{"_id":"5b6b420d4f1c1b8d6e8b4d1b","slug":"varanasi-sp-says-that-kashi-vishwanath-temple-safety-is-not-tolerated-at-any-cost","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन का वीडियो फेसबुक पर, एसएसपी ने एसपी सुरक्षा से तलब की रिपोर्ट","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन का वीडियो फेसबुक पर, एसएसपी ने एसपी सुरक्षा से तलब की रिपोर्ट
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Updated Thu, 09 Aug 2018 02:55 PM IST
विज्ञापन
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में वीडियो रिकॉर्डिंग और उसे फेसबुक के काशी विकास समिति कम्यूनिटी पेज से पोस्ट करने के मामले में एसएसपी ने एसपी सुरक्षा को प्रकरण की जांच सौंप कर अविलंब रिपोर्ट देने का निर्देश दिया है।
उधर, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने भी रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था की गोपनीयता भंग होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश कर रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी है। फेसबुक पर बीते 10 मई को काशी विकास समिति कम्यूनिटी पेज बनाया गया है।
पढ़ेंः काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक, रेड जोन का वीडियो फेसबुक पर वायरल
विज्ञापन
छह अगस्त की रात 11:18 बजे इस कम्यूनिटी पेज से फेसबुक पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन का 13 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में पांच अगस्त की रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आगमन के दृश्य की वीडियो रिकार्डिग की गई थी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन में वीडियो रिकार्डिग किए जाने और उसे फेसबुक पर पोस्ट किए जाने के संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बुधवार को कहा कि एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। वो बताएं कि किसने वीडियो रिकॉर्डिग की और उसे फेसबुक पर पोस्ट किया।
काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
विज्ञापन
उधर, लोकल इंटेलिजेंस यूनिट और इंटेलिजेंस ब्यूरो की टीम ने भी रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था की गोपनीयता भंग होने के मामले को गंभीरता से लेते हुए तफ्तीश कर रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजी है। फेसबुक पर बीते 10 मई को काशी विकास समिति कम्यूनिटी पेज बनाया गया है।
विज्ञापन
पढ़ेंः काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर चूक, रेड जोन का वीडियो फेसबुक पर वायरल
विज्ञापन
छह अगस्त की रात 11:18 बजे इस कम्यूनिटी पेज से फेसबुक पर श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन का 13 सेकेंड का वीडियो पोस्ट किया गया। वीडियो में पांच अगस्त की रात मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के श्री काशी विश्वनाथ मंदिर के आगमन के दृश्य की वीडियो रिकार्डिग की गई थी।
सुरक्षा के दृष्टिकोण से अति संवेदनशील काशी विश्वनाथ मंदिर परिक्षेत्र के रेड जोन में वीडियो रिकार्डिग किए जाने और उसे फेसबुक पर पोस्ट किए जाने के संबंध में एसएसपी आनंद कुलकर्णी ने बुधवार को कहा कि एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा को प्रकरण की जांच कर रिपोर्ट देने को कहा गया है। वो बताएं कि किसने वीडियो रिकॉर्डिग की और उसे फेसबुक पर पोस्ट किया।
काशी विश्वनाथ मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
प्रकरण सार्वजनिक होने पर फेसबुक पेज से हटाया वीडियो
demo pic
काशी विश्वनाथ मंदिर के रेड जोन में रिकॉर्डिगिं और उसे फेसबुक पर पोस्ट किए जाने का मामला बुधवार को सार्वजनिक हुआ तो काशी विकास समिति कम्यूनिटी पेज की ओर से उसे डिलीट कर दिया गया।
एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा ने बताया कि काशी विकास समिति का फेसबुक पेज चेक किया गया तो वीडियो नहीं दिखा। तफ्तीश के लिए क्राइम ब्रांच की सर्विलांस सेल की मदद ली जाएगी और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी। रेड जोन में वीडियो रिकॉर्डिगिं करना और उसे सार्वजनिक करना गंभीर मामला है।
बता दें कि काशी विकास समिति का व्हाट्स एप ग्रुप भी बीते आठ मई को बनाया गया है। इसमें 10 लोग ग्रुप एडमिन हैं, जिसमें कई प्रशासनिक महकमों के आला अफसर भी हैं। जिनका दावा है कि वे काशी विकास समिति को नहीं जानते।
इधर, रेड जोन के वीडियो और तस्वीरों के वायरल होने की जांच के बाद लोग सतर्क हो गए हैं। बुधवार की दोपहर तक रोड जोन की तस्वीरें और वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले ने उन्हें हटाना शुरू कर दिया है। मंदिर के सेवादार, पुजारी और कर्मचारियों ने भी अपनी अकाउंट से इस तरह की तस्वीरों को हटा दिया।
एसपी ज्ञानवापी सुरक्षा ने बताया कि काशी विकास समिति का फेसबुक पेज चेक किया गया तो वीडियो नहीं दिखा। तफ्तीश के लिए क्राइम ब्रांच की सर्विलांस सेल की मदद ली जाएगी और मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जाएगी। रेड जोन में वीडियो रिकॉर्डिगिं करना और उसे सार्वजनिक करना गंभीर मामला है।
बता दें कि काशी विकास समिति का व्हाट्स एप ग्रुप भी बीते आठ मई को बनाया गया है। इसमें 10 लोग ग्रुप एडमिन हैं, जिसमें कई प्रशासनिक महकमों के आला अफसर भी हैं। जिनका दावा है कि वे काशी विकास समिति को नहीं जानते।
इधर, रेड जोन के वीडियो और तस्वीरों के वायरल होने की जांच के बाद लोग सतर्क हो गए हैं। बुधवार की दोपहर तक रोड जोन की तस्वीरें और वीडियो को सोशल मीडिया पर शेयर करने वाले ने उन्हें हटाना शुरू कर दिया है। मंदिर के सेवादार, पुजारी और कर्मचारियों ने भी अपनी अकाउंट से इस तरह की तस्वीरों को हटा दिया।
प्रतिबंधित सामग्रियों का प्रयोग अनावश्यक रूप से बढ़ा
खुफिया इकाइयों के इनपुट के अनुसार बीते कुछ समय से रेड जोन में अनावश्यक रूप से मोबाइल और प्रतिबंधित सामग्रियों का उपयोग अचानक बढ़ा है। मंदिर प्रशासन की ओर से बड़ी संख्या में पास जारी कर दिया गया है, जिसमें मुकदमों में वांछित आरोपी तक शामिल हैं। खुफिया इकाइयों के अनुसार ऐसी लापरवाहियां किसी दिन सुरक्षा व्यवस्था में सेंध का बड़ा कारण बन सकती हैं।
बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर आतंकी संगठनों के निशाने पर है। इसी वजह से रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स संभालती है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी, सशस्त्र पुलिस और केंद्र व राज्य सरकार की खुफिया इकाइयों के जवान तैनात रहते हैं।
बता दें कि काशी विश्वनाथ मंदिर आतंकी संगठनों के निशाने पर है। इसी वजह से रेड जोन की सुरक्षा व्यवस्था की जिम्मेदारी सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स संभालती है। इसके साथ ही सुरक्षा व्यवस्था में पीएसी, सशस्त्र पुलिस और केंद्र व राज्य सरकार की खुफिया इकाइयों के जवान तैनात रहते हैं।