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सब्र से जीत सकते हैं जिंदगी की हर जंग
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मुकद्दस रमजान में इफ्तार का सिलसिला अनवरत जारी है। रविवार को पांचवें रमजान के दिन शहर भर में इफ्तार का आयोजन किया गया। शिया मस्जिद काली महल में सौ साल पुरानी कदीमी इफ्तार में कोरोना के खात्मे की दुआख्वानी हुई। रविवार को इफ्तार के दौरान नमाज जमात से नहीं अदा हुई। लोगों ने सामाजिक दूरी का पालन करते हुए नमाज अदा की।
मजलिस को खिताब करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा कि इंसान अगर अपनी जिंदगी में सब्र करे तो उससे वो हर जंग जीत सकता है। इमाम हुसैन ने हजरत अली अकबर रसूल्लल्ला मुहम्मद मुस्तफा ने भी सब्र का पैगाम दिया। सब्र से कई मुसीबतें दूर हो जाती हैं। जाकिर हुसैन रिजवी के इस आयोजन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में इफ्तकार हुसैन, अली जावेद, साजिद हुसैन, कविश हुसैन, नौशाद हुसैन आदि लोग मौजूद रहे।
इसके बाद दुआ और मातम के साथ सभी ने देश से और दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआ की। फरमान हैदर ने बताया कि इफ्तार का प्रोग्राम सभी मस्जिदों में कोरोना के नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। शहर की मस्जिदों में मात्र पांच नमाजी और मस्जिद के कार्यकर्ता शिरकत कर रहे हैं। सभी मास्क भी पहन रहे हैं और दो गज की दूरी का पालन भी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में परवरदिगार हमपर रहमत नाजिल करेगा। यह वो महीना है जिसमें अल्लाह का बंदा सब्र से काम लेता है। अपनी भूख और प्यास को बर्दाश्त करता है और दूसरों की मदद करता है।
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मजलिस को खिताब करते हुए शिया जामा मस्जिद के प्रवक्ता हाजी फरमान हैदर ने कहा कि इंसान अगर अपनी जिंदगी में सब्र करे तो उससे वो हर जंग जीत सकता है। इमाम हुसैन ने हजरत अली अकबर रसूल्लल्ला मुहम्मद मुस्तफा ने भी सब्र का पैगाम दिया। सब्र से कई मुसीबतें दूर हो जाती हैं। जाकिर हुसैन रिजवी के इस आयोजन में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम में इफ्तकार हुसैन, अली जावेद, साजिद हुसैन, कविश हुसैन, नौशाद हुसैन आदि लोग मौजूद रहे।
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इसके बाद दुआ और मातम के साथ सभी ने देश से और दुनिया से कोरोना के खात्मे की दुआ की। फरमान हैदर ने बताया कि इफ्तार का प्रोग्राम सभी मस्जिदों में कोरोना के नियमों का पालन करते हुए आयोजित किया गया। शहर की मस्जिदों में मात्र पांच नमाजी और मस्जिद के कार्यकर्ता शिरकत कर रहे हैं। सभी मास्क भी पहन रहे हैं और दो गज की दूरी का पालन भी कर रहे हैं। हमें उम्मीद है कि आने वाले दिनों में परवरदिगार हमपर रहमत नाजिल करेगा। यह वो महीना है जिसमें अल्लाह का बंदा सब्र से काम लेता है। अपनी भूख और प्यास को बर्दाश्त करता है और दूसरों की मदद करता है।
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