वाराणसी : कोरोना को मात देने के लिए रेलवे भी है तैयार, 16 कोच आइसोलेशन वार्ड में तब्दील
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कोरोना संक्रमण से बचाव को लेकर पूर्वोत्तर रेलवे की तैयारियां भी पूरी हो गई हैं। डीआरएम विजय कुमार पंजियार के नेतृत्व में कर्मचारियों ने वाराणसी के मंडुवाडीह कोचिंग डिपो में 9 साधारण कोचों एवं सारण स्थित छपरा कोचिंग डिपों में सात साधारण कोचों को आइसोलेशन वार्ड में बदल दिया है।
इस तरह कुल 16 कोच परिवर्तित कर लिए गए हैं, शेष 16 कोचों के परिवर्तन का कार्य प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होते ही 32 कोचों के परिवर्तन का लक्ष्य पूरा हो जाएगा। इन आइसोलेशन कोचों में पारदर्शी प्लास्टिक परदों से युक्त, प्रत्येक कोच में बने आइसोलेशन वार्ड में पहला केबिन चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ के लिए है, जिसमें मरीजों के लिए आक्सीजन की सुविधा, दवा, उपकरण आदि उपलब्ध रहेगा। बाकी आठ केबिन कोरोना रोगियों के लिए तैयार किए गए हैं।
आइसोलेशन वार्ड में भारतीय शैली के शौचालय को बाथरूम में परिवर्तित किया जा रहा है। मच्छरों से बचने के लिए मच्छरदानी उपलब्ध कराई गयी है तथा उचित वेंटिलेशन भी दिया गया है। प्रत्येक केबिन में सूखा कूड़ा, गीला कूड़ा एवं खतरनाक अपशिष्ट पदार्थ के निस्तारण के लिए फुट पैडल आपरेटेड ढक्कनदार तीन अलग-अलग डस्टबिन (लाल, नीला, पीला) प्रदान किये गये हैं।
चिकित्सकों एवं पैरा मेडिकल स्टाफ की सुरक्षा के लिए पर्सनल प्रोटेक्टिव इक्यूपमेंट (पीपीई) किट उपलब्ध कराई गई है। आइसोलेशन वार्ड में तब्दील होने के साथ ही तैनात चिकित्सक व अन्य पैरा मेडिकल स्टाफ सीधे रेलवे चिकित्सालय एवं स्थानीय चिकित्सालयों में मौजूद विशेषज्ञों के संपर्क में रहेंगे।
डीरेका ने बनाए मेडिकल उपकरण
डीरेका (डीजल रेल कारखाना) में कोरोना से बचाव को लेकर मेडिकल उपकरण तैयार किये जा रहे हैं। डीरेका चिकित्सालय के लिए मेडिकल उपकरण जैसे आईवी ड्रिप स्टैंड, बेड साइड बाउल स्टैंड, पेशेंट फूड टेबल, मेडिसिन टेबल बनाकर तैयार कर लिया गया है। साथ ही साथ ब्रेक द चेन अभियान के तहत अपने कर्मचारियों के लिए पैर द्वारा संचालित हैंडवाश किओस्क बनाकर पहला आरपीएफ बैरक डीएलडब्ल्यू में लगाया गया है। इसके अतिरिक्त दो और हैंडवाश किओस्क को भी तैयार कर लिया गया है। मुख्य जनसंपर्क अधिकारी नितिन मेहरोत्रा ने बताया कि उपकरणों की डिजाइनिंग का कार्य प्लांट एवं टूल डिजाइन ऑफिस द्वारा किया गया तथा इसका निर्माण का कार्य यंत्र कक्ष के कर्मठ कर्मचारियों द्वारा बहुत ही कम समय में किया गया है।