फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Varanasi News ›   Varanasi roadways buses running from Jugaad parts of buses barely getting from headquarters

वाराणसीः जुगाड़ से दौड़ रहीं रोडवेज बसें, मुख्यालय से मुश्किल से मिल रहे बसों के कलपुर्जे

Wed, 06 Jan 2021 01:18 AM IST
विचित्र सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी Published by: विचित्र सिंह Updated Wed, 06 Jan 2021 01:18 AM IST
विज्ञापन
Varanasi roadways buses running from Jugaad parts of buses barely getting from headquarters
सिटी बसों को की खस्ता हालत। - फोटो : अमर उजाला

वाराणसी में रोडवेज बसों की स्थिति ठीक नहीं है। मुख्यालय से बसों के कलपुर्जे बड़ी मुश्किल से मिल रहे हैं। वहीं क्षेत्रीय कार्यशाला में खड़ी बसों के पार्ट्स निकालकर अन्य बसों में लगाकर चलाया जा रहा है। गियर बॉक्स व इंजन की खराबी के चलते बसें कार्यशाला और डिपो में खड़ी हो रही हैं। ब्रेक शू के अभाव में जुगाड़ से ही ब्रेक ठीक करके सड़कों पर बसों को निकाला जा रहा है। यही हाल सिटी बसों का भी है।

विज्ञापन


बसों की स्थिति ठीक नहीं होने से यात्रियों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। आए दिन बसें जहां-तहां खराब होकर खड़ी हो जा रही हैं। क्षेत्रीय कार्यशाला से पार्ट्स की मांग की जा रही है। सिटी बसों की स्थिति इतनी खराब है कि रस्सी और जैसे-तैसे सीट व खिड़कियों के शीशे बांधे जा रहे हैं। आमदनी अच्छी होने के बाद भी वाराणसी परिक्षेत्र के क्षेत्रीय कार्यशाला में कलपुर्जों की कमी हो रही है। कैंट और काशी डिपो में जुगाड़ के सहारे से ही बसों का संचालन किया जा रहा है।

विज्ञापन

किसी बस का इंजन खराब है तो उसके टायर को दूसरी बसों में लगाया जा रहा है। किसी बस का गियर बाक्स व ब्रेक शू दूसरे बसों में लगाया जा रहा है। कार्यशाला के कर्मचारियों ने बताया कि पार्ट्स उपलब्ध कराने वाले ठेकेदारों का भी पैसा समय पर नहीं मिल रहा है तो बसों के पार्ट्स देर से मिल रहे हैं। इस कारण अधिकतर बसें तो कार्यशाला में ही खड़ी रह जा रही हैं। कर्मचारियों ने बताया कि इस समय जोर है कि किसी तरह बसों को सड़क पर चलने लायक बनाया जाए। जैसा आदेश मिलता वैसा किया जा रहा है।

वाराणसी परिक्षेत्र के आरएम एसके राय ने बताया कि कलपुर्जों की कोई कमी नहीं है। कार्यशाला में सामान उपलब्ध है, जरूरत पड़ने पर एक दूसरी बसों का पार्ट्स उपयोग में लिया जाता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed