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UP: आगरा, प्रयागराज के बाद वाराणसी भी करेगा शोधित जल का इस्तेमाल, केंद्रीय मंत्री ने किया कार्ययोजना का अनावरण
Tue, 14 Jul 2026 04:31 PM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी/नई दिल्ली।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी/नई दिल्ली।
Published by: Pragati Chand
Updated Tue, 14 Jul 2026 04:31 PM IST
सार
Varanasi News: आगरा और प्रयागराज के बाद वाराणसी भी शोधित जल का इस्तेमाल करेगा। केंद्रीय मंत्री ने इस कार्ययोजना का अनावरण किया। जल संरक्षण की दिशा में यह ऐतिहासिक कदम उठाया गया है।
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water
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
यूपी का वाराणसी, आगरा और प्रयागराज की तरह उन शहरों की सूची में शामिल हो गया है, जिनके पास दूषित जल को शोधित कर सुरक्षित दोबारा इस्तेमाल करने की अपनी कार्ययोजना है। राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन ने इसे जल संरक्षण की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया है।
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केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने सोमवार को यहां जल संसाधन सचिवों के सम्मेलन में इस कार्ययोजना का अनावरण किया। इस दौरान जल शक्ति राज्य मंत्री राज भूषण चौधरी और जल संसाधन सचिव वीएल कांत राव भी मौजूद रहे।
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इस विस्तृत योजना का मुख्य उद्देश्य सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से साफ किए गए पानी को मांग वाले क्षेत्रों से जोड़ना है। कार्ययोजना में बताया गया है कि शोधित जल का इस्तेमाल थर्मल पावर प्लांटों, रेलवे, शहरी सौंदर्यीकरण और कृषि सिंचाई में कैसे किया जा सकता है।
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राष्ट्रीय स्वच्छ गंगा मिशन के मुताबिक, यह कार्ययोजना बताती है कि शोधित दूषित जल के सुरक्षित दोबारा इस्तेमाल (एसआरटीडब्ल्यू) पर तैयार राष्ट्रीय मसौदा वास्तविक धरातल पर आकार ले रहा है।