नागरिकता कानून पर मचे बवाल से पर्यटन कारोबार को झटका, खाली हुए होटल और लॉज
नए साल का जश्न मनाने देश-विदेश काफी पर्यटक काशी आते हैं, लेकिन बीते एक सप्ताह में पांच हजार से अधिक पर्यटकों ने टूर प्लान रद्द कर दिया है। इससे टूर एंड ट्रैवेल आपरेटर चिंतित हैं। टूर आपरेटरों के अनुसार, यदि यही हाल रहा तो नए साल पर पर्यटन कारोबार को करारी चपत लग सकती है।
हैदराबाद से 20 सदस्यीय समूह के एक दल ने सोनारपुरा स्थित एक लॉज में 20 दिसंबर को बुकिंग कराई थी। वह सात दिन तक गंगा आरती, बाबा विश्वनाथ के दर्शन पूजन और बनारस घूमने वाले थे।
नागरिकता संशोधन कानून को लेकर बिगड़े माहौल के बाद इस दल ने अपनी यात्रा रद्द कर दी। वहीं, मुंबई के आठ सदस्यीय दल ने काशी घूमने के लिए गिरजाघर स्थित एक होटल में बुकिंग कराई थी। टूर आपरेटर अनूप कुमार ने बताया कि माहौल का हवाला देते हुए मुंबई के सैलानियों ने यात्रा स्थगित कर दी। अब उन्होंने न्यू ईयर के बाद आने का कार्यक्रम बनाया है।
टूरिज्म वेलफेयर एसोसिएशन के अध्यक्ष राहुल मेहता ने बताया कि यह सच है कि घरेलू पर्यटकों ने माहौल को देखते हुए अपना टूर रद्द किया है। इससे पर्यटन कारोबार को चपत लगी है। औसतन एक घरेलू पर्यटक पांच हजार से अधिक की खरीदारी करता है।
यही हाल रहा तो नए साल पर पर्यटन कारोबार मंदा रह सकता है। बनारस में भले ही शांति का माहौल है, लेकिन सैलानियों के मन में कहीं न कहीं डार है। इसीलिए वह अपनी यात्राएं रद्द करा रहे हैं। -आकाश तिवारी, टूर ऑपरेटर
टूर आपरेटरों से जानकारी मिली है कि माहौल को देखते हुए कुछ डोमेस्टिक पर्यटकों ने बुकिंग कैंसिल कराई है। हालांकि बनारस में कोई ऐसी बात नहीं है, लेकिन फिर भी पर्यटकों के मन में भय बना हुआ है। -अविनाश चंद्र मिश्रा, ज्वाइंट डायरेक्टर, पर्यटन विभाग