यूपी: घर में हो रही थी बहन की शादी की तैयारी, तभी भाई को मिली अपने दिल की बीमारी की जानकारी
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घर में बहन के शादी की तैयारी चल रही हो, इसी दौरान घर के श्रवण कुमार यानी भाई को अपने हृदय की गंभीर बीमारी के बारे में पता चल जाए। सहज अंदाजा लगाया जा सकता है कि कैसे उस घर की खुशियों को ग्रहण लग गया होगा। उस घर के जिम्मेदार भाई पर क्या बीत रही होगी जिसको अपनी इस गंभीर बीमारी के बारे पता चला।
ऐसे में पैरों तले जमीन खिसकना स्वाभाविक है। लेकिन वो कहते हैं न कि ऊपर वाला जब सारे रास्ते बंद कर देता है, तो उम्मीद की किरण भी वही दिखाता है। ये हकीकत वाराणसी के सारनाथ थाने पर तैनात सिपाही सचिन कुमार गौड़ की है।
दरसअल, मूल रूप से मऊ निवासी सचिन कुमार गौड़ सारनाथ थाने के पुराने पुल स्थित चौकी पर कांस्टेबल के पद पर तैनात हैं। कुछ दिन पहले ही सचिन को अपने ह्रदय के वाल्व के खराब होने की बीमारी के बारे में पता चला। मानों सचिन के ऊपर जैसे दुखों का पहाड़ टूट पड़ा हो।
पारिवार की आर्थिक जिम्मेदारी उठाने वाला ही जब इस हाल में हो, जो पाई-पाई जोड़कर बहन के शादी की तैयारी कर रहा हो। उसको तो कुछ सूझ ही नहीं रहा था कि क्या करे, क्योंकि ऑपरेशन का बजट आठ लाख से ज्यादा था और उस अकेले के लिए इतना धन इकट्ठा करना मुश्किल ही नामुमकिन दिख रहा था।
जब इस बारे में थाना प्रभारी इंद्र भूषण यादव को जानकारी मिली तो उन्होंने अपने सभी सहयोगियों से मीटिंग की और सचिन को इस आर्थिक संकट से उबारने के लिए मदद करने की ठानी। थाना प्रभारी की इस सकारात्मक सोच को सभी ने सलाम किया और इस नेक काम के लिए अपने मासिक वेतन में से सहयोग किया।
इसकी जानकारी जब समाज के संभ्रांत लोगों को हुई तो उनके द्वारा भी सहयोग का हाथ बढ़ाया गया जिसमें आशापुर निवासी पवन पांडे ने 20 हजार रुपए की सहयोग राशि दी। कहते हैं न कि बूंद-बूंद से सागर भरता है और ऐसा ही कुछ हुआ। सचिन की मदद के लिए एक दिन में 3 लाख रुपए इकट्ठा हो गए।
मुझे जीवनदान मिला
कांस्टेबल सचिन ने बताया कि घर की पूरी जिम्मेदारी मेरे ऊपर है। मई में छोटी बहन पूजा की शादी भी करनी है। ऐसे में इतनी गंभीर बीमारी की जानकारी होते ही मेरे पैरों तले जमीन खिसक गई। लेकिन सारनाथ थाने के सभी अधिकारियों व मेरे समकक्ष सिपाहियों ने मेरा सहयोग कर मुझे जीवनदान दिया है। आशा करता हूं कि बहन की शादी तक मैं स्वस्थ हो जाऊं और धूमधाम से शादी करा सकूं।
अभी और करेंगे मदद
थाना प्रभारी इंद्र भूषण यादव ने बताया कि सचिन कुमार के ऑपरेशन के लिए 8 लाख 20 हजार रूपए की जरूरत है और उसका ऑपरेशन गुरुग्राम हरियाणा के मेदांता अस्पताल में होना है। हमने पहले ही दिन 3 लाख रुपए की सहयोग राशि इकट्ठा कर दे दी है। हमारा प्रयास होगा कि अधिक से अधिक अपने साथी की आर्थिक मदद कर सकें।