फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   varanasi triple murder case police revealed three murders by MSC-Btech pass youths for 4.73 lakhs rupees

ट्रिपल मर्डर केस: एक साल बाद सुलझी गुत्थी, एमएससी-बीटेक पास युवकों ने 4.73 लाख के लिए कराई थीं तीन हत्याएं

Thu, 30 Jul 2020 02:09 PM IST
गीतार्जुन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: गीतार्जुन गौतम Updated Thu, 30 Jul 2020 02:09 PM IST
विज्ञापन
varanasi triple murder case police revealed three murders by MSC-Btech pass youths for 4.73 lakhs rupees
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी। - फोटो : अमर उजाला।

वाराणसी में गुरुवार को पुलिस ने करीब एक साल से अनसुलझे ट्रिपल मर्डर की गुत्थी सुलझाई। एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि एमएससी और बीटेक पास दो युवकों ने ऐसा शातिर दिमाग का इस्तेमाल किया कि हत्या के आरोप में तीन बेगुनाह सलाखों के पीछे हैं। प्रकरण में पुलिस ने छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और दो की तलाश की जा रही है।

विज्ञापन

एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि बीते साल मंडुवाडीह क्षेत्र का सुमित श्रीवास्तव 4.73 लाख का लोन पास कराया था। उसने इसकी जानकारी अपने दोस्त बैंककर्मी नीलकंठ उर्फ शिवम जायसवाल को दी। नीलकंठ ने यह बात अपने एमएससी पास और कंप्यूटर दुकान मालिक अभिषेक जायसवाल को बताई।
विज्ञापन



अभिषेक ने अपने बीटेक पास दोस्त सौरभ उर्फ लालू से कहा कि किसी भी तरह से सुमित के पैसे हथियाने हैं। चूंकि सुमित एलआईसी का भी काम करता था, इसलिए नीलकंठ के माध्यम से सुमित को विकास पटेल उर्फ ओले के रोहनिया क्षेत्र स्थित ट्यूबवेल पर बुलाया गया।

विज्ञापन
विज्ञापन

वहां सुमित का मोबाइल, एटीएम, आधार कार्ड छीनने के बाद उसकी गला दबाकर हत्या कर दी गई। इसके बाद अभिषेक के कहने पर सुमित के शव रामविलास पटेल ने कार से ले जाकर मिर्जापुर के राजगढ़ स्थित जंगल मे फेंक दिया।

सुमित के खाते से पैसा निकालने की कोशिश हुई लेकिन सफलता नहीं मिली। इस बीच सौरभ ने अपने दोस्त रामनगर क्षेत्र निवासी राजू और रोहनिया निवासी बृजेश के खाते में सुमित के पैसे ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। साथ ही दोनों के खाते से सुमित के खाते में भी पैसा ट्रांसफर कर दिया है, ताकि पुलिस यह माने कि सुमित जिंदा है और वह घर से कहीं अलग जगह रह रहा है।

खाते के ट्रांजेक्शन के आधार पर पुलिस ने राजू और बृजेश को बुलाना शुरू कर दिया, तो अभिषेक और सौरभ दोनों की गला घोंट कर हत्या करा दी। बृजेश का शव रोहनिया क्षेत्र में गंगा से बरामद हुआ, लेकिन राजू का चुनार पुल से गंगा में फेंका गया शव आज तक बरामद नहीं हो सका है।

एसएसपी अमित पाठक ने बताया कि वारदात में मास्टर माइंड अभिषेक जायसवाल, बैंक कर्मी नीलकंठ उर्फ शिवम जायसवाल, सहयोगी पंकज पटेल, ट्यूबवेल मालिक विकास पटेल उर्फ ओले, मजदूर शशिकांत उर्फ जवानी और ड्राइवर रामविलास पटेल को गिरफ्तार किया गया है।

इनके पास से 2.48 लाख रुपये, बृजेश व सुमित का मोबाइल, दो बाइक और एक कार बरामद की गई है। 1.62 लाख रुपये बैंक में ही फ्रीज करा दिए गए हैं। वारदात के एक अन्य मास्टरमाइंड सौरभ उर्फ लालू और उसके दोस्त सोनू मोदनवाल की तलाश की जा रही है।

पिता और जीजा के जैसा ही बेटा भी शातिर अपराधी
गिरफ्तार अभिषेक जायसवाल पुलिस के हाथों मुठभेड़ में मारे गए कृपाशंकर चौधरी का बेटा है। अभिषेक का जीजा राजेश चौधरी मिर्जापुर में अहरौरा के जंगल में गैंगवार में मारा गया था। अभिषेक के खिलाफ जीआरपी थाने में चोरी सहित अन्य आरोपों में पांच मुकदमे दर्ज हैं।

गुरुवार को अभिषेक को मीडिया के सामने पेश किया गया तो पुरनिये पुलिसकर्मियों का कहना था कि पिता और जीजा की राह पर अभिषेक भी चल निकला।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed