Varanasi Weather: वाराणसी में हवा की रफ्तार थमी, कल से बदलेगा मौसम; अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस
Varanasi News: वाराणसी में पिछले दो दिनों से हवा की रफ्तार थमने और तेज धूप के कारण उमस बढ़ गई है। शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री और न्यूनतम 27.9 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने 27 जुलाई से मानसून के फिर सक्रिय होने का अनुमान जताया है, जिससे हल्की से तेज बारिश और तापमान में गिरावट की संभावना है।
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पिछले दो दिनों से तेज धूप और हवा नहीं चलने के कारण वाराणसी में उमस ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। दिन और रात दोनों समय गर्मी से राहत नहीं मिल रही है। शनिवार को भी मौसम का यही मिजाज रहा। दिनभर बादलों की आवाजाही बनी रही, लेकिन बारिश नहीं होने से उमस बरकरार रही और लोग पसीने से तरबतर होते रहे।
मौसम विभाग के अनुसार शनिवार को अधिकतम तापमान 35.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.9 डिग्री सेल्सियस अधिक रहा। वहीं न्यूनतम तापमान 27.9 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जो सामान्य से 1.6 डिग्री सेल्सियस ज्यादा रहा। तापमान और नमी बढ़ने से दिनभर लोगों को गर्मी का अहसास होता रहा।
हालांकि मौसम विभाग ने राहत के संकेत दिए हैं। बीएचयू के मौसम वैज्ञानिक प्रो. मनोज श्रीवास्तव ने बताया कि मानसून की द्रोणिका सामान्य स्थिति से दक्षिण की ओर मध्य भारत की तरफ खिसक रही है। इसके प्रभाव से उत्तर प्रदेश में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि 27 जुलाई से वाराणसी और आसपास के क्षेत्रों में हल्की से मध्यम, जबकि कुछ स्थानों पर तेज बारिश हो सकती है। इससे तापमान में गिरावट आने और उमस से राहत मिलने की उम्मीद है।
उधर, मौसम की खराबी का असर हवाई सेवाओं पर भी देखने को मिला। शनिवार को दो अंतरराष्ट्रीय समेत आठ उड़ानों के आगमन और प्रस्थान में देरी हुई, जिससे यात्रियों को लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर लंबा इंतजार करना पड़ा।
सबसे अधिक देरी शारजाह-वाराणसी-शारजाह की एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या आईएक्स-184 में हुई, जो करीब दो घंटे 50 मिनट विलंब से पहुंची और रवाना हुई। इसके अलावा चेन्नई-वाराणसी-चेन्नई की इंडिगो उड़ान संख्या 6ई-401 करीब 18 मिनट देरी से संचालित हुई, जबकि मुंबई-वाराणसी-मुंबई के लिए अकासा एयर की उड़ान भी करीब 15 मिनट विलंब से पहुंची। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार मौसम की स्थिति सामान्य होने पर उड़ानों का संचालन भी सुचारु हो जाएगा।