वाराणसी: रोप-वे की प्री बिड में 11 फर्म ने दिखाई रुचि, गोदौलिया से कैंट तक होगी परियोजना, 4500 यात्री बैठ सकेंगे
कमिश्नरी सभागार में पीपीपी मॉडल पर रोप-वे निर्माण को लेकर कमिश्नरी सभागार में बैठक हुई। जहां बिल्डरों ने चर्चा की। रोप-वे की प्री बिड में 11 फर्म ने रुचि दिखाई है।
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दुनियाभर के सैलानियों को बनारस के जाम से निजात दिलाने की कवायद में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना धरातल पर उतरनी शुरू हो गई है। पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर रोप-वे निर्माण को लेकर मंगलवार को कमिश्नरी सभागार में बैठक हुई। इसमें सात फर्मों ने दिलचस्पी दिखाई है। वहीं, चार फर्म के मालिक ने लिखित रूप से काम करने की इच्छा जताई है। हालांकि किससे काम लिया जाएगा, यह फाइनल बिड में ही स्पष्ट हो पाएगा।
कमिश्नर दीपक अग्रवाल की अध्यक्षता में मंगलवार को बैठक हुई। इसमें प्री-बिड में शामिल ईसीएल मैनेजमेंट एसडीएचडीएचडी, डोपल्मेयर, एफआईएल, पोमा, एक्रान इंफ्रा, एजीस इंडिया और कन्वेयर एंड रोप-वे सिस्टम फर्मों के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। इनमें से ईसीएल, डोपल्मेयर, एफआईएल व पोमा फर्मों ने लिखित रूप से रोप-वे निर्माण की इच्छा जताई।
बैठक में प्रमुख सचिव आवास, वित्त विभाग, राजस्व विभाग एवं नियोजन विभाग के अलावा परियोजना सलाहकार वैपकॉस के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में वीसी ईशा दुहन के अलावा वीडीए के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
एक नजर में प्रस्तावित रोप-वे परियोजना पर
गोदोलिया से कैंट रेलवे स्टेशन के मध्य (रथयात्रा एवं साजन तिराहा होते हुए)।
लंबाई 3.65 किलोमीटर।
यात्रा समय (एंड-टू-एंड) 15 मिनट।
केबल कार संख्या एवं विवरण - 220 केबल कार।
प्रत्येक 10 व्यक्तियों की क्षमतायुक्त, प्रत्येक 90 से 120 सेकेंड के अंतराल पर।
एक तरफ से एक समय में 4500 व्यक्तियों को यात्रा की सुविधा।
कुल प्रस्तावित स्टेशन पांच।
जमीन से 11 मीटर ऊंचाई पर होगा रोप-वे।
प्रत्येक स्टेशन काशी की थीम एवं संस्कृति पर आधारित होगा।
कुल परियोजना लागत 410.30 करोड़।