मार्च के अंत तक वाराणसी के रामनगर बंदरगाह का पीपीपी माडल पर होगा संचालन
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वाराणसी। जलमार्ग-1 वाराणसी-हल्दिया के बीच परिवहन के लिए रामनगर बंदरगाह को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर दिया जा रहा है। इसके लिए टेंडर आदि की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। मार्च के अंतिम सप्ताह तक बंदरगाह को पीपीपी माडल पर सौंप दिया जाएगा।
इसके बाद संबंधित कंपनी जलपरिवहन को बढ़ावा देने संबंधी योजनाओं पर कार्य करेगी। यह बातें इंडियन वाटरवेज अथॉरिटी आफ इंडिया (आईडब्ल्यूएआई)की अध्यक्षा डॉ. अमिता प्रसाद ने सोमवार को नदेसर स्थित होटल में अमर उजाला से बातचीत में कहीं।
अंतरदेशीय जल परिवहन की संभावनाओं और अवसर को लेकर आयोजित बैठक के दौरान डॉ. अमिता ने बताया कि हल्दिया-वाराणसी जलमार्ग-1 के बीच अड़चनों और परिवहन को बढ़ावा देने को निजी क्षेत्र की कंपनी काम करेगी। बंदरगाह पर प्रबंधक तैनात होंगे तो जल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही बंदरगाह का विस्तार भी होगा।
बंदरगाह के दोनों तरफ भूमि को उपयोग में लेने की भी कवायद चल रही है। एक तरफ 65 एकड़ में फ्रेट विलेज बसाया जाएगा, इसके लिए राज्य सरकार की पहल से भूमि उपलब्ध करा दी गई है। आईडब्ल्यूएआई इस मद में अब तक 41 करोड़ रुपये राज्य सरकार को आवंटित कर दिया गया। दूसरी ओर बंदरगाह को जोड़ने वाली सड़क को बेहतर बनाने की भी दिशा में काम हो रहा है, ताकि एक साथ भारी वाहनों की आवाजाही में कोई बाधा न उत्पन्न हो।
जलमार्ग के जरिए विदेशों में जाएगा भदोही की कालीन
जल परिवहन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से नदेसर स्थित होटल में आयोजित बैठक में कोलकाता, पटना, वाराणसी, भदोही के उद्यमियों व निर्यातकों संग भी बैठक की गई। कमिश्नर दीपक अग्रवाल ने फ्रेट विलेज व अर्थ गंगा प्रोजेक्ट के संबंध में जानकारी दी। भदोही के कालीन निर्यातकों ने बंदरगाह से जलपोत के जरिए कोलकाता के रास्ते बांग्लादेश तक कालीन निर्यात पर जोर दिया।
वहीं, इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके चौधरी, राजेश भाटिया, नीरज पारिख, यूपीया के अध्यक्ष जुनैद अंसारी ने भी बंदरगाह के जरिए माल परिहवन को बढ़ावा देने को आईडब्ल्यूएआई अधिकारियों संग मंथन किया। बैठक में आईडब्ल्यूआई के ट्रैफिक एंड लॉजिस्टिक शशि भूषण शुक्ला, अलकनंदा क्रूज के निदेशक विकास मालवीय, आईडब्ल्यूएआई के तकनीकी निदेशक एके मिश्रा आदि ने विचार व्यक्त किया। धन्यवाद ज्ञापित आईडब्ल्यूएआई के ओआईसी राकेश कुमार ने किया।