Varanasi Weather News: फरवरी के पहले पखवाड़े में ही तपाने लगी गर्मी, तापमान 30 के पार, छह साल का टूटा रिकॉर्ड
वाराणसी में शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 13.1 रिकॉर्ड किया गया। इस तापमान ने इस सीजन के रिकॉर्ड को तोड़ दिया।
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वाराणसी समेत आसपास के जिलों में फरवरी के पहले पखवाड़े में ही गर्मी तपने लगी है। उत्तर-पश्चिमी हवा की वजह से दिन और रात के तापमान में पिछले दो-तीन दिनों से लगातार वृद्धि हो रही है। दिन में तेज धूप के साथ रात में भी गर्मी महसूस होने लगी है। शनिवार को अधिकतम तापमान जहां 30.2 डिग्री सेल्सियस रहा, वहीं न्यूनतम तापमान भी बढ़कर 13.1 रिकॉर्ड किया गया।
शनिवार के तापमान ने इस सीजन के रिकॉर्ड को तोड़ दिया। अधिकतम और न्यूनतम तापमान भी पिछले छह साल में सबसे अधिक रहा। आम तौर पर फरवरी के महीने में हल्की ठंड रहती है। लेकिन शनिवार को दोपहर धूप अन्य दिनों की तुलना में अधिक रही।
तापमान के 30 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंचने का ही असर था कि शाम को भी गर्मी का अहसास होने लगा। तापमान सामान्य से चार डिग्री सेल्सियस अधिक और न्यूनतम तापमान भी औसत से दो डिग्री अधिक रहा। मौसम वैज्ञानिक एसएन पांडेय ने बताया कि फिलहाल मौसम अगले सप्ताह तक ऐसा ही रहेगा।
बदलते मौसम के साथ बदलें खुद का व्यवहार
इन दिनों मौसम में तेजी से बदलाव हो रहा है। फरवरी के पहले पखवारे में ही दिन में भी गर्मी का अहसास होने लगा है। मौसम में समय से पहले बदलाव बीमारियों को दावत देने वाला है। ऐसे में जरा सी चूक आप की सेहत के लिए भारी पड़ सकती है। ऐसे में सावधानी बरतने की जरूरत है।
जिला अस्पताल में इन दिनों औसतन साढ़े चार सौ से पांच सौ मरीज रोजाना उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। वहीं जिले के विभिन्न सीएचसी-पीएचसी, हेल्थवेलनेश सेंटरों पर भी मरीजों की संख्या बढ़ी है। बदलते मौसम में सर्दी, जुकाम, बुखार, बदन दर्द, सिरदर्द, आंखों में जलन, पेट दर्द की समस्या बढ़ी है। इन्हीं बीमारियों के मरीज अधिक आ रहे हैं।
खासतौर पर ऐसे लोग जिनकी इम्यूनिटी कमजोर है, वे बीमारी की चपेट में जल्दी आ रहे हैं। ऐसे में जरूरत है बदलते मौसम में खुद को बीमारियों से बचाकर सतर्कता बरती जाए। दोपहर को बाहर से घर आते ही पंखा चला लेना बीमारी की सबसे बड़ी वजह है। इससे सर्दी-गर्मी हो जाती है। सर्दी- जुकाम और फ्लू जैसी बीमारियों से बचने का सबसे आसान तरीका है, हाथों को साफ रखना। हाथों को साबुन-पानी से अच्छी तरह से धोएं।