं राज्य सरकार की रोड़ेबाजी से साकार नहीं हो पा रही हैं।
लेकिन अब यूपी की सियासत की तसवीर बदल चुकी है। अब पीएम अपने वादे के मुताबिक काशी की आत्मा को मूल रूप में सहेजते हुए इसे आधुनिक सुविधाओं वाला शहर बनाने की ओर आसानी से कदम बढ़ा सकते हैं।
बनारस में केंद्र की योजनाएं
-वाराणसी मेट्रो योजना
वाराणसी की यातायात व्यवस्था को सुधारने, जाम से मुक्ति दिलाने के लिए 29.235 किमी लंबी महात्वाकांक्षी मेट्रो परियोजना -15,964 करोड़ रुपये
-स्मार्ट सिटी मिशन:
-1389 एकड़ क्षेत्रफल में फैली पुरानी काशी के समुचित विकास के लिए-2268.88 करोड़ रुपये
-यातायात के लिए एकीकृत सुविधा: 22.98 करोड़ रुपये
-शताब्दी सुपर स्पेशियेलिटी कॉम्पलेक्स आईएमएस के तहत 400 बेड के अस्पताल की आधारशिला-200 करोड़ रुपये
-आईएमएस में टेलीमेडिसिन सुविधा के लिए- लागत 103 करोड़ रुपये
-पांडेयपुर में ईएसआई अस्पताल विस्तारीकरण के लिए- 150 करोड़ रुपये
-कैंसर अस्पताल एवं रिसर्च सेंटर की नींव रखी गई- 580 करोड़ रुपये
- वाराणसी में जल मार्ग विकास योजना केतहत
-मल्टी मोडल टर्मिनल - 211 करोड़ रुपये
-रिवर इंफारमेशन प्रणाली- 100 करोड़ रुपये
-नाइट नेविगेशन प्रणाली - 50 करोड़ रुपये
-रो-रो क्रासिंग - 20 करोड़ रुपये
- रिंग रोड (16.5 किमी में निर्माण कार्य) 267 करोड़ रुपये
- एकीकृत ऊर्जा विकास योजना (भूमिगत होंगे पक्का महाल में बिजली के तार) : 432 करोड़ रुपये
- बुनकरों के लिए ट्रेड फैसेलिटी सेंटर: 213 करोड़ रुपये
- अमृत योजना (पानी, सीवर, हरित पट्टी और पार्क विकास ) : 320 करोड़ रुपये
- ह्दय योजना (हेरिटेज को ध्यान में रखकर शहर का विकास ) : 89.31 करोड़ रुपये
- प्रसाद योजना (दुर्गाकुंड, लक्ष्मीकुंड, सोनिया तालाब, सारंगनाथ तालाब कुंड का संरक्षण) : 16 करोड़ रुपये
- स्वदेश योजना (सारनाथ के धमेख स्तूप में लाइट एंड साउंड शो का आयोजन): 7.34 करोड़ रुपये
-बाबतपुर-वाराणसी फोरलेन, फ्लाईओवर- 630 करोड़ रुपये
-वाराणसी रिंग रोड परियोजना- 270 करोड़ रुपये
-वाराणसी-जौनपुर राष्ट्रीय राजमार्ग- 900 करोड़ रुपये
-वाराणसी-मऊ राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण- 900 करोड़ रुपये
-वाराणसी-आजमगढ़ राजमार्ग- 800 करोड़ रुपये