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एक्शन में वाराणसी पुलिस: धोखाधड़ी के आरोप में 2 सगे भाइयों सहित 7 के खिलाफ दर्ज किया मुकदमा, जानें- पूरा मामला
Tue, 23 Jan 2024 04:21 PM IST
प्रगति चंद
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, वाराणसी
Published by: प्रगति चंद
Updated Tue, 23 Jan 2024 04:21 PM IST
सार
शिकायतकर्ता के अनुसार अनुसार, नकाईन गांव निवासी महेंद्र प्रसाद के प्रार्थना पत्र की जांच तीन सदस्यीय कमेटी से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट में खामी मिली। ऐसे में जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में सात आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : सोशल मीडिया
विस्तार
अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय/ प्रभारी अधिकारी अभिलेखागार (माल) प्रज्ञा सिंह की तहरीर के आधार पर कैंट थाने में धोखाधड़ी सहित अन्य आरोपों में दो सगे भाइयों सहित सात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों में रोहनिया क्षेत्र के नकाईन निवासी सगे भाई मंगला प्रसाद व विजय लाल, बासमती देवी, सुरेंद्र व उसकी मां राधा देवी और चंद्रमा व उसकी मां बतासी देवी का नाम शामिल है। पुलिस ने प्रकरण की जांच शुरू कर दी है।
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अपर नगर मजिस्ट्रेट द्वितीय/प्रभारी अधिकारी अभिलेखागार (माल) प्रज्ञा सिंह के अनुसार, नकाईन गांव निवासी महेंद्र प्रसाद के प्रार्थना पत्र की जांच तीन सदस्यीय कमेटी से कराई गई थी। जांच रिपोर्ट के अनुसार महेंद्र प्रसाद द्वारा 3 जनवरी 2014 और 30 नवंबर 2016 को अभिलेखागार (माल) में फसली वर्ष 1291 के खाता संख्या-47 स्थित नकाईन की नकल ली गई थी, जो सही है। पुनः 28 जून 2019 को उक्त खाते की नकल अभिलेखागार (माल) से प्राप्त करने पर भरोस पुत्र पाल के स्थान पर भरोस पुत्र गुरुदयाल अंकित पाया गया।
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जांच रिपोर्ट के अनुसार विपक्षी द्वारा अनुचित लाभ प्राप्त करने के लिए राजातालाब के उप जिलाधिकारी के समक्ष उत्तर प्रदेश राजस्व संहिता-2006 की धारा 144 का वाद दाखिल किया गया है। उक्त अवधि 25 नवंबर 2016 से 1 जुलाई 2022 तक मूल दस्तावेजों में कूटरचना किए जाने की रिपोर्ट दी गई है। मंगला प्रसाद, विजय लाल, बासमती देवी, सुरेंद्र, राधा देवी, चंद्रमा और बतासी देवी द्वारा अपने व्यक्तिगत लाभ के लिए कूटरचित प्रयास किया गया है। ऐसे में जिलाधिकारी के आदेश के क्रम में सात आरोपियों के खिलाफ कैंट थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया है।
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