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स्नातक-शिक्षक एमएलसी चुनाव: वाराणसी में दो घंटे में शिक्षक के 10.43 और स्नातक में हुए 5.79 फीसदी मतदान
Fri, 23 Oct 2026 10:09 AM IST
Pragati Chand
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
Published by: Pragati Chand
Updated Fri, 23 Oct 2026 10:09 AM IST
सार
वाराणसी में 21 केंद्रों के 102 बूथों पर 74,840 मतदाता शिक्षक-स्नातक एमएलसी चुनेंगे। इसके लिए सुबह आठ बजे से मतदान शुरू हो गया। शाम चार बजे तक मतदान होगा। पहली पसंद के प्रत्याशी के सामने एक लिखना होगा।
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वाराणसी में एमएलसी चुनाव के लिए मतदान शुरू
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक विधान परिषद चुनाव के लिए शुक्रवार को मतदान शुरू हो गया है। सुबह से ही मतदाता बूथों पर पहुंचने लगे। आठ बजे से मतदान की प्रक्रिया शुरू हो गई। इस दौरान सभी बूथों पर बड़ी संख्या में शिक्षकों व स्नातकों ने पहुंचकर अपने मत का प्रयोग किया।
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बता दें कि चुनाव से एक दिन पहले प्रशासन ने मतदान की तैयारियां पूरी कर ली थी। जिले में दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के 74,840 मतदाता 21 मतदान केंद्रों पर 102 बूथों में अपने मताधिकार का प्रयोग कर रहे हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 66,952 और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 7,888 मतदाता हैं। स्नातक के 73 मूल बूथों के साथ आठ सहायक बूथ बनाए गए हैं, जबकि शिक्षक के लिए 21 बूथ निर्धारित हैं। मतदान सुबह आठ बजे से शुरू हुआ, जो शाम चार बजे तक होगा।
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दो घंटे में शिक्षक एमएलसी के 10.43 और स्नातक में 5.79 फीसदी मतदान
वाराणसी क्षेत्र स्नातक और शिक्षक एमएलसी चुनाव के लिए शुक्रवार को सुबह आठ बजे से मतदान जारी है। सुबह 10 बजे तक दो घंटे में शिक्षक एमएलसी सीट पर 10.43 फीसदी और स्नातक एमएलसी सीट पर 5.79 फीसदी मतदान हुआ है। शुरुआती दो घंटे में शिक्षक सीट पर मतदान प्रतिशत स्नातक की तुलना में अधिक रहा।
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स्नातक के लिए 81 बूथ
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 21 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 73 मूल मतदेय स्थलों के अलावा आठ सहायक बूथ बनाए गए हैं। इस तरह स्नातक चुनाव के लिए कुल 81 बूथों पर मतदान किया जा रहा है। अंतिम सूची में 41,451 पुरुष और 25,501 महिला मतदाता दर्ज हैं। जिला प्रशासन की बूथवार सूची में बड़ागांव, पिंडरा, चोलापुर, हरहुआ, चिरईगांव, सेवापुरी, पिसनहरिया, भोजूबीर, नदेसर, लहुराबीर, ककरमत्ता, मैदागिन और गायघाट समेत अलग-अलग क्षेत्रों के मतदान स्थल शामिल हैं।
शिक्षक चुनाव में 21 बूथ
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 7,888 मतदाता हैं। इनमें 5,159 पुरुष और 2,729 महिला मतदाता हैं। इस चुनाव के लिए जिले में 21 मतदान केंद्र और 21 बूथ निर्धारित किए गए हैं। बड़ागांव, सेवापुरी, पिंडरा, चोलापुर, हरहुआ, चिरईगांव, विद्यापीठ, आराजी लाइन, पिसनहरिया, भोजूबीर, नदेसर, लहुराबीर, मैदागिन, गायघाट, लहरतारा, रामनगर, कबीरचौरा, रामापुरा, रविंद्रपुरी, पांडेय हवेली और ककरमत्ता में मतदान हो रहा है।
स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में 21 मतदान केंद्र बनाए गए हैं। यहां 73 मूल मतदेय स्थलों के अलावा आठ सहायक बूथ बनाए गए हैं। इस तरह स्नातक चुनाव के लिए कुल 81 बूथों पर मतदान किया जा रहा है। अंतिम सूची में 41,451 पुरुष और 25,501 महिला मतदाता दर्ज हैं। जिला प्रशासन की बूथवार सूची में बड़ागांव, पिंडरा, चोलापुर, हरहुआ, चिरईगांव, सेवापुरी, पिसनहरिया, भोजूबीर, नदेसर, लहुराबीर, ककरमत्ता, मैदागिन और गायघाट समेत अलग-अलग क्षेत्रों के मतदान स्थल शामिल हैं।
शिक्षक चुनाव में 21 बूथ
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में 7,888 मतदाता हैं। इनमें 5,159 पुरुष और 2,729 महिला मतदाता हैं। इस चुनाव के लिए जिले में 21 मतदान केंद्र और 21 बूथ निर्धारित किए गए हैं। बड़ागांव, सेवापुरी, पिंडरा, चोलापुर, हरहुआ, चिरईगांव, विद्यापीठ, आराजी लाइन, पिसनहरिया, भोजूबीर, नदेसर, लहुराबीर, मैदागिन, गायघाट, लहरतारा, रामनगर, कबीरचौरा, रामापुरा, रविंद्रपुरी, पांडेय हवेली और ककरमत्ता में मतदान हो रहा है।
स्नातक में 24, शिक्षक में 10 प्रत्याशी
वाराणसी खंड में स्नातक और शिक्षक दोनों सीटों के लिए कुल 34 प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातक सीट पर 24 और शिक्षक सीट पर 10 प्रत्याशी हैं। स्नातक में सपा के निर्वतमान एमएलसी आशुतोष सिन्हा और भाजपा के पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह प्रमुख प्रत्याशी हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव, भाजपा के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र और पूर्व एमएलसी चेतनारायण सिंह के बीच मुकाबला प्रमुख माना जा रहा है। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक किसी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया था।
आठ जिलों में 3.23 लाख से ज्यादा मतदाता
वाराणसी खंड का चुनाव सिर्फ वाराणसी जिले तक सीमित नहीं है। इसमें वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया शामिल हैं। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक के करीब 2.88 लाख और शिक्षक के करीब 34,900 मतदाता हैं। आठ जिलों में स्नातक के 257 और शिक्षक के 122 बूथ बनाए गए हैं। कुल मिलाकर करीब 3.23 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
वाराणसी खंड में स्नातक और शिक्षक दोनों सीटों के लिए कुल 34 प्रत्याशी मैदान में हैं। स्नातक सीट पर 24 और शिक्षक सीट पर 10 प्रत्याशी हैं। स्नातक में सपा के निर्वतमान एमएलसी आशुतोष सिन्हा और भाजपा के पूर्व एमएलसी केदारनाथ सिंह प्रमुख प्रत्याशी हैं। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में सपा के निवर्तमान एमएलसी लाल बिहारी यादव, भाजपा के प्रत्याशी डॉ. प्रमोद कुमार मिश्र और पूर्व एमएलसी चेतनारायण सिंह के बीच मुकाबला प्रमुख माना जा रहा है। नाम वापसी की अंतिम तारीख तक किसी प्रत्याशी ने नाम वापस नहीं लिया था।
आठ जिलों में 3.23 लाख से ज्यादा मतदाता
वाराणसी खंड का चुनाव सिर्फ वाराणसी जिले तक सीमित नहीं है। इसमें वाराणसी, चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया शामिल हैं। पूरे निर्वाचन क्षेत्र में स्नातक के करीब 2.88 लाख और शिक्षक के करीब 34,900 मतदाता हैं। आठ जिलों में स्नातक के 257 और शिक्षक के 122 बूथ बनाए गए हैं। कुल मिलाकर करीब 3.23 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे।
वरीयता के आधार पर मतदान
एमएलसी चुनाव में विधानसभा चुनाव की तरह प्रत्याशी के सामने मुहर नहीं लगानी होगी। मतदाता को मतपत्र पर अपनी पहली पसंद के प्रत्याशी के सामने ‘1’ लिखना होगा। इसके बाद वह दूसरी, तीसरी और अन्य वरीयताएं भी क्रमवार दर्ज कर सकता है। इसके लिए मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराए जाने वाले निर्धारित बैंगनी स्केच पेन का ही इस्तेमाल करना होगा। किसी प्रत्याशी के सामने एक से अधिक अंक लिखने या एक ही अंक को दो प्रत्याशियों के सामने लिखने पर मतपत्र अमान्य हो सकता है।
पहचान पत्र साथ ले जाना जरूरी
मतदान के लिए मतदाता को पहचान पत्र साथ रखना होगा। मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध न होने पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सेवा पहचान पत्र सहित आयोग की ओर से अनुमन्य वैकल्पिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
एमएलसी चुनाव में विधानसभा चुनाव की तरह प्रत्याशी के सामने मुहर नहीं लगानी होगी। मतदाता को मतपत्र पर अपनी पहली पसंद के प्रत्याशी के सामने ‘1’ लिखना होगा। इसके बाद वह दूसरी, तीसरी और अन्य वरीयताएं भी क्रमवार दर्ज कर सकता है। इसके लिए मतदान केंद्र पर उपलब्ध कराए जाने वाले निर्धारित बैंगनी स्केच पेन का ही इस्तेमाल करना होगा। किसी प्रत्याशी के सामने एक से अधिक अंक लिखने या एक ही अंक को दो प्रत्याशियों के सामने लिखने पर मतपत्र अमान्य हो सकता है।
पहचान पत्र साथ ले जाना जरूरी
मतदान के लिए मतदाता को पहचान पत्र साथ रखना होगा। मतदाता पहचान पत्र उपलब्ध न होने पर आधार कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, पैन कार्ड, पासपोर्ट, सेवा पहचान पत्र सहित आयोग की ओर से अनुमन्य वैकल्पिक दस्तावेजों का इस्तेमाल किया जा सकता है।
पुलिस की त्रिस्तरीय सुरक्षा, स्ट्रांग रूम पर भी नजर
मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए मतदान केंद्रों से लेकर स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने मतदान केंद्रों, स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। मतपेटियों और बैलेट पेपर को सुरक्षित तरीके से स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया है। मतदान के बाद मतपेटियां सुरक्षित रखी जाएंगी।
27 को आएगा परिणाम
मतदान शुक्रवार को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद सभी मतपेटियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। मतगणना 27 अक्तूबर को पहड़िया मंडी में सुबह आठ बजे से शुरू होगी। इसी के साथ वाराणसी खंड की दोनों एमएलसी सीटों पर किसे जीत मिलती है, इसका फैसला होगा।
मतदान को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए मतदान केंद्रों से लेकर स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल तक सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई है। पुलिस अधिकारियों ने मतदान केंद्रों, स्ट्रांग रूम और मतगणना स्थल की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की है। मतपेटियों और बैलेट पेपर को सुरक्षित तरीके से स्ट्रांग रूम तक पहुंचाने, सीसीटीवी निगरानी और प्रवेश नियंत्रण पर विशेष जोर दिया गया है। मतदान के बाद मतपेटियां सुरक्षित रखी जाएंगी।
27 को आएगा परिणाम
मतदान शुक्रवार को सुबह 8 से शाम 4 बजे तक होगा। इसके बाद सभी मतपेटियों को सुरक्षित स्ट्रांग रूम में रखा जाएगा। मतगणना 27 अक्तूबर को पहड़िया मंडी में सुबह आठ बजे से शुरू होगी। इसी के साथ वाराणसी खंड की दोनों एमएलसी सीटों पर किसे जीत मिलती है, इसका फैसला होगा।
एमएलसी चुनाव में कहीं वोटरों का दबाव, कहीं मुट्ठीभर मतदाता
गोपी राधा इंटर कॉलेज रविंद्रपुरी में 1108 और रामनगर स्थित नगर निगम के जोन कार्यालय में 80 मतदाता दर्ज हैं। हालांकि, इन आंकड़ों का अंतिम मतदाता सूची से मिलान किया जाना जरूरी है। इसके अलावा विद्यापीठ में 705 और तहसील भवन भोजूबीर में 662 मतदाताओं का उल्लेख है। दूसरी ओर, नगर निगम के रामनगर जोन कार्यालय में 80, कटिंग मेमोरियल इंटर कॉलेज नदेसर में 84 और शारदा विद्या मंदिर, गायघाट में 93 मतदाता दर्ज हैं।
स्नातक चुनाव में 38 फीसदी महिलाएं, शिक्षक में हिस्सेदारी 35 प्रतिशत
वाराणसी। शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से अधिक है, लेकिन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मुकाबले ज्यादा है। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर वाराणसी जिले में 28,230 महिला मतदाता हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 66,952 मतदाता हैं। इनमें 25,501 महिलाएं हैं। इस तरह स्नातक मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 38.1 प्रतिशत है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 7,888 मतदाता हैं। इनमें 2,729 महिलाएं हैं। यहां महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 34.6 प्रतिशत है। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर जिले में 74,840 मतदाता हैं। इनमें 28,230 महिलाएं हैं। इस तरह कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 37.7 प्रतिशत है। आंकड़े बताते हैं कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से करीब 3.5 प्रतिशत अंक अधिक है।
गोपी राधा इंटर कॉलेज रविंद्रपुरी में 1108 और रामनगर स्थित नगर निगम के जोन कार्यालय में 80 मतदाता दर्ज हैं। हालांकि, इन आंकड़ों का अंतिम मतदाता सूची से मिलान किया जाना जरूरी है। इसके अलावा विद्यापीठ में 705 और तहसील भवन भोजूबीर में 662 मतदाताओं का उल्लेख है। दूसरी ओर, नगर निगम के रामनगर जोन कार्यालय में 80, कटिंग मेमोरियल इंटर कॉलेज नदेसर में 84 और शारदा विद्या मंदिर, गायघाट में 93 मतदाता दर्ज हैं।
स्नातक चुनाव में 38 फीसदी महिलाएं, शिक्षक में हिस्सेदारी 35 प्रतिशत
वाराणसी। शिक्षक और स्नातक एमएलसी चुनाव में पुरुष मतदाताओं की संख्या महिलाओं से अधिक है, लेकिन स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महिलाओं की हिस्सेदारी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के मुकाबले ज्यादा है। अंतिम मतदाता सूची के अनुसार दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर वाराणसी जिले में 28,230 महिला मतदाता हैं। स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 66,952 मतदाता हैं। इनमें 25,501 महिलाएं हैं। इस तरह स्नातक मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 38.1 प्रतिशत है। शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 7,888 मतदाता हैं। इनमें 2,729 महिलाएं हैं। यहां महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी लगभग 34.6 प्रतिशत है। दोनों निर्वाचन क्षेत्रों को मिलाकर जिले में 74,840 मतदाता हैं। इनमें 28,230 महिलाएं हैं। इस तरह कुल मतदाताओं में महिलाओं की हिस्सेदारी लगभग 37.7 प्रतिशत है। आंकड़े बताते हैं कि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में महिला मतदाताओं की हिस्सेदारी शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से करीब 3.5 प्रतिशत अंक अधिक है।
विधानसभा से अलग है एमएलसी चुनाव, जानिए कैसे चुने जाते हैं सदस्य
उत्तर प्रदेश में विधानमंडल के दो सदन हैं। विधानसभा और विधान परिषद। विधानसभा के सदस्य यानी विधायक सामान्यतः विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं। विधान परिषद के सदस्यों के निर्वाचन की अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। इनमें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र शिक्षक मतदाता होते हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं। केवल स्नातक होने या शिक्षक के रूप में काम करने से अपने आप मतदान का अधिकार नहीं मिल जाता। संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। इस चुनाव की एक प्रमुख विशेषता वरीयता आधारित मतदान है। मतदाता मतपत्र पर अपनी पसंद के प्रत्याशियों की वरीयता निर्धारित तरीके से दर्ज करते हैं। मतगणना भी इसी चुनाव पद्धति के अनुरूप होती है।
वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के साथ चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। इस तरह दोनों सीटों का चुनाव केवल वाराणसी शहर का चुनाव नहीं है, बल्कि आठ जिलों के मतदाताओं की भागीदारी से पूरा होता है।
उत्तर प्रदेश में विधानमंडल के दो सदन हैं। विधानसभा और विधान परिषद। विधानसभा के सदस्य यानी विधायक सामान्यतः विधानसभा निर्वाचन क्षेत्रों के मतदाताओं द्वारा चुने जाते हैं। विधान परिषद के सदस्यों के निर्वाचन की अलग-अलग व्यवस्थाएं हैं। इनमें शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र भी शामिल हैं।
शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में पात्र शिक्षक मतदाता होते हैं, जबकि स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में निर्धारित शर्तें पूरी करने वाले पंजीकृत स्नातक मतदाता मतदान करते हैं। केवल स्नातक होने या शिक्षक के रूप में काम करने से अपने आप मतदान का अधिकार नहीं मिल जाता। संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की अंतिम मतदाता सूची में नाम होना जरूरी है। इस चुनाव की एक प्रमुख विशेषता वरीयता आधारित मतदान है। मतदाता मतपत्र पर अपनी पसंद के प्रत्याशियों की वरीयता निर्धारित तरीके से दर्ज करते हैं। मतगणना भी इसी चुनाव पद्धति के अनुरूप होती है।
वाराणसी खंड स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वाराणसी के साथ चंदौली, गाजीपुर, जौनपुर, मिर्जापुर, सोनभद्र, भदोही और बलिया जिले शामिल हैं। इस तरह दोनों सीटों का चुनाव केवल वाराणसी शहर का चुनाव नहीं है, बल्कि आठ जिलों के मतदाताओं की भागीदारी से पूरा होता है।
एमएलसी चुनाव में स्नातक मतदाताओं को मिला अवकाश, वेतन भी नहीं कटेगा
विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं को अवकाश मिला है। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को मतदान के लिए छुट्टी देने के निर्देश दिए हैं। मतदान के लिए अवकाश लेने पर कर्मचारियों के अर्जित या आकस्मिक अवकाश खाते से छुट्टी नहीं काटी जाएगी। उन्होंने कहा है कि मतदान के दिन पात्र स्नातक मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अवकाश प्रदान किया जाए। मंडलायुक्त ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी पात्र स्नातक मतदाताओं से मतदान के दिन अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील की।
विधान परिषद के स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में मतदान करने वाले पात्र मतदाताओं को अवकाश मिला है। मंडलायुक्त एस. राजलिंगम ने संबंधित अधिकारियों और संस्थानों को मतदान के लिए छुट्टी देने के निर्देश दिए हैं। मतदान के लिए अवकाश लेने पर कर्मचारियों के अर्जित या आकस्मिक अवकाश खाते से छुट्टी नहीं काटी जाएगी। उन्होंने कहा है कि मतदान के दिन पात्र स्नातक मतदाताओं को मताधिकार का प्रयोग करने के लिए अवकाश प्रदान किया जाए। मंडलायुक्त ने लोकतंत्र को मजबूत बनाने के लिए सभी पात्र स्नातक मतदाताओं से मतदान के दिन अपने मताधिकार का अनिवार्य रूप से प्रयोग करने की अपील की।