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बनारस में दौड़ेगी देश की पहली लाइट मेट्रो
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देश की पहली लाइट मेट्रो रेल सेवा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में शुरू होगी। इसके लिए रेल इंडिया टेकिभनकल, व इकानॉमिक सर्विसेज (राइट्स) के सर्वे के आधार पर डीपीआर तैयार कराया जा रहा है। वाराणसी में लाइट मेट्रो सेवा इंडोनेशिया की राजधानी जकार्ता की तर्ज पर तैयार की जाएगी। इसमें राइट्स संकरी व भीड़ वाली वाराणसी की सड़कों के लिए एक व्यापक खाका तैयार किया है। माना जा रहा है कि वर्ष 2020 में वाराणसी को यह विशेष सौगात मिल जाएगी।
राइट्स ने शहर में दो रुट पर लाइट मेट्रो का खाका तैयार किया है। इसमें बाबतपुर रोड स्थित भेल से बीएचयू लंका और बेनिया बाग से सारनाथ तक लाइट मेट्रो का संचालन होगा। चार कोच वाली लाइट मेट्रो 800 यात्रियों की क्षमता वाली होगी और लाइट मेट्रो के स्टेशनों छोटे होंगे। कम लागत में बनने वाली लाइट मेट्रो के डिब्बे बाकी मेट्रो सेवाओं की तुलना में हल्के होंगे। छोटे मेट्रो ट्रेन की खूबी होगी कि कम जगह में तीव्र मोड़ भी आसानी से मुड़ जाएगी। इसमें यात्रा की प्रति व्यक्ति प्रति किमी लागत किसी कार से चलने की लागत का पांच फीसदी ही होगा। इसलिए यह जनता के लिए किफायती होगी। यहां बता दें कि राइट्स ने मेट्रो संचालन के लिए कई तरह की तकनीकी दिक्कतें बताई थी। इसके बाद लाइट मेट्रो का प्रस्ताव दिया और दो रुटों पर सर्वे रिपोेर्ट भी सौंप दी है। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कंप्रेंसिव ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
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राइट्स ने शहर में दो रुट पर लाइट मेट्रो का खाका तैयार किया है। इसमें बाबतपुर रोड स्थित भेल से बीएचयू लंका और बेनिया बाग से सारनाथ तक लाइट मेट्रो का संचालन होगा। चार कोच वाली लाइट मेट्रो 800 यात्रियों की क्षमता वाली होगी और लाइट मेट्रो के स्टेशनों छोटे होंगे। कम लागत में बनने वाली लाइट मेट्रो के डिब्बे बाकी मेट्रो सेवाओं की तुलना में हल्के होंगे। छोटे मेट्रो ट्रेन की खूबी होगी कि कम जगह में तीव्र मोड़ भी आसानी से मुड़ जाएगी। इसमें यात्रा की प्रति व्यक्ति प्रति किमी लागत किसी कार से चलने की लागत का पांच फीसदी ही होगा। इसलिए यह जनता के लिए किफायती होगी। यहां बता दें कि राइट्स ने मेट्रो संचालन के लिए कई तरह की तकनीकी दिक्कतें बताई थी। इसके बाद लाइट मेट्रो का प्रस्ताव दिया और दो रुटों पर सर्वे रिपोेर्ट भी सौंप दी है। इसी सर्वे रिपोर्ट के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने कंप्रेंसिव ट्रैफिक मोबिलिटी प्लान को सैद्धांतिक मंजूरी दी है।
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