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वाराणसी: बीएचयू की दो महिला प्रोफेसरों से 30 लाख की ठगी का आरोप, फ्लैट के नाम पर हुआ खेल; चार लोगों पर केस

Fri, 02 Oct 2026 06:11 AM IST
Aman Vishwakarma अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी।
अमर उजाला नेटवर्क, वाराणसी। Published by: Aman Vishwakarma Updated Fri, 02 Oct 2026 06:11 AM IST
सार

बीएचयू की दो महिला प्रोफेसरों ने सुंदरपुर बृजन्क्लेव में फ्लैट बुक कराने के लिए 15-15 लाख रुपये दिए थे। तय समय पर फ्लैट नहीं मिलने और रकम वापसी के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के बाद चितईपुर पुलिस ने बिल्डर समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस दस्तावेजों की जांच कर रही है।

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Varanasi Two female BHU professors allegedly defrauded 30 lakh flat scam case registered against four people
चितईपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज। - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

बीएचयू की दो महिला प्रोफेसरों से फ्लैट बुकिंग के नाम पर 30 लाख रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। फ्लैट का कब्जा नहीं मिलने और रकम वापसी के लिए दिए गए चेक बाउंस होने के बाद चितईपुर पुलिस ने बिल्डर समेत चार लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

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डॉ. रीता सिंह की शिकायत के अनुसार, मई 2021 में उन्होंने और डॉ. शबनम ने सुंदरपुर निवासी बिल्डर अविनाश उपाध्याय के सुंदरपुर बृजन्क्लेव स्थित प्रोजेक्ट में एक-एक फ्लैट बुक कराया था। दोनों ने फ्लैट के लिए 15-15 लाख रुपये दिए थे। आरोप है कि बिल्डर ने जून 2022 तक फ्लैट बनाकर कब्जा देने का वादा किया था।

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शिकायत के मुताबिक, एग्रीमेंट में यह भी तय किया गया था कि निर्धारित समय में फ्लैट नहीं मिलने पर बिल्डर दोनों की रकम ब्याज समेत वापस करेगा। तय समय बीतने के बाद भी फ्लैट तैयार नहीं हुए। शिकायतकर्ता के अनुसार, द्वितीय तल पर बुक किए गए दोनों फ्लैटों का निर्माण अब तक अधूरा है।

आरोप है कि फ्लैट नहीं मिलने के बाद दोनों प्रोफेसरों ने रकम वापस करने के लिए बिल्डर पर दबाव बनाया। काफी प्रयास के बाद बिल्डर ने दोनों को 15-15 लाख रुपये के चेक दिए। बैंक में चेक जमा करने पर दोनों बाउंस हो गए। इसके करीब एक महीने बाद दोबारा चेक दिए गए, लेकिन वे भी बैंक में भुगतान नहीं हो सके।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि पिछले दो वर्षों से बिल्डर का मोबाइल फोन बंद है। इसके बाद डॉ. रीता सिंह ने चितईपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने बिल्डर अविनाश उपाध्याय, उसके भाई कालिंदी उपाध्याय, ऋषिकेश उपाध्याय और मां के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। थाना प्रभारी राकेश गौतम ने बताया कि मामले से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।

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