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50 फीसदी ही हुई मिठाई की बिक्री, दुकानों तक कम पहुंचे लोग
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रक्षाबंधन पर्व से एक दिन पूर्व रविवार को बाजार में सिर्फ राखी व मिठाई की लोगों ने जमकर खरीदारी की। सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक दुकानों पर भीड़ रही। साप्ताहिक बंदी में विशेष तौर पर मिले छूट का दुकानदारों और ग्राहकों ने लाभ उठाया। शहर के चेतगंज, कचहरी, रामकटोरा, सिगरा, सुंदरपुर आदि इलाकों के अधिकतर मिठाई कारोबारियों ने होम डिलिवरी की भी सुविधा दी। संक्रमण से बचाव को लेकर लोगों ने होम डिलिवरी ऑर्डर पर ज्यादा जोर दिया। हालांकि कोरोना संक्रमण को देखते हुए पिछले साल की तुलना में इस साल मिठाइयों की बिक्री 50 फीसदी कम रही।
मिठाई कारोबारियों के अनुसार एक तो लोगों में संक्रमण का खौफ और दूसरा यह कि पिछले साल मिठाई की दुकानें देर रात तक खुली रहती थीं, इस साल दुकानें शाम पांच बजे ही बंद हो गई। इससे बाजार थोड़ा प्रभावित हुआ। चेतगंज के मिठाई कारोबारी अशोक यादव ने बताया कि वरुणापार इलाके से ज्यादा होम डिलिवरी का ऑर्डर रहा। सतर्कता के साथ कर्मचारियों ने होम डिलिवरी की सुविधा प्रदान की। पिछले साल दो करोड़ की शहर भर में मिठाई की बिक्री हुई होगी, तो इस साल एक करोड़ ही हुआ।
शहर के मिठाई कारोबारियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर काजू बर्फी की ज्यादा मांग रहती है। इस बार करीब 40 फीसदी बर्फी की बिक्री हुई। इसके अलावा खीर मोहन, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, मिल्ककेक, रसभरी, छोटा लौंगलता, रस मलाई, ड्राई फ्रूट आदि की मांग रही। मिठाई के दाम में बहुत अंतर नहीं रहा, फिर भी किलो पीछे 10 से 20 रुपये ग्राहकों को पिछले साल की तुलना में अधिक देने पड़े।
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मिठाई की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को लेकर अलग से भी कर्मचारी रखे गए, जो यह देख रहे थे कि कौन बगैर मास्क और भीड़ बढ़ा रहा है। दुकानों के बाहर रस्सी से बैरिकेडिंग नुमा व्यवस्था कायम रहा, इसी दायरे में रहकर ग्राहकों ने खरीदारी की।
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मिठाई कारोबारियों के अनुसार एक तो लोगों में संक्रमण का खौफ और दूसरा यह कि पिछले साल मिठाई की दुकानें देर रात तक खुली रहती थीं, इस साल दुकानें शाम पांच बजे ही बंद हो गई। इससे बाजार थोड़ा प्रभावित हुआ। चेतगंज के मिठाई कारोबारी अशोक यादव ने बताया कि वरुणापार इलाके से ज्यादा होम डिलिवरी का ऑर्डर रहा। सतर्कता के साथ कर्मचारियों ने होम डिलिवरी की सुविधा प्रदान की। पिछले साल दो करोड़ की शहर भर में मिठाई की बिक्री हुई होगी, तो इस साल एक करोड़ ही हुआ।
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शहर के मिठाई कारोबारियों ने बताया कि रक्षाबंधन पर काजू बर्फी की ज्यादा मांग रहती है। इस बार करीब 40 फीसदी बर्फी की बिक्री हुई। इसके अलावा खीर मोहन, गुलाब जामुन, रसगुल्ला, मिल्ककेक, रसभरी, छोटा लौंगलता, रस मलाई, ड्राई फ्रूट आदि की मांग रही। मिठाई के दाम में बहुत अंतर नहीं रहा, फिर भी किलो पीछे 10 से 20 रुपये ग्राहकों को पिछले साल की तुलना में अधिक देने पड़े।
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मिठाई की दुकानों पर सोशल डिस्टेंसिंग का पालन कराने को लेकर अलग से भी कर्मचारी रखे गए, जो यह देख रहे थे कि कौन बगैर मास्क और भीड़ बढ़ा रहा है। दुकानों के बाहर रस्सी से बैरिकेडिंग नुमा व्यवस्था कायम रहा, इसी दायरे में रहकर ग्राहकों ने खरीदारी की।