{"_id":"5ad8c9eb4f1c1b3b0b8b5763","slug":"varanasi-villagers-unique-protest-by-effigy-of-mla","type":"story","status":"publish","title_hn":"ग्रामीणों का अनूठा विरोधः श्मशान पर सूखी वरुणा में खड़ा किया विधायक का पुतला","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
ग्रामीणों का अनूठा विरोधः श्मशान पर सूखी वरुणा में खड़ा किया विधायक का पुतला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 19 Apr 2018 10:25 PM IST
विज्ञापन
वरुणा में पानी छोड़ने के लिए ग्रामीणों का अनूठा विरोध
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वरुणा में पानी छोड़े जाने की मांग न सुनी जाने पर ग्रामीणों ने अनूठा विरोध शुरू कर दिया है। सूखी वरुणा में विधायक का पुतला खड़ा कर इसके लिए विधायक को जिम्मेदार ठहराया है। ग्रामीणों का कहना था कि वरुणा में पानी छोड़ने की मांग महीनों से की जा रही है। कई बार लोगों ने रामेश्वर में मानव शृंखला बनाकर धरना प्रदर्शन भी किया। लेकिन इसका कोई असर नहीं हुआ।
ग्रामीणों का कहना है कि काशी में वरुणा नदी के तट पर पंचक्रोशी तीर्थ स्थल का तीसरा पड़ाव है। जहां रामेश्वर महादेव को जलाभिषेक करने के लिए कई प्रांतों से तीर्थ यात्री आते रहते हैं। शास्त्रो में भी काशी में तीन श्मशान घाटों को काफी महत्व दिया गया है।
जिसमें मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र व रामेश्वर है। बावजूद भी ऐसे पवित्र स्थान पर वरुणा पानी के लिए कराह रही है। ऐसे में तीर्थ यात्री बाबा को जलाभिषेक करने के साथ शव यात्री भी दाह संस्कार करने के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि वरुणा में पानी छोड़ने के लिए रोहनिया के भाजपा विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह के साथ ज्ञानपुर नहर प्रखण्ड के अधिशाषी अभियंता से भी गुहार लगाई गई। परंतु सुनवाई नहीं हुई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने श्मशान घाट के सामने वरुणा में विधायक का पुतला खड़ा कर अनूठा विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि वरुणा में पानी होने पर किसान सब्जियों की सिंचाई के साथ पशुओं को पानी पिलाते हैं।
आज वरुणा पशु पक्षियों को भी पीने के पानी नहीं है। ज्ञानपुर नहर प्रखंड के अधिशाषी अभियंता के एन जायसवाल ने बताया कि 22 अप्रैल से तालाबों एवं वरुणा नदी को भरने के लिए नहर में पानी छोड़ा जाएगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का कहना है कि काशी में वरुणा नदी के तट पर पंचक्रोशी तीर्थ स्थल का तीसरा पड़ाव है। जहां रामेश्वर महादेव को जलाभिषेक करने के लिए कई प्रांतों से तीर्थ यात्री आते रहते हैं। शास्त्रो में भी काशी में तीन श्मशान घाटों को काफी महत्व दिया गया है।
विज्ञापन
जिसमें मणिकर्णिका, हरिश्चंद्र व रामेश्वर है। बावजूद भी ऐसे पवित्र स्थान पर वरुणा पानी के लिए कराह रही है। ऐसे में तीर्थ यात्री बाबा को जलाभिषेक करने के साथ शव यात्री भी दाह संस्कार करने के लिए परेशान हैं।
विज्ञापन
लोगों का कहना है कि वरुणा में पानी छोड़ने के लिए रोहनिया के भाजपा विधायक सुरेन्द्र नारायण सिंह के साथ ज्ञानपुर नहर प्रखण्ड के अधिशाषी अभियंता से भी गुहार लगाई गई। परंतु सुनवाई नहीं हुई।
आक्रोशित ग्रामीणों ने श्मशान घाट के सामने वरुणा में विधायक का पुतला खड़ा कर अनूठा विरोध शुरू कर दिया। किसानों का कहना है कि वरुणा में पानी होने पर किसान सब्जियों की सिंचाई के साथ पशुओं को पानी पिलाते हैं।
आज वरुणा पशु पक्षियों को भी पीने के पानी नहीं है। ज्ञानपुर नहर प्रखंड के अधिशाषी अभियंता के एन जायसवाल ने बताया कि 22 अप्रैल से तालाबों एवं वरुणा नदी को भरने के लिए नहर में पानी छोड़ा जाएगा।