वाराणसी : कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज में लगी टीम 14 अप्रैल से हो जाएगी क्वारंटीन, लिए जाएंगे सैंपल
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
वाराणसी में कोरोना संक्रमित मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों की भी जांच की जाएगी। इससे मरीजों के संपर्क में आने के बाद इनके अंदर किसी तरह के संदिग्ध या संक्रमित लक्षण के बारे में सही जानकारी मिल जाएगी। फिलहाल 14 अप्रैल तक सेवा के बाद पहली टीम पूरी तरह से क्वारंटीन हो जाएगी।
दीनदयाल अस्पताल स्थित कोविड हास्पिटल में भर्ती होने वाले संदिग्ध और संक्रमित मरीजों का इलाज करने के लिए वर्तमान में 25 सदस्यों को जिम्मेदारी दी गई है। इसमें डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ, वार्ड बॉय, स्वीपर शामिल हैं। स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन के अनुसार संक्रमित मरीजों का इलाज और देखभाल करने वाले सभी लोगों के सैंपल इनकी ड्यूटी पूरी होने के बाद लिए जाएंगे।
14 दिन के भीतर अगर कोई संक्रमण या लक्षण मिले तो समय से इलाज हो सके और किसी और पर इसका कोई प्रभाव ना पड़े। स्वास्थ्य विभाग की ओर से जारी सूची के मुताबिक जो 25 सदस्यीय टीम इस समय काम कर रही है। वह 14 अप्रैल तक अपनी जिम्मेदारी निभाएगी इसके बाद एक दूसरी टीम मरीजों की सेवा में लगाई जाएगी और पहली टीम को 14 दिन के लिए क्वारंटीन के लिए भेज दिया जाएगा।
28 के बाद घर जाने पर होगा फैसला
कोरोना मरीजों का इलाज करने वाले डॉक्टरों के घर जाने पर फैसला 28 अप्रैल के बाद हो सकेगा। ऐसा इसलिए कि 14 अप्रैल तक अस्पताल में सेवा देने के बाद सभी सदस्य अगले 14 दिन (15 से 28 अप्रैल) तक क्वारंटीन रहेंगे। इस दौरान उनके सैंपल लेकर आईएमएस माइक्रोबायोलॉजी लैब में जांच के लिए भेजे जाएंगे।
संक्रमित मरीजों की देखभाल करने वाली टीम के सैंपल एहतियातन लिए जाने हैं। ऐसा इसलिए कि उनकी सेहत के बारे में जानकारी मिल सके। पहली टीम 14 अप्रैल तक सेवा देने के बाद क्वारंटीन हो जाएगी। -डॉ. वीबी सिंह, सीएमओ