Varanasi: कौन है वाराणसी में सीरियल ब्लास्ट करने वाला आतंकी वलीउल्लाह, फिर से चर्चाओं में क्यों आया?
वलीउल्लाह को लखनऊ से गिरफ्तार कर वाराणसी की कचहरी में पेश किया गया था तो 20 अप्रैल 2006 को वकीलों ने उस पर हमला किया था। जिला जेल में भी उस पर हमला किया गया था। इसके बाद वकीलों को सबक सिखाने के लिए हूजी और इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने 23 नवंबर 2007 को लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद की कचहरी में ब्लास्ट किया।
विस्तार
मृत्युदंड की सजा से दंडित आतंकी वलीउल्लाह ने बनारस के लोगों को 17 साल पहले गहरा जख्म दिया था। आतंकी संगठन हूजी के दहशतगर्दों के साथ वलीउल्लाह ने बनारस में बम धमाका कर 18 लोगों की जान ली थी। उस आतंकी हमले में 76 लोग गंभीर रूप से घायल भी हुए थे।
पुलिस के अनुसार प्रयागराज के फूलपुर कस्बा निवासी वलीउल्लाह की तालीम देवबंद में हुई थी। देवबंद में ही उसकी मुलाकात बशीरुद्दीन से हुई। बशीरुद्दीन उसे अपने साथ बांग्लादेश ले गया था और वहां उसकी मुलाकात हूजी कमांडर मौलाना असदुल्लाह से कराई। मौलाना असदुल्लाह ने वलीउल्लाह को इस कदर दिग्भम्रित किया कि वह उसका शागिर्द बनकर दहशतगर्दी का प्रशिक्षण लेने लगा। प्रशिक्षण पूरा करने के बाद वलीउल्लाह वापस प्रयागराज आया। असदुल्लाह के कहने पर ही उसने आतंकी बशीरुद्दीन, जकारिया, जुबेर और मुस्तकीफ के साथ वाराणसी में सीरियल ब्लास्ट की साजिश रची। चार मार्च 2006 को पांचों आतंकी फूलपुर से प्रेशर कुकर में भरे विस्फोटक लेकर वाराणसी आए और धमाके के लिए जगह चिह्नित किया। सात मार्च 2006 को वाराणसी में सिलसिलेवार बम धमाके हुए थे। इन धमाकों में 18 लोगों की जान गई थी और 76 लोग घायल हुए थे।
2006 में लखनऊ के गोसाईंगंज क्षेत्र से हुआ था गिरफ्तार
पांच अप्रैल 2006 को लखनऊ के गोसाईंगंज क्षेत्र से फैक्ट्री मेड पिस्टल, कारतूस, डेटोनेटर और आरडीएक्स के साथ वलीउल्लाह गिरफ्तार किया गया था। आतंकी वलीउल्लाह के मुकदमे की पैरवी से वाराणसी के वकीलों ने मना कर दिया था। हाईकोर्ट के आदेश पर 24 दिसंबर 2006 को वलीउल्लाह से संबंधित मामला सुनवाई के लिए गाजियाबाद स्थानांतरित कर दिया गया था। गाजियाबाद की सत्र अदालत ने छह जून 2022 को वलीउल्लाह को संकटमोचन मंदिर में हुए धमाके के मामले में फांसी की सजा सुनाई थी। दशाश्वमेध घाट पर कुकर बम से धमाके की साजिश रचने में उसे उम्रकैद की सजा से दंडित किया गया। कैंट रेलवे स्टेशन पर धमाके के मामले में वलीउल्लाह के खिलाफ सबूत न मिलने पर उसे बरी कर दिया गया था। अदालत ने वलीउल्लाह पर 4.05 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था।
वाराणसी में सीरियल बम धमाकों को वलीउल्लाह सहित पांच आतंकियों ने अंजाम दिया था। उनमें से एक आतंकी मोहम्मद जुबेर कश्मीर में मुठभेड़ में मारा गया था। वहीं, बांग्लादेश निवासी बशीरुद्दीन, जकारिया और मुस्तकीफ गिरफ्त में नहीं आ सके। अदालत में वलीउल्लाह के खिलाफ 130 गवाह पेश हुए थे। एक चश्मदीद ने अदालत को बताया था कि उसने आतंकी को बम रखते देखा था। वहीं, दो दुकानदारों ने स्वीकार किया था कि वह कुकुर और घड़ी खरीद कर ले गया था।
वलीउल्लाह पर हमला हुआ तो फिर हुए थे धमाके
वलीउल्लाह को लखनऊ से गिरफ्तार कर वाराणसी की कचहरी में पेश किया गया था तो 20 अप्रैल 2006 को वकीलों ने उस पर हमला किया था। जिला जेल में भी उस पर हमला किया गया था। इसके बाद वकीलों को सबक सिखाने के लिए हूजी और इंडियन मुजाहिदीन के आतंकियों ने 23 नवंबर 2007 को लखनऊ, वाराणसी और फैजाबाद की कचहरी में ब्लास्ट किया। धमाके के लिए आतंकी रियाज भटकल के नेतृत्व में दहशतगर्द हेजाजी के सहयोग से युवकों का चयन कर उन्हें प्रशिक्षण दिया गया था।
सपा सरकार ने दी थी राहत देने की कोशिश
आतंकी वलीउल्लाह को वर्ष 2012 में सपा सरकार ने राहत देने का प्रयास किया था। इसके लिए सरकार और जिला प्रशासन के अफसरों के स्तर पर पत्राचार भी हुआ था। हालांकि बाद में इलाहाबाद हाईकोर्ट की कड़ी फटकार और आमजन की भारी नाराजगी के कारण सपा सरकार को बैकफुट पर आना पड़ा था।