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ठेकेदार विशाल का दोस्त चढ़ा पुलिस के हत्थे, हत्या की गुत्थी सुलझने की उम्मीद
ब्यूरो,अमर उजाला,वाराणसी
Updated Thu, 19 Oct 2017 03:18 PM IST
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बुधवार की रात घर के सामने हुई थी विशाल की हत्या
- फोटो : अमर उजाला
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पुलिस की गिरफ्त में आए इनामी बदमाश गुड्डू मामा और आबिद सिद्दीकी से पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर क्राइम ब्रांच ने बुधवार की रात ठेकेदार विशाल सिंह के दोस्त को जौनपुर से हिरासत में लिया। संभावना जताई जा रही है कि पुलिस विशाल सिंह हत्याकांड का खुलासा अब जल्द कर देगी। जगतगंज से मंगलवार की भोर में दबोचे गए इनामी गुड्डू मामा उर्फ राजकुमार बिंद और आबिद सिद्दीकी 11 अक्तूबर की शाम पौने सात बजे गया से आकर चंदौली के सकलडीहा में ठेकेदार विशाल सिंह के एक साझेदार से मिले थे। इसके साढ़े तीन घंटे बाद विद्या विहार कॉलोनी के गेट पर विशाल की गोली मार कर हत्या कर दी गई थी।
12 अक्तूबर की सुबह दोनों डीरेका के पीछे कादीपुर में मौजूद थे। इसकी पुष्टि आबिद के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के बाद हुई। दोनों से पूछताछ में विशाल के तीन साझेदारों के साथ ही पांडेयपुर निवासी उनका एक ईंट भट्ठा संचालक दोस्त भी शक के घेरे में आया। पुलिस दोनों बदमाशों से मिली जानकारियों के आधार पर विशाल हत्याकांड की कड़ी सुलझाने में लगी हुई है।
बीते सोमवार की आधी रात बाद मिंट हाउस कॉलोनी निवासी सपा पार्षद विजय जायसवाल के घर गुड्डू मामा और आबिद ने आधा घंटे में थोड़े-थोड़े अंतराल पर तीन बार अंधाधुंध फायरिंग की। विजय के कर्मचारी अखिलेश मिश्रा को जमकर पीटा और असलहे से निकली गोली उसके भाई श्रवण के पेट में लगी तो उसकी मौत हो गई।
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पार्षद के घर हुई फायरिंग की पुलिस ने सीसीटीवी देखी और विशाल की हत्या करने आए शूटरों के बारे में जानकारी देने वाले से उनकी तस्दीक कराई। शूटरों की कद काठी, उनके चलने का अंदाज, पैशन बाइक और दोनों हाथ से फायरिंग करने के तरीके के आधार पर पुलिस का शक गुड्डू मामा और आबिद पर गहराया तो दोनों से पूछताछ शुरू की गई। सामने आया कि विशाल और उनके पांडेयपुर निवासी दोस्त के बीच ढाई लाख बकाया को लेकर विवाद था।
उसी दोस्त से 11 अक्तूबर की दोपहर विशाल की नोकझोंक भी हुई थी। विशाल की हत्या के दौरान उनके दोस्त की लोकेशन लहरतारा में मिली। साथ ही, अहम बात यह है कि 12 अक्तूबर को विशाल के अंतिम संस्कार में शामिल न होकर उनका दोस्त बक्सर चला गया था।
वहीं, विशाल का आजमगढ़ निवासी एक साझेदार पांच अक्तूबर को पुराने मामले में जेल जाता है तो चंदौली जिला निवासी एक साझेदार उसी दिन मुंबई चला जाता है। इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि दो बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। दोनों फिलहाल गिरफ्तार नहीं हैं। उनसे मिली अहम जानकारियों की तस्दीक कर उन्हें जल्द ही जेल भेजा जाएगा।
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12 अक्तूबर की सुबह दोनों डीरेका के पीछे कादीपुर में मौजूद थे। इसकी पुष्टि आबिद के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगालने के बाद हुई। दोनों से पूछताछ में विशाल के तीन साझेदारों के साथ ही पांडेयपुर निवासी उनका एक ईंट भट्ठा संचालक दोस्त भी शक के घेरे में आया। पुलिस दोनों बदमाशों से मिली जानकारियों के आधार पर विशाल हत्याकांड की कड़ी सुलझाने में लगी हुई है।
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बीते सोमवार की आधी रात बाद मिंट हाउस कॉलोनी निवासी सपा पार्षद विजय जायसवाल के घर गुड्डू मामा और आबिद ने आधा घंटे में थोड़े-थोड़े अंतराल पर तीन बार अंधाधुंध फायरिंग की। विजय के कर्मचारी अखिलेश मिश्रा को जमकर पीटा और असलहे से निकली गोली उसके भाई श्रवण के पेट में लगी तो उसकी मौत हो गई।
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पार्षद के घर हुई फायरिंग की पुलिस ने सीसीटीवी देखी और विशाल की हत्या करने आए शूटरों के बारे में जानकारी देने वाले से उनकी तस्दीक कराई। शूटरों की कद काठी, उनके चलने का अंदाज, पैशन बाइक और दोनों हाथ से फायरिंग करने के तरीके के आधार पर पुलिस का शक गुड्डू मामा और आबिद पर गहराया तो दोनों से पूछताछ शुरू की गई। सामने आया कि विशाल और उनके पांडेयपुर निवासी दोस्त के बीच ढाई लाख बकाया को लेकर विवाद था।
उसी दोस्त से 11 अक्तूबर की दोपहर विशाल की नोकझोंक भी हुई थी। विशाल की हत्या के दौरान उनके दोस्त की लोकेशन लहरतारा में मिली। साथ ही, अहम बात यह है कि 12 अक्तूबर को विशाल के अंतिम संस्कार में शामिल न होकर उनका दोस्त बक्सर चला गया था।
वहीं, विशाल का आजमगढ़ निवासी एक साझेदार पांच अक्तूबर को पुराने मामले में जेल जाता है तो चंदौली जिला निवासी एक साझेदार उसी दिन मुंबई चला जाता है। इस संबंध में एसएसपी राम कृष्ण भारद्वाज ने बताया कि दो बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। दोनों फिलहाल गिरफ्तार नहीं हैं। उनसे मिली अहम जानकारियों की तस्दीक कर उन्हें जल्द ही जेल भेजा जाएगा।
‘चुनाव लड़ना चाहता हूं, इसमें बुरा क्या है...’
गुड्डू मामा उर्फ राजकुमार बिंद और आबिद सिद्दीकी
- फोटो : अमर उजाला
पुलिस को गुड्डू मामा ने बताया कि वह राजादरवाजा वार्ड से पार्षद का चुनाव लड़ना चाहता है और उसकी राह में विजय जायसवाल सबसे बड़ी बाधा है। इसीलिए उसकी हत्या करने की तैयारी से सोमवार की रात वो आबिद को लेकर आया था लेकिन फायरिंग के बाद भी विजय बाहर नहीं निकले तो वापस लौटना पड़ा। गुड्डू मामा ने पुलिस से कहा कि वह चुनाव लड़ना चाहता है तो इसमें बुरा क्या है।
गुड्डू मामा ने पुलिस को बताया कि वो और फरार रईस बनारसी कभी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। इस वजह से पुलिस की गिरफ्त में आने से बचे रहे। बताया कि बहुत जरूरत पड़ती है तो किसी ऐसे के मोबाइल से बात की जाती है जिसका जरायम जगत से कोई वास्ता नहीं है। इसके अलावा पत्नी के मोबाइल से भी संकेतों में बेहद जरूरी बातें कम शब्दों में कर ली जाती हैं।
गया से खरीदी गई थीं तीनों पिस्टल
गुड्डू मामा और आबिद के पास से बरामद हुई तीनों पिस्टल गया से खरीदी गई थीं। नाइन एमएम की पिस्टल 25 हजार रुपये में और .32 बोर की पिस्टल 22-22 हजार रुपये में ली गई थी। पुलिस ने पूछा कि असलहे खरीदने के लिए रुपये किसने दिए थे तो बदमाश चुप्पी साध गए।
कई राज समेटे है एक सिम
विशाल के एक बेहद करीबी का सिम कई राज समेटे है। विशाल का करीबी होने के बावजूद कभी उस सिम से उनकी बात नहीं हुई। पुलिस उस सिम का राज पता करने में भी जुटी हुई है। माना जा रहा है कि हत्या की गुत्थी सुलझाने में यह सिम अहम भूमिका निभाएगी।
सपा पार्षद को मिली सुरक्षा, जल्द मिलेगा लाइसेंस
सपा के निवर्तमान पार्षद विजय जायसवाल की सुरक्षा के लिए बुधवार को कारबाइन से लैस एक कांस्टेबल तैनात किया गया है। विजय ने बताया कि जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही उन्हें असलहे का लाइसेंस दिया जाएगा।
गुड्डू मामा ने पुलिस को बताया कि वो और फरार रईस बनारसी कभी मोबाइल का इस्तेमाल नहीं करते हैं। इस वजह से पुलिस की गिरफ्त में आने से बचे रहे। बताया कि बहुत जरूरत पड़ती है तो किसी ऐसे के मोबाइल से बात की जाती है जिसका जरायम जगत से कोई वास्ता नहीं है। इसके अलावा पत्नी के मोबाइल से भी संकेतों में बेहद जरूरी बातें कम शब्दों में कर ली जाती हैं।
गया से खरीदी गई थीं तीनों पिस्टल
गुड्डू मामा और आबिद के पास से बरामद हुई तीनों पिस्टल गया से खरीदी गई थीं। नाइन एमएम की पिस्टल 25 हजार रुपये में और .32 बोर की पिस्टल 22-22 हजार रुपये में ली गई थी। पुलिस ने पूछा कि असलहे खरीदने के लिए रुपये किसने दिए थे तो बदमाश चुप्पी साध गए।
कई राज समेटे है एक सिम
विशाल के एक बेहद करीबी का सिम कई राज समेटे है। विशाल का करीबी होने के बावजूद कभी उस सिम से उनकी बात नहीं हुई। पुलिस उस सिम का राज पता करने में भी जुटी हुई है। माना जा रहा है कि हत्या की गुत्थी सुलझाने में यह सिम अहम भूमिका निभाएगी।
सपा पार्षद को मिली सुरक्षा, जल्द मिलेगा लाइसेंस
सपा के निवर्तमान पार्षद विजय जायसवाल की सुरक्षा के लिए बुधवार को कारबाइन से लैस एक कांस्टेबल तैनात किया गया है। विजय ने बताया कि जिलाधिकारी ने आश्वस्त किया है कि जल्द ही उन्हें असलहे का लाइसेंस दिया जाएगा।